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अन्नदाता की कौन सुने पुकार, कुछ तो करो सरकार
Updated Thu, 18 Jan 2018 02:13 AM IST
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गरमपानी (नैनीताल)। नैनीताल और अल्मोड़ा जिले के दर्जनों गांवों के किसान परेशान हैं। बारिश न होने से सूखे जैसे हालात हो गए हैं। इससे काश्तकारों की कमर टूट गई है। बेतालघाट, रामगढ़, ताड़ीखेत ब्लाक के कई गांवों में काश्तकार बारिश की आस में आसमान की तरफ टकटकी लगाए हैं।
समय पर बारिश न होने से गांवों में खेतीबाड़ी पूरी तरह चौपट हो चुकी है। सिंचाई की सुविधा न होने के कारण गेहूं, मसूर, चना, मटर, सरसो, आलू, मैथी, पालक, की फसलों की बुवाई तक नहीं हो पाई है। इस कारण काश्तकारों के खेत पूरी तरह सूखे और बंजर नजर आ रहे है। नैनीताल जिले के सिल्टोना, मझेड़ा, बारगल, जजुला, बिछनाली, नौणा, थापली, हल्सो, डोबा, गंगकोट, कमोली, सुयालबाड़ी, गौणा, जैरासी के अलावा अल्मोड़ा जिले के पोखरी, पातली, बोहरागांव बमस्यूं बजोल, चापड़, मनोला, तिपोला, बगवान, सुखोली समेत कई गांव सूखे की चपेट में है। यदि समय रहते बारिश नहीं हुई तो इसका असर आड़ू, नाशपाती, खुमानी, लीची और सेब की पैदावार पर भी पड़ने के आसार है।
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समय पर बारिश न होने से गांवों में खेतीबाड़ी पूरी तरह चौपट हो चुकी है। सिंचाई की सुविधा न होने के कारण गेहूं, मसूर, चना, मटर, सरसो, आलू, मैथी, पालक, की फसलों की बुवाई तक नहीं हो पाई है। इस कारण काश्तकारों के खेत पूरी तरह सूखे और बंजर नजर आ रहे है। नैनीताल जिले के सिल्टोना, मझेड़ा, बारगल, जजुला, बिछनाली, नौणा, थापली, हल्सो, डोबा, गंगकोट, कमोली, सुयालबाड़ी, गौणा, जैरासी के अलावा अल्मोड़ा जिले के पोखरी, पातली, बोहरागांव बमस्यूं बजोल, चापड़, मनोला, तिपोला, बगवान, सुखोली समेत कई गांव सूखे की चपेट में है। यदि समय रहते बारिश नहीं हुई तो इसका असर आड़ू, नाशपाती, खुमानी, लीची और सेब की पैदावार पर भी पड़ने के आसार है।
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