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दो से अधिक बच्चे वाले तो पार्षद भी नहीं बन सकते
Updated Thu, 18 Oct 2018 02:01 AM IST
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हल्द्वानी। नामांकन पत्रों की बिक्री शुरू होने के साथ ही संभावित दावेदारों में इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही कि निकाय चुनाव में दो से अधिक बच्चे वाले भाग्य आजमा सकते हैं या नहीं। अधिकारियों से संपर्क साधा तो पता चला कि दो से अधिक बच्चे वाले सांसद और विधायक का चुनाव तो लड़ सकते हैं लेकिन मेयर व पार्षद का नहीं।
निकाय चुनाव की ड्यूटी में जुटे एक अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से पिछले वर्षों के दौरान जारी आदेश में कहा है कि दो जुलाई 2002 से 300 दिन बाद यदि किसी का तीसरा बच्चा हुआ हो तो वह पंचायत और निकाय चुनाव नहीं लड़ सकता है। यदि उक्त अवधि से पहले किसी के तीन बच्चे हुए हैं तो वह निकाय चुनाव लड़ सकता है। अधिकारियों के मुताबिक दो से अधिक बच्चों वाला यह आदेश विधायक और सांसद के चुनाव में लागू नहीं है। ऐसे में दो से अधिक बच्चे वाले सांसद और विधायक का चुनाव तो लड़ सकते हैं लेकिन मेयर व पार्षद का नहीं।
लोकसभा चुनाव के लिए तैयार होने लगी मतदाता सूची
हल्द्वानी। निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भी मतदाता सूची तैयार की जाने लगी है, जबकि निकाय चुनाव की मतदाता सूची तैयार होकर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के लिए उपलब्ध है। अधिकारियों के मुताबिक लोकसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में नए मतदाताओं के नाम चढ़ाने का काम किया जा रहा है।
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एक पद के लिए अधिकतम चार नामांकन पत्र
हल्द्वानी। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक मेयर अथवा पार्षद के एक पद के लिए एक दावेदार अधिकतम चार नामांकन पत्र खरीद और जमा करा सकता है। एक पद के लिए एक व्यक्ति को इससे अधिक नामांकन पत्रों की बिक्री नहीं हो सकती है।
प्रत्याशियों की जमानत राशि
पद/नाम अनारक्षित श्रेणी आरक्षित श्रेणी
मेयर नगर निगम 12000 6000
उप नगर प्रमुख 5000 2500
पालिकाध्यक्ष 6000 3000
नगर पंचायत अध्यक्ष 3000 1500
सभासद नगर निगम 4000 2000
सदस्य नगर पालिका 1500 750
सदस्य नगर पंचायत 600 300
नोट- कुल डाले गए वैध मतों के 1/5 अंश तक मत प्राप्त न होने की स्थिति में जमानत की उक्त धनराशि जब्त हो जाती है।
नामांकन पत्रों का आवेदन शुल्क
नाम-पद अनारक्षित श्रेणी आरक्षित श्रेणी
नगर प्रमुख नगर निगम 600 400
नगर उप प्रमुख 400 200
सभासद नगर निगम 400 200
अध्यक्ष नगर पालिका 500 250
सदस्य नगर पालिका 200 100
अध्यक्ष नगर पंचायत 200 100
सदस्य नगर पंचायत 100 50
विधायक और एमपी तो बन सकते हैं लेकिन मेयर-पार्षद नहीं
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निकाय चुनाव की ड्यूटी में जुटे एक अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से पिछले वर्षों के दौरान जारी आदेश में कहा है कि दो जुलाई 2002 से 300 दिन बाद यदि किसी का तीसरा बच्चा हुआ हो तो वह पंचायत और निकाय चुनाव नहीं लड़ सकता है। यदि उक्त अवधि से पहले किसी के तीन बच्चे हुए हैं तो वह निकाय चुनाव लड़ सकता है। अधिकारियों के मुताबिक दो से अधिक बच्चों वाला यह आदेश विधायक और सांसद के चुनाव में लागू नहीं है। ऐसे में दो से अधिक बच्चे वाले सांसद और विधायक का चुनाव तो लड़ सकते हैं लेकिन मेयर व पार्षद का नहीं।
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लोकसभा चुनाव के लिए तैयार होने लगी मतदाता सूची
हल्द्वानी। निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भी मतदाता सूची तैयार की जाने लगी है, जबकि निकाय चुनाव की मतदाता सूची तैयार होकर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के लिए उपलब्ध है। अधिकारियों के मुताबिक लोकसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में नए मतदाताओं के नाम चढ़ाने का काम किया जा रहा है।
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एक पद के लिए अधिकतम चार नामांकन पत्र
हल्द्वानी। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक मेयर अथवा पार्षद के एक पद के लिए एक दावेदार अधिकतम चार नामांकन पत्र खरीद और जमा करा सकता है। एक पद के लिए एक व्यक्ति को इससे अधिक नामांकन पत्रों की बिक्री नहीं हो सकती है।
प्रत्याशियों की जमानत राशि
पद/नाम अनारक्षित श्रेणी आरक्षित श्रेणी
मेयर नगर निगम 12000 6000
उप नगर प्रमुख 5000 2500
पालिकाध्यक्ष 6000 3000
नगर पंचायत अध्यक्ष 3000 1500
सभासद नगर निगम 4000 2000
सदस्य नगर पालिका 1500 750
सदस्य नगर पंचायत 600 300
नोट- कुल डाले गए वैध मतों के 1/5 अंश तक मत प्राप्त न होने की स्थिति में जमानत की उक्त धनराशि जब्त हो जाती है।
नामांकन पत्रों का आवेदन शुल्क
नाम-पद अनारक्षित श्रेणी आरक्षित श्रेणी
नगर प्रमुख नगर निगम 600 400
नगर उप प्रमुख 400 200
सभासद नगर निगम 400 200
अध्यक्ष नगर पालिका 500 250
सदस्य नगर पालिका 200 100
अध्यक्ष नगर पंचायत 200 100
सदस्य नगर पंचायत 100 50
विधायक और एमपी तो बन सकते हैं लेकिन मेयर-पार्षद नहीं