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किसी व्यक्ति के विकास में बाधक न बनें बैंक
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पंजाब नेशनल बैंक
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हल्द्वानी। कृषि एवं फलोत्पादन क्षेत्र में बढ़ रही संभावनाओं के चलते शासन-प्रशासन उद्यमियों को हरसंभव मदद देगा। बैंकों को किसी व्यक्ति के विकास में बाधक नहीं बनना चाहिए बल्कि सकारात्मक सोच रखते हुए युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराना चाहिए। जिलाधिकारी वीके सुमन ने खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमों को विकसित करने और उद्यमियों को जागरूक करने के लिए विकासखंड सभागार में आयोजित कार्यशाला में उक्त बात कही।
ब्लॉक प्रमुख भोला दत्त भट्ट ने कहा कि सरकारी क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसर होने के कारण युवाओं को अपनी प्रतिभा को पहचानते हुए बाजार की मांग एवं आपूर्ति के अनुसार सूक्ष्म एवं लघु उद्योग स्थापित करना चाहिए। सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों की स्थापना और स्थानीय उत्पादों का उचित मूल्य मिलने से रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी और पलायन भी रुकेगा। सीडीओ विनीत कुमार ने कहा कि वर्तमान में फूड प्रोसेसिंग के लिए जनपद में 16 क्लस्टर एवं 49 स्थानों की 26 फसलों को चिह्नित किया है। एमएसएमई योजना के अंतर्गत फूड प्रोसेसिंग यूनिट के महत्व, संभावना और जागरूकता के लिए जिले के विभिन्न स्थानों पर 19 फरवरी तक 18 कैंप आयोजित किए जाएंगे। जनवरी में लाभार्थियों का चयन किया जाएगा और फरवरी में प्रशिक्षण दिया जाएगा। मार्च में उनका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इस दौरान रमेश पंत, वरुण विकल कुमार, केसी टम्टा, धनपत कुमार, डॉ. पीसी भंडारी, रमेश बिंदोला, मनोहर दत्त जोशी, चंचल कांबोज, राजकुमार, लता जोशी, पंकज पांडे, मोहित सिंह बिष्ट, बसंत दुर्गापाल आदि थे।
किसी व्यक्ति के विकास में बाधक न बनें बैंक : डीएम
सकारात्मक सोच के साथ युवाओं को प्राथमिकता के आधार ऋण दें
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ब्लॉक प्रमुख भोला दत्त भट्ट ने कहा कि सरकारी क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसर होने के कारण युवाओं को अपनी प्रतिभा को पहचानते हुए बाजार की मांग एवं आपूर्ति के अनुसार सूक्ष्म एवं लघु उद्योग स्थापित करना चाहिए। सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों की स्थापना और स्थानीय उत्पादों का उचित मूल्य मिलने से रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी और पलायन भी रुकेगा। सीडीओ विनीत कुमार ने कहा कि वर्तमान में फूड प्रोसेसिंग के लिए जनपद में 16 क्लस्टर एवं 49 स्थानों की 26 फसलों को चिह्नित किया है। एमएसएमई योजना के अंतर्गत फूड प्रोसेसिंग यूनिट के महत्व, संभावना और जागरूकता के लिए जिले के विभिन्न स्थानों पर 19 फरवरी तक 18 कैंप आयोजित किए जाएंगे। जनवरी में लाभार्थियों का चयन किया जाएगा और फरवरी में प्रशिक्षण दिया जाएगा। मार्च में उनका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इस दौरान रमेश पंत, वरुण विकल कुमार, केसी टम्टा, धनपत कुमार, डॉ. पीसी भंडारी, रमेश बिंदोला, मनोहर दत्त जोशी, चंचल कांबोज, राजकुमार, लता जोशी, पंकज पांडे, मोहित सिंह बिष्ट, बसंत दुर्गापाल आदि थे।
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किसी व्यक्ति के विकास में बाधक न बनें बैंक : डीएम
सकारात्मक सोच के साथ युवाओं को प्राथमिकता के आधार ऋण दें