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वन गुज्जरों ने कॉर्बेट के अधिकारियों को घेरा
Updated Tue, 14 Aug 2018 02:16 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। वन क्षेत्र खाली करने के लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से वन गुर्जरों को एक माह में जंगल छोड़ने का नोटिस दिया गया है। इसके विरोध में वन गुर्जरों ने सोमवार को कॉर्बेट के अधिकारियों का घेराव किया और विस्थापन की कार्रवाई करने का आग्रह किया।
हिमालयन युवा ग्रामीण विकास संस्था की पीआईएल पर हाईकोर्ट ने वन भूमि के अंदर अतिक्रमण करने वाले वन गुर्जरों को वन भूमि खाली करने के निर्देश दिए, जिसके तहत वन गुर्जरों को एक माह के अंदर वन भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसको लेकर वन गुर्जरों का प्रतिनिधिमंडल निदेशक कॉर्बेट राहुल, उपनिदेशक कॉर्बेट अमित वर्मा से मिला और विस्थापित कराने की मांग की। निदेशक ने वन गुर्जरों से कहा कि इस मामले में वन विभाग 16 अगस्त को हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखेगा, इसके बाद जो फैसला होगा, वह मान्य होगा। आरक्षित वनभूमि पर अतिक्रमण कर उसका भूमि उपयोग करना भारतीय वन अधिनियम 2001 का उल्लंघन है। इसके तहत हिमालयन युवा ग्रामीण संस्था ने हाईकोर्ट में पीआईएल डाली थी, जिस पर हाईकोर्ट ने गुर्जरों को हटाने के निर्देश दिए थे। इस दौरान वन गुर्जर अब्दुल रहमान, गुलाम नबी, अली शेर, गामा, मो. बशीर, अली जान आदि थे।
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हिमालयन युवा ग्रामीण विकास संस्था की पीआईएल पर हाईकोर्ट ने वन भूमि के अंदर अतिक्रमण करने वाले वन गुर्जरों को वन भूमि खाली करने के निर्देश दिए, जिसके तहत वन गुर्जरों को एक माह के अंदर वन भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसको लेकर वन गुर्जरों का प्रतिनिधिमंडल निदेशक कॉर्बेट राहुल, उपनिदेशक कॉर्बेट अमित वर्मा से मिला और विस्थापित कराने की मांग की। निदेशक ने वन गुर्जरों से कहा कि इस मामले में वन विभाग 16 अगस्त को हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखेगा, इसके बाद जो फैसला होगा, वह मान्य होगा। आरक्षित वनभूमि पर अतिक्रमण कर उसका भूमि उपयोग करना भारतीय वन अधिनियम 2001 का उल्लंघन है। इसके तहत हिमालयन युवा ग्रामीण संस्था ने हाईकोर्ट में पीआईएल डाली थी, जिस पर हाईकोर्ट ने गुर्जरों को हटाने के निर्देश दिए थे। इस दौरान वन गुर्जर अब्दुल रहमान, गुलाम नबी, अली शेर, गामा, मो. बशीर, अली जान आदि थे।
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