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निगम विस्तार का विरोध शुरू
Updated Fri, 08 Sep 2017 02:11 AM IST
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हल्द्वानी। राजस्व गांवों को नगर निगम में शामिल करने का विरोध शुरू हो गया है। ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर इसका विरोध किया है। उन्होंने सरकार पर पंचायती राज व्यवस्था को खत्म करने का आरोप लगाया है।
बृहस्पतिवार को कई ग्राम सभाओं के जनप्रतिनिधि ब्लॉक में एकत्रित हुए। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद वे एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसडीएम एपी वाजपेई को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि सरकार पंचायती राज व्यवस्था को खत्म करने पर उतरारू है। सरकार संवैधानिक रूप से चुने हुए जनप्रतिनिधियों के अधिकारों को खत्म करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि वे इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे।
ब्लॉक प्रमुख भोला भट्ट ने कहा कि शासन का पंचायत विरोधी कदम स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों का शिष्टमंडल शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से भी मिल चुका है। कहा कि मंत्री ने उन्होंने आश्वासन दिया था कि ग्रामीण जनता के समक्ष जन सुनवाई कि जायेगी जनता के हकों को नहीं छीना जाएगा लेकिन ग्रामीण जनता की राय लिए बगैर यह निर्णय लेना ग्रामीण जनता के साथ धोखा है। इस दौरान ज्येष्ठ प्रमुख तारा नेगी, कनिष्ठ प्रमुख जया कर्नाटक, अध्यक्ष प्रधान संगठन कुंदन बोरा, भागीरथी बिष्ट, प्रधान सुमन लटवाल, मुकुल बल्यूटिया, राजीव शाह, सुरेश गौड़, चंदन नेगी, भगवती बिष्ट, सुरेश बिष्ट आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को कई ग्राम सभाओं के जनप्रतिनिधि ब्लॉक में एकत्रित हुए। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद वे एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसडीएम एपी वाजपेई को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि सरकार पंचायती राज व्यवस्था को खत्म करने पर उतरारू है। सरकार संवैधानिक रूप से चुने हुए जनप्रतिनिधियों के अधिकारों को खत्म करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि वे इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे।
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ब्लॉक प्रमुख भोला भट्ट ने कहा कि शासन का पंचायत विरोधी कदम स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों का शिष्टमंडल शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से भी मिल चुका है। कहा कि मंत्री ने उन्होंने आश्वासन दिया था कि ग्रामीण जनता के समक्ष जन सुनवाई कि जायेगी जनता के हकों को नहीं छीना जाएगा लेकिन ग्रामीण जनता की राय लिए बगैर यह निर्णय लेना ग्रामीण जनता के साथ धोखा है। इस दौरान ज्येष्ठ प्रमुख तारा नेगी, कनिष्ठ प्रमुख जया कर्नाटक, अध्यक्ष प्रधान संगठन कुंदन बोरा, भागीरथी बिष्ट, प्रधान सुमन लटवाल, मुकुल बल्यूटिया, राजीव शाह, सुरेश गौड़, चंदन नेगी, भगवती बिष्ट, सुरेश बिष्ट आदि मौजूद रहे।
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