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पहाड़ी को पोकलैंड से खोदने का ग्रामीणों ने किया विरोध
Updated Wed, 05 Dec 2018 01:28 AM IST
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ज्योलीकोट (नैनीताल)। राष्ट्रीय राजमार्ग में वीर भट्टी के बैली ब्रिज से लगी पहाड़ी को पोकलैंड मशीन से खोदने की तैयारी का मंगलवार को स्थानीय लोगों ने विरोध किया। इस पर कर्मचारियों ने पोकलैंड मशीन को वहां से हटा दिया है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने बलिया नाला की पहाड़ियों से छेड़छाड़ न करने की मांग करते हुए कहा कि यदि शासन प्रशासन इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं करता तो जनता को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
बरसात में बैली ब्रिज सी लगी पहाड़ियों में भूस्खलन होने से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया और बलिया नाले में वाहनों, मशीनों के आने जाने का कोई विकल्प नहीं रहा। इस पर मंगलवार को इस पहाड़ी को काटकर मार्ग निर्माण के लिए ठेकेदार की ओर से पोकलैंड मशीन मंगाई गई। भौगोलिक रूप से संवेदनशील इन पहाड़ियों पर पोकलैंड चलाने की तैयारी की खबर से बलिया नाला संघर्ष समिति के इंद्र सिंह नेगी और डीएन भट्ट आदि ने विरोध किया कि यदि भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी में कटान किया गया तो भूस्खलन अधिक होगा और पहाड़ी के ऊपर स्थित आबादी क्षेत्र और नैनीताल शहर को खतरा बढ़ेगा। स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग के कर्मचारियों ने आकर बिना अनुमति पहाड़ी से कटान न करने की चेतावनी दी।
पोकलैंड से पहाड़ी को खोदने का विरोध, हंगामा
ग्रामीणों के विरोध पर पोकलैंड से पहाड़ी खोदने का काम रुका, आंदोलन की दी चेतावनी
- बलिया नाले में भारी मशीनों से काम न कराने की बात डीपीआर में लिखी थी, लेकिन बाद में तत्कालीन डीएम ने नाले में मशीनों का प्रयोग करने की परमीशन दे दी थी। नियमानुसार ही कार्य शुरू कराया जा रहा है। अगर किसी को आपत्ति है तो उस पर विचार किया जाएगा।
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- हरीश चंद्र सिंह, ईई सिंचाई विभाग
चार माह में करोड़ों रुपये पानी में बहाने का आरोप
नैनीताल। बलिया नाले में मंगलवार को भारी मशीनों से काम शुरू कराए जाने को लेेकर हंगामा हो गया। गुस्साए बलिया नाला संघर्ष समिति के अध्यक्ष डीएन भट्ट और अन्य लोगों ने काम रुकवा दिया। साथ ही सिंचाई विभाग की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। आरोप लगाए कि बीते कुछ सालों के दौरान लगभग 15 करोड़ रुपये का काम नाले में बह गया है इसके बाद भी नाले में और पैसा बहाने की कोशिश की जा रही है। कहा कि बलिया नाले में हो रहे भूस्खलन के चलते नैनीताल के अस्तित्व को खतरा है। बीते चार माह में कई दौर की जांच हो चुकी है। मगर नतीजा सिफर है।
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बरसात में बैली ब्रिज सी लगी पहाड़ियों में भूस्खलन होने से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया और बलिया नाले में वाहनों, मशीनों के आने जाने का कोई विकल्प नहीं रहा। इस पर मंगलवार को इस पहाड़ी को काटकर मार्ग निर्माण के लिए ठेकेदार की ओर से पोकलैंड मशीन मंगाई गई। भौगोलिक रूप से संवेदनशील इन पहाड़ियों पर पोकलैंड चलाने की तैयारी की खबर से बलिया नाला संघर्ष समिति के इंद्र सिंह नेगी और डीएन भट्ट आदि ने विरोध किया कि यदि भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी में कटान किया गया तो भूस्खलन अधिक होगा और पहाड़ी के ऊपर स्थित आबादी क्षेत्र और नैनीताल शहर को खतरा बढ़ेगा। स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग के कर्मचारियों ने आकर बिना अनुमति पहाड़ी से कटान न करने की चेतावनी दी।
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पोकलैंड से पहाड़ी को खोदने का विरोध, हंगामा
ग्रामीणों के विरोध पर पोकलैंड से पहाड़ी खोदने का काम रुका, आंदोलन की दी चेतावनी
- बलिया नाले में भारी मशीनों से काम न कराने की बात डीपीआर में लिखी थी, लेकिन बाद में तत्कालीन डीएम ने नाले में मशीनों का प्रयोग करने की परमीशन दे दी थी। नियमानुसार ही कार्य शुरू कराया जा रहा है। अगर किसी को आपत्ति है तो उस पर विचार किया जाएगा।
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- हरीश चंद्र सिंह, ईई सिंचाई विभाग
चार माह में करोड़ों रुपये पानी में बहाने का आरोप
नैनीताल। बलिया नाले में मंगलवार को भारी मशीनों से काम शुरू कराए जाने को लेेकर हंगामा हो गया। गुस्साए बलिया नाला संघर्ष समिति के अध्यक्ष डीएन भट्ट और अन्य लोगों ने काम रुकवा दिया। साथ ही सिंचाई विभाग की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। आरोप लगाए कि बीते कुछ सालों के दौरान लगभग 15 करोड़ रुपये का काम नाले में बह गया है इसके बाद भी नाले में और पैसा बहाने की कोशिश की जा रही है। कहा कि बलिया नाले में हो रहे भूस्खलन के चलते नैनीताल के अस्तित्व को खतरा है। बीते चार माह में कई दौर की जांच हो चुकी है। मगर नतीजा सिफर है।