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विवादों में फंस गए प्रदेश कांग्रेस कमेटी
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हल्द्वानी। आपसी मनमुटाव और गुटबाजी के कारण प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सूची अटक गई है। राष्ट्रीय महासचिव संगठन के वेणुगोपाल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को सूची सौंपी थी । अब लोकसभा चुनाव के बाद सूची पर कोई निर्णय होगा।
सूत्रों की मानें तो जनवरी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सूची तैयार हो गई थी। सूची में दो बड़े नेताओं से कोई मशवरा नहीं किया गया था। दो नेताओं की उपेक्षा के साथ ही लिस्ट को अंतिम रूप दे दिया गया। आठ और नौ फरवरी को प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव संगठन के वेणुगोपाल से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सूची सौंपी गई थी। बताते है कि दिल्ली स्तर से ही कुछ नेताओं ने सूची में अड़ंगा लगा दिया।
विवादों में फंस गई प्रदेश कांग्रेस कमेटी
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को राष्ट्रीय महासचिव संगठन ने सौंपी थी सूची
दो नेताओं की अनदेखी पड़ गई भारी
लोकसभा चुनाव के बाद जारी होगी सूची
आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और एक अन्य प्रांत की पीसीसी की सूची अभी जारी हुई है। बाकी सभी प्रदेशों की सूची अभी रोक दी गई है। लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटियों की लिस्ट जारी होगी। सभी नेताओं से नाम मांगे गए थे। समन्वय के साथ पीसीसी बनाई गई है और किसी की उपेक्षा नहीं हुई है। प्रदेश कांग्रेस चलाने का जिम्मा प्रदेश अध्यक्ष का है।
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-अनुग्रह नारायण सिंह, प्रदेश प्रभारी उत्तराखंड कांग्रेस
अब उत्तराखंड की राजनीति में सक्रियता बढ़ाएंगे प्रकाश
हल्द्वानी। प्रकाश जोशी भले ही अब कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव न रहे हों मगर अब उनकी सक्रियता उत्तराखंड की सियासत में अधिक बढ़ जाएगी। प्रकाश जोशी दो बार कांग्रेस से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। दोनों ही बार कालाढूंगी विधानसभा से उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। प्रदेश के कांग्रेसी क्षत्रप भले ही प्रकाश के राष्ट्रीय सचिव न रहने से खुश हो रहे हों मगर यह उनके लिए परेशानी का सबब भी बन सकता है। टीम राहुल में रहते हुए जोशी के पास उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी थी। प्रकाश जोशी के मुताबिक छह वर्षों तक वे कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और उत्तर प्रदेश में सह प्रभारी के तौर पर काम करते रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से अनुरोध किया था कि मुझे इस जिम्मेदारी से मुक्त कि या जाए। प्रदेश सरकार के खिलाफ कई गंभीर मामले हैं और इनको अब आक्रमकता के साथ उठाया जाएगा।
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सूत्रों की मानें तो जनवरी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सूची तैयार हो गई थी। सूची में दो बड़े नेताओं से कोई मशवरा नहीं किया गया था। दो नेताओं की उपेक्षा के साथ ही लिस्ट को अंतिम रूप दे दिया गया। आठ और नौ फरवरी को प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव संगठन के वेणुगोपाल से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सूची सौंपी गई थी। बताते है कि दिल्ली स्तर से ही कुछ नेताओं ने सूची में अड़ंगा लगा दिया।
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विवादों में फंस गई प्रदेश कांग्रेस कमेटी
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को राष्ट्रीय महासचिव संगठन ने सौंपी थी सूची
दो नेताओं की अनदेखी पड़ गई भारी
लोकसभा चुनाव के बाद जारी होगी सूची
आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और एक अन्य प्रांत की पीसीसी की सूची अभी जारी हुई है। बाकी सभी प्रदेशों की सूची अभी रोक दी गई है। लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटियों की लिस्ट जारी होगी। सभी नेताओं से नाम मांगे गए थे। समन्वय के साथ पीसीसी बनाई गई है और किसी की उपेक्षा नहीं हुई है। प्रदेश कांग्रेस चलाने का जिम्मा प्रदेश अध्यक्ष का है।
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-अनुग्रह नारायण सिंह, प्रदेश प्रभारी उत्तराखंड कांग्रेस
अब उत्तराखंड की राजनीति में सक्रियता बढ़ाएंगे प्रकाश
हल्द्वानी। प्रकाश जोशी भले ही अब कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव न रहे हों मगर अब उनकी सक्रियता उत्तराखंड की सियासत में अधिक बढ़ जाएगी। प्रकाश जोशी दो बार कांग्रेस से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। दोनों ही बार कालाढूंगी विधानसभा से उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। प्रदेश के कांग्रेसी क्षत्रप भले ही प्रकाश के राष्ट्रीय सचिव न रहने से खुश हो रहे हों मगर यह उनके लिए परेशानी का सबब भी बन सकता है। टीम राहुल में रहते हुए जोशी के पास उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी थी। प्रकाश जोशी के मुताबिक छह वर्षों तक वे कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और उत्तर प्रदेश में सह प्रभारी के तौर पर काम करते रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से अनुरोध किया था कि मुझे इस जिम्मेदारी से मुक्त कि या जाए। प्रदेश सरकार के खिलाफ कई गंभीर मामले हैं और इनको अब आक्रमकता के साथ उठाया जाएगा।