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जुखाम, उल्टी से कुकना गांव में युवक की मौत
Updated Fri, 09 Mar 2018 02:16 AM IST
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गरनावठी ऑनर किलिंग में मां बाप और भाई को उम्रकैद
- फोटो : अमर उजाला
भीमताल (नैनीताल)। पहाड़ों में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के चलते मामूली सी बीमारियों में भी लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। ओखलकांडा ब्लॉक के कुकना गांव के एक युवक की जुकाम और उल्टी के बाद बृहस्पतिवार सुबह अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार कुकना गांव के प्रेम सिंह (30) पुत्र दीवान सिंह पिछले दो दिनों से सर्दी-जुकाम से पीड़ित था। बृहस्पतिवार सुबह चार बजे प्रेम सिंह को उल्टी होने लगी, जिस पर परिजन उसे कुर्सी पर बैठाकर अस्पताल ले जा रहे थे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही हाइस्कूल कैड़ा के पास प्रेम सिंह ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत पर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक प्रेम सिंह की पत्नी और दो बेटियां लक्ष्मी (3) दीपा (1) है। क्षेत्रवासियों ने एसडीएम रेखा कोहली से मृतक युवक के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
कुकना गांव के ग्राम प्रधान मदन नौलिया ने युवक प्रेम सिंह की मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग, जिला-प्रशासन की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार बताया है। प्रधान ने कहा कि अगर गांव में कोई बीमार पड़ता है तो उन्हें इलाज के लिए 16 किमी दूर जैस्यूड़ा या धोलीगांव के अस्पतालों में ले जाना पड़ता है। उन अस्पतालों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के नहीं होने के चलते हल्द्वानी इलाज कराने जाने पड़ता है।
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उल्टी दस्त की अफवाह उड़ाई जा रही
चिकित्सा प्रभारी जगदीश पटपटिया ने बताया कि युवक गुड़गांव में नौकरी करता था, वह बीते दो माह पहले बीमारी के चलते गांव वापस आया था। परिजनों का कहना था कि उसे कोई बीमारी थी। बीमारी के गंभीर होने के चलते उसकी मौत हो गई। गांव में उल्टी दस्त की अफवाह फैलाई जा रही है। इसके लिए उन्होंने एसडीएम धारी और सीएमओ से अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
पहाड़ों में हो चुकी हैं चार मौतें
स्वास्थ्य सुविधाओं के पहाड़ों में बेहतर नहीं होने के चलते उल्टी-दस्त से वर्ष 2017 में दो मौतें और 2018 में अब तक दो मौतें हो चुकी है। वर्ष 2017 के जुलाई में मटेला तोक में योगेश रुवाली (14) की उल्टी-दस्त से, सितंबर में सुनाकोट निवासी लाल सिंह (51) की उल्टी-दस्त से, वर्ष 2018 में कोटला निवासी शुभम सिंह (3) और बृहस्पतिवार को कुकना निवासी प्रेम सिंह (30) की जुकाम-उल्टी की वजह से मौत हो गई।
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ग्रामीणों के अनुसार कुकना गांव के प्रेम सिंह (30) पुत्र दीवान सिंह पिछले दो दिनों से सर्दी-जुकाम से पीड़ित था। बृहस्पतिवार सुबह चार बजे प्रेम सिंह को उल्टी होने लगी, जिस पर परिजन उसे कुर्सी पर बैठाकर अस्पताल ले जा रहे थे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही हाइस्कूल कैड़ा के पास प्रेम सिंह ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत पर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक प्रेम सिंह की पत्नी और दो बेटियां लक्ष्मी (3) दीपा (1) है। क्षेत्रवासियों ने एसडीएम रेखा कोहली से मृतक युवक के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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कुकना गांव के ग्राम प्रधान मदन नौलिया ने युवक प्रेम सिंह की मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग, जिला-प्रशासन की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार बताया है। प्रधान ने कहा कि अगर गांव में कोई बीमार पड़ता है तो उन्हें इलाज के लिए 16 किमी दूर जैस्यूड़ा या धोलीगांव के अस्पतालों में ले जाना पड़ता है। उन अस्पतालों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के नहीं होने के चलते हल्द्वानी इलाज कराने जाने पड़ता है।
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उल्टी दस्त की अफवाह उड़ाई जा रही
चिकित्सा प्रभारी जगदीश पटपटिया ने बताया कि युवक गुड़गांव में नौकरी करता था, वह बीते दो माह पहले बीमारी के चलते गांव वापस आया था। परिजनों का कहना था कि उसे कोई बीमारी थी। बीमारी के गंभीर होने के चलते उसकी मौत हो गई। गांव में उल्टी दस्त की अफवाह फैलाई जा रही है। इसके लिए उन्होंने एसडीएम धारी और सीएमओ से अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
पहाड़ों में हो चुकी हैं चार मौतें
स्वास्थ्य सुविधाओं के पहाड़ों में बेहतर नहीं होने के चलते उल्टी-दस्त से वर्ष 2017 में दो मौतें और 2018 में अब तक दो मौतें हो चुकी है। वर्ष 2017 के जुलाई में मटेला तोक में योगेश रुवाली (14) की उल्टी-दस्त से, सितंबर में सुनाकोट निवासी लाल सिंह (51) की उल्टी-दस्त से, वर्ष 2018 में कोटला निवासी शुभम सिंह (3) और बृहस्पतिवार को कुकना निवासी प्रेम सिंह (30) की जुकाम-उल्टी की वजह से मौत हो गई।