{"_id":"5c7999efbdec22738813c633","slug":"61551473135-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पक्षियों के संरक्षण को विकसित होगा तुमड़िया डाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पक्षियों के संरक्षण को विकसित होगा तुमड़िया डाम
विज्ञापन
हस्तिनापुर सेंचुरी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामनगर (नैनीताल)। देश, विदेश से जाने आने वाले पक्षियों के प्रवास के लिए तुमड़िया डाम को विकसित किया जा रहा है। तुमड़िया डाम को विकसित करने के लिए तराई पश्चिमी वन प्रभाग की ओर से 40 लाख रुपये का प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा है। शासन की मंजूरी मिलते ही तुमड़िया डाम को विकसित करने का काम शुरू हो जाएगा।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के दक्षिणी जसपुर रेंज के वन क्षेत्र के बीच तुमड़िया/भोगपुर डाम हैं, इनका क्षेत्रफल 2999.24 हेक्टेयर है। इसे सिंचाई विभाग की ओर से बनाया गया है। डाम के निर्माण से पूर्व इस क्षेत्र में साल वन था। इस डाम से यूपी, उत्तराखंड के किसानों के लिए सिंचाई का पानी और मत्स्य पालन का कार्य भी किया जाता है। डैम सिंचाई विभाग को हस्तांतरित वन भूमि पर स्थित है और उक्त भूमि पर स्वत्व वन भूमि ही है, जिस पर वन विभाग के समस्त नियम लागू होते हैं। इस डाम में प्रवासी पक्षियों का आवागमन होता है। तुमड़िया डाम में कोसी, ढेला, फीका नदियों का पानी आता है। वन क्षेत्र के छोटे-छोटे नालों का पानी भी संग्रहित होता है। जैव विविधता का सुंदर तालमेल इस क्षेत्र में विद्यमान है। उक्त परिस्थितियों के कारण यह क्षेत्र प्राकृतिक रूप से वन्य प्राणियों के संरक्षण, संवर्धन और विकास के अनुकूल स्थिति प्रदान करती है। इस जलाशय में शरद ऋतु में विविध प्रजाति के स्थानीय, अप्रवासी पक्षियों का आगमन होता है।
पक्षियों के संरक्षण को विकसित होगा तुमड़िया डाम
तराई पश्चिमी वन प्रभाग ने शासन को भेजा प्रस्ताव
40 लाख रुपये के प्रोजेक्ट से विकसित किया जाएगा
यह बनाया गया प्रोजेक्ट
जैव विविधता संरक्षण के लिए 40 लाख रुपये का प्रोजेक्ट बनाया गया है। इसमें डाम के उत्तरी वन क्षेत्र के किनारे चार वॉच टावरों का निर्माण, डाम के वाच टावरों, वन क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्गों की मरम्मत, निर्माण कार्य, वन क्षेत्र में डाम क्षेत्र तक जाने-आने वाले रास्तों का पुनर्निर्माण कार्य, डाम के दक्षिणी छोर पर बंधे में कई जगह पर पर्यावरण वन सुरक्षा संबंधी, वन्यजीवों, प्रवासी पक्षियों से संबंधी जानकारी के लिए बोर्ड तैयार करना और उन्हें स्थापित करना आदि काम है।
विज्ञापन
इन प्रवासी पक्षियों का है आवागमन
हैडेट गीज, गारमेन, इग्रेटस, ब्लैक आइक्सि, ग्रेलैग गूल, कॉमन पोचर्ड, ग्लॉसी आइबिस, ग्रे हेरॉन, नार्थन शोवेलर, ब्लैक हैडेड गल, रेड क्रेस्टेड पोचर्ड, डार्टर, कोरमोरेंट, व्हाइट ब्रेस्टेट आदि है।
प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए तुमड़िया डाम को विकसित किया जाएगा। शासन को प्रोजेक्ट बनाकर भेज दिया गया है, मंजूरी मिलते ही पक्षियों के संरक्षण के लिए काम शुरू कर दिया जाएगा। - डीके सिंह, डीएफओ, तराई पश्चिमी वन प्रभाग
विज्ञापन
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के दक्षिणी जसपुर रेंज के वन क्षेत्र के बीच तुमड़िया/भोगपुर डाम हैं, इनका क्षेत्रफल 2999.24 हेक्टेयर है। इसे सिंचाई विभाग की ओर से बनाया गया है। डाम के निर्माण से पूर्व इस क्षेत्र में साल वन था। इस डाम से यूपी, उत्तराखंड के किसानों के लिए सिंचाई का पानी और मत्स्य पालन का कार्य भी किया जाता है। डैम सिंचाई विभाग को हस्तांतरित वन भूमि पर स्थित है और उक्त भूमि पर स्वत्व वन भूमि ही है, जिस पर वन विभाग के समस्त नियम लागू होते हैं। इस डाम में प्रवासी पक्षियों का आवागमन होता है। तुमड़िया डाम में कोसी, ढेला, फीका नदियों का पानी आता है। वन क्षेत्र के छोटे-छोटे नालों का पानी भी संग्रहित होता है। जैव विविधता का सुंदर तालमेल इस क्षेत्र में विद्यमान है। उक्त परिस्थितियों के कारण यह क्षेत्र प्राकृतिक रूप से वन्य प्राणियों के संरक्षण, संवर्धन और विकास के अनुकूल स्थिति प्रदान करती है। इस जलाशय में शरद ऋतु में विविध प्रजाति के स्थानीय, अप्रवासी पक्षियों का आगमन होता है।
विज्ञापन
पक्षियों के संरक्षण को विकसित होगा तुमड़िया डाम
तराई पश्चिमी वन प्रभाग ने शासन को भेजा प्रस्ताव
40 लाख रुपये के प्रोजेक्ट से विकसित किया जाएगा
यह बनाया गया प्रोजेक्ट
जैव विविधता संरक्षण के लिए 40 लाख रुपये का प्रोजेक्ट बनाया गया है। इसमें डाम के उत्तरी वन क्षेत्र के किनारे चार वॉच टावरों का निर्माण, डाम के वाच टावरों, वन क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्गों की मरम्मत, निर्माण कार्य, वन क्षेत्र में डाम क्षेत्र तक जाने-आने वाले रास्तों का पुनर्निर्माण कार्य, डाम के दक्षिणी छोर पर बंधे में कई जगह पर पर्यावरण वन सुरक्षा संबंधी, वन्यजीवों, प्रवासी पक्षियों से संबंधी जानकारी के लिए बोर्ड तैयार करना और उन्हें स्थापित करना आदि काम है।
विज्ञापन
इन प्रवासी पक्षियों का है आवागमन
हैडेट गीज, गारमेन, इग्रेटस, ब्लैक आइक्सि, ग्रेलैग गूल, कॉमन पोचर्ड, ग्लॉसी आइबिस, ग्रे हेरॉन, नार्थन शोवेलर, ब्लैक हैडेड गल, रेड क्रेस्टेड पोचर्ड, डार्टर, कोरमोरेंट, व्हाइट ब्रेस्टेट आदि है।
प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए तुमड़िया डाम को विकसित किया जाएगा। शासन को प्रोजेक्ट बनाकर भेज दिया गया है, मंजूरी मिलते ही पक्षियों के संरक्षण के लिए काम शुरू कर दिया जाएगा। - डीके सिंह, डीएफओ, तराई पश्चिमी वन प्रभाग