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शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति मामले में सरकार को जवाब देने के निर्देश
Updated Wed, 20 Sep 2017 02:07 AM IST
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नैनीताल (ब्यूरो)। हाइकोर्ट ने राजकीय महाविद्यालयों में प्रवक्ता पद पर संविदा में नियुक्त शिक्षकों को स्थायी करने के मामले में सरकार और अन्य पक्षकारों से तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की संयुक्त खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। चमोली निवासी सचिन सेमवाल और अन्य ने याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने राजकीय महाविद्यालयों में 2010 में नियुक्त संविदा प्रवक्ता को स्थायी नियुक्ति दे दी है। यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के खिलाफ है। हाइकोर्ट ने एक जून को याचिका स्वीकार कर राज्य सरकार और अन्य पक्षकारों को अपना जवाब दाखिल करने को कहा था लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी जवाब दाखिल नहीं किया गया।
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वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की संयुक्त खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। चमोली निवासी सचिन सेमवाल और अन्य ने याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने राजकीय महाविद्यालयों में 2010 में नियुक्त संविदा प्रवक्ता को स्थायी नियुक्ति दे दी है। यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के खिलाफ है। हाइकोर्ट ने एक जून को याचिका स्वीकार कर राज्य सरकार और अन्य पक्षकारों को अपना जवाब दाखिल करने को कहा था लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी जवाब दाखिल नहीं किया गया।
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