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कछुए होंगे संरक्षित
Updated Mon, 16 Jul 2018 02:04 AM IST
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खटीमा में वन्य जंतुओं के पानी पीने के लिए वन विभाग द्वारा पानी से भरे गए वाटर होल
- फोटो : अमर उनाला
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हल्द्वानी। जलीय जीवों को बचाने के लिए हल्द्वानी वन प्रभाग ने अनूठी पहल की है। इसके तहत शारदा नदी के किनारे कछुओं को संरक्षित किया जा रहा है। एक्विटिक बायो डायवर्सिटी जोन में दुर्लभ किस्म के कछुए संरक्षित किए जा रहे हैं।
हल्द्वानी वन प्रभाग की शारदा रेंज के अंतर्गत बैराज के पास डिग्रेड हो चुकी छह हेक्टेयर वन भूमि में एक एक्विटीक बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन जोन बनाया है। इस तालाब में जलीय जीवों को संरक्षित किया जा रहा है। इसी क्रम में नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य में पाए जाने वाले दुर्लभ प्रजाति के कछुए, सामान्य कछुओं को छोड़ा जा रहा है। इनका शिकार रोकने के लिए वन टीम की भी तैनाती की गई है। वन विभाग का मानना है कि पनपने का वातावरण मिलने पर तेजी से विलुप्त हो रहे कछुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी। करीब आधा दर्जन कछुए छोड़े जा चुके हैं।
नंधौर में मिला है दुर्लभ प्रजाति का कछुआ
नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य में बेहद दुर्लभ थ्री कील्ड लैंड प्रजाति के दो कछुए पिछले साल मिले है। ये कछुए कुमाऊं में पहली बार नंधौर में देखे गए हैं।
टनकपुर में शारदा रेंज में एक तालाब बनाया है। इसमें कछुओं को संरक्षित किया जा रहा है। कछुओं की सुरक्षा के लिए वन टीमें भी तैनात की गई हैं।
- चंद्रशेखर सनवाल, डीएफ ओ हल्द्वानी वन प्रभाग।
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हल्द्वानी वन प्रभाग की शारदा रेंज के अंतर्गत बैराज के पास डिग्रेड हो चुकी छह हेक्टेयर वन भूमि में एक एक्विटीक बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन जोन बनाया है। इस तालाब में जलीय जीवों को संरक्षित किया जा रहा है। इसी क्रम में नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य में पाए जाने वाले दुर्लभ प्रजाति के कछुए, सामान्य कछुओं को छोड़ा जा रहा है। इनका शिकार रोकने के लिए वन टीम की भी तैनाती की गई है। वन विभाग का मानना है कि पनपने का वातावरण मिलने पर तेजी से विलुप्त हो रहे कछुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी। करीब आधा दर्जन कछुए छोड़े जा चुके हैं।
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नंधौर में मिला है दुर्लभ प्रजाति का कछुआ
नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य में बेहद दुर्लभ थ्री कील्ड लैंड प्रजाति के दो कछुए पिछले साल मिले है। ये कछुए कुमाऊं में पहली बार नंधौर में देखे गए हैं।
टनकपुर में शारदा रेंज में एक तालाब बनाया है। इसमें कछुओं को संरक्षित किया जा रहा है। कछुओं की सुरक्षा के लिए वन टीमें भी तैनात की गई हैं।
- चंद्रशेखर सनवाल, डीएफ ओ हल्द्वानी वन प्रभाग।