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600 हेक्टेयर जंगल में लगी आग
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्दूचौड़/लालकुआं
Updated Fri, 22 May 2015 01:16 AM IST
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तराई केंद्रीय वन प्रभाग के हल्द्वानी रेंज के जंगल में बृहस्पतिवार सुबह अचानक आग लगने से करीब तीन किलोमीटर (600 हेक्टेयर) जंगल जलकर राख हो गया। वहीं, आग के आईओसी डिपो की तरफ बढ़ने से पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने बमुश्किल आग को डिपो तक फैलने से रोका। वहीं, सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम तीन घंटे देरी से पहुंची, जिससे लोगों में गुस्सा दिखा। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग में दर्जनों बड़े पेड़ भी झुलस गए हैं।
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बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे हल्द्वानी रेंज के हल्दूचौड़ बीट में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवाओं के चलते आग पास में बसे ग्रामीणों की झोपड़ियों तक पहुंच गई। आननफानन में ग्रामीणों ने वन विभाग, दमकल विभाग और पुलिस को सूचना देते हुए एहतियातन झोपड़ियों पर पानी का छिड़काव शुरू किया।
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करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस और दमकल विभाग हल्द्वानी की एक और लालकुआं पेपर मिल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आग को झोपड़ियों तक पहुंचने से रोका। वहीं दमकल कर्मचारियों ने जंगल की आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इस दौरान तेज हवाएं चलने से आग आईओसी डिपो की तरफ बढ़ने से अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथ-पैर फूल गए। दमकल की दोनों गाड़ियों ने किसी तरह आग को आगे बढ़ने से रोका।
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इधर, एसडीओ तराई केंद्रीय वन प्रभाग रमेश कांडपाल टीम के साथ करीब तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचे। हल्द्वानी से आई दमकल की गाड़ी ने पानी भरने के सात फेरे और लालकुआं पेपर मिल से आई गाड़ी के तीन फेरे लगाकर करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से 600 हेक्टेयर के जंगल को नुकसान पहुंचा है। छोटे पेड़ों और पौधे पूरी तरह से नष्ट हो गए जबकि कई बड़े पेड़ भी आग में झुलस गए हैं।
वन विभाग के पास नहीं कोई इंतजाम
जंगल में विकराल आग लग गई और सूचना देने के बाद भी वन विभाग की टीम करीब तीन घंटे की देरी से पहुंची। और वह भी खाली हाथ। वन विभाग के पास न तो आग बुझाने के लिए पर्याप्त कर्मचारी थे और न ही उपकरण। वन विभाग की टीम टहनियों के सहारे ही आग बुझाने में लगी रही, जिसका खास लाभ नहीं हुआ।
फायर सीजन सिर पर, नहीं खुले फायर स्टेशन
वन विभाग की ओर से भीषण गर्मी में जंगलों की आग रोकने के बडे़-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन वन विभाग ने अभी तक जंगलों में फायर स्टेशन तक नहीं खोले हैं। न ही फायर सीजन के लिए सीजनल कर्मचारियों की नियुक्ति की है।
लकड़ियों को ठिकाने लगाने की साजिश में तो नहीं लगाई आग
आग किन कारणों से लगी, इस बात का पता नहीं चल सका है। लेकिन पास में रह रहे ग्रामीणों का आरोप है कि बीते दिनों आए तूफान में सैकड़ों पेड़ गिर गए थे। इनमें कई कीमती इमारती पेड़ भी धराशायी हुए थे। ग्रामीणों का कहना है कि तस्करों ने उन पेड़ों को तो ठिकाने लगा दिया था, लेकिन जांच के लिए जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचती तो बचे रह गए ठूंठों से चोरी का पता चल सकता था। ऐसे में हो सकता है कि तस्करों ने ठूंठों में आग लगाकर सुबूत मिटाने की कोशिश के लिए ही आग लगाई हो।