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राज्य सहकारी बैंक ने 133 बकाएदारों को जारी किए नोटिस
Updated Thu, 26 Jul 2018 02:18 AM IST
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हल्द्वानी। उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक ने लंबे समय से ऋण की अदायगी नहीं करने वाले बड़े बकाएदारों से वसूली के लिए सरफेसी नोटिस (वित्तीय अस्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम) जारी कर दिए हैं। नोटिस जारी होने के 60 दिन के भीतर बकाया राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर उनके जमीन की कुर्की की जाएगी। प्रदेश में राज्य सरकारी बैंक की 15 शाखाओं में कुल 133 ऐसे बकाएदार हैं, जिनके खाते एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेट) हो चुके हैं जबकि 41 बड़े बकाएदारों को सरफेसी एक्ट के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।
उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष दान सिंह रावत ने बताया कि बैंक के 133 बड़े बकाएदारों के खाते 10 वर्ष से भी अधिक समय से एनपीए चल रहे हैं। बैंक ने पहली बार आरबीआई के सरफेसी एक्ट 2002 के तहत बड़े बकाएदारों से वसूली की कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इस एक्ट के तहत बकाएदार को नोटिस जारी कर 60 दिन का समय दिया जाता है। 60 दिन में बकाया राशि जमा नहीं करने पर मजस्ट्रेट की अनुमति से उसकी जमीन, जायदाद की कुर्की कर ली जाती है। उन्होंने बताया कि बैंक ने कठोर निर्णय लेते हुए 41 बड़े बकाएदारों को सरफेसी एक्ट के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। इन बकाएदारों पर 30.51 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसके अलावा अन्य बकाएदारों को भी सूचीबद्ध कर उनको भी नोटिस भेजने की कार्रवाई की जा रही है। सभी बैंक शाखाओं में 20 बड़े बकाएदारों के नाम और फोटो चस्पा किए जा रहे हैं। कुछ शाखाओं में चस्पा भी कर दिए गए हैं।
30.51 करोड़ के 41 बकाएदारों को नोटिस जारी, 133 एनपीए खाते वाले बकाएदारों को भी भेजे हैं नोटिस
60 दिन के भीतर बकाया राशि जमा नहीं किए जाने पर होगी कुर्की
20 बड़े बकाएदारों के नाम और फोटो प्रदेश के सभी बैंक शाखाओं की ओर से चस्पा किए जा रहे हैं
1 अप्रैल से 30 जून 2018 तक सरफेसी के तहत जारी नोटिस
शाखा का नाम नोटिस की संख्या एनपीए की धनराशि (करोड़ में)
देहरादून 16 4.55 करोड़
हल्द्वानी 11 23.80 करोड़
खटीमा 09 0.79 करोड़
काशीपुर 05 1.37 करोड़
कुल 41 30.51 करोड़
31 मार्च 2018 तक धारा 95 (क) के तहत जारी नोटिस
शाखा का नाम नोटिस की संख्या नोटिस की धनराशि (लाख में)
काशीपुर 20 31.26
रुड़की 20 54.23
खटीमा 20 100.90
चमोली 05 29.93
बाजपुर 02 21.46
देहरादून 20 568.50
कुसुमखेड़ा 25 36.38
हल्द्वानी 21 294.45
कुल 133 1137.11
बैंक ऑफ बड़ौदा को वसूलने हैं 182 करोड़
हल्द्वानी। बैंक आफ बड़ौदा (बॉब) का एनपीए बैंक अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। हालांकि एनपीए वसूल करने को लेकर बैंक अधिकारी कार्ययोजना के साथ काम कर रहे हैं। बॉब का कुमाऊं में 182 करोड़ रुपये का एनपीए है।
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लाखों करोड़ों लेकर देश छोड़कर भागे बड़े उद्योगपतियों के बाद बैंक भी सजग हो गए हैं। बैंकों ने एनपीए वसूल करने को लेकर फोकस करना शुरू कर दिया है। एनपीए की सूची में शामिल ऐसे ग्राहकों से संवाद किया जा रहा है। बैंक आफ बड़ौदा का कुमाऊं के छह जिले में एक अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक 182 करोड़ रुपये का एनपीए है। इसके सबसे अधिक एनपीए ऊधमसिंह नगर जिले के दो शहरों पर 150 करोड़ रुपये का एनपीए है। इसमें भी एक कंपनी पर सबसे अधिक 62 करोड़ रुपये का एनपीए है। जबकि हल्द्वानी में भी एक होटल भी एनपीए की श्रेणी में है। अन्य चार जिलों में एनपीए की श्रेणी में छोटे-छोटे ग्राहक शामिल हैं।
इस संबंध में बैंक ऑफ बड़ौदा के जोनल मैनेजर एसके अरोड़ा ने बताया कि किसानों से ऋण अदायगी के लिए संवाद किया जा रहा है और बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। बैंक ऋण चुकाने का प्रयास करने वालों के साथ हर तरह से सहयोग करने को तैयार है। कहा कि बकाएदारों से संपर्क कर ऋण अदायगी के लिए कहा जा रहा है। अरोड़ा ने कहा कि अगर कोई ग्राहक जानबूझकर ऋण अदा नहीं करता है तो फिर रिकवरी के तहत बैंक कार्रवाई करेगा।
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उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष दान सिंह रावत ने बताया कि बैंक के 133 बड़े बकाएदारों के खाते 10 वर्ष से भी अधिक समय से एनपीए चल रहे हैं। बैंक ने पहली बार आरबीआई के सरफेसी एक्ट 2002 के तहत बड़े बकाएदारों से वसूली की कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इस एक्ट के तहत बकाएदार को नोटिस जारी कर 60 दिन का समय दिया जाता है। 60 दिन में बकाया राशि जमा नहीं करने पर मजस्ट्रेट की अनुमति से उसकी जमीन, जायदाद की कुर्की कर ली जाती है। उन्होंने बताया कि बैंक ने कठोर निर्णय लेते हुए 41 बड़े बकाएदारों को सरफेसी एक्ट के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। इन बकाएदारों पर 30.51 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसके अलावा अन्य बकाएदारों को भी सूचीबद्ध कर उनको भी नोटिस भेजने की कार्रवाई की जा रही है। सभी बैंक शाखाओं में 20 बड़े बकाएदारों के नाम और फोटो चस्पा किए जा रहे हैं। कुछ शाखाओं में चस्पा भी कर दिए गए हैं।
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30.51 करोड़ के 41 बकाएदारों को नोटिस जारी, 133 एनपीए खाते वाले बकाएदारों को भी भेजे हैं नोटिस
60 दिन के भीतर बकाया राशि जमा नहीं किए जाने पर होगी कुर्की
20 बड़े बकाएदारों के नाम और फोटो प्रदेश के सभी बैंक शाखाओं की ओर से चस्पा किए जा रहे हैं
1 अप्रैल से 30 जून 2018 तक सरफेसी के तहत जारी नोटिस
शाखा का नाम नोटिस की संख्या एनपीए की धनराशि (करोड़ में)
देहरादून 16 4.55 करोड़
हल्द्वानी 11 23.80 करोड़
खटीमा 09 0.79 करोड़
काशीपुर 05 1.37 करोड़
कुल 41 30.51 करोड़
31 मार्च 2018 तक धारा 95 (क) के तहत जारी नोटिस
शाखा का नाम नोटिस की संख्या नोटिस की धनराशि (लाख में)
काशीपुर 20 31.26
रुड़की 20 54.23
खटीमा 20 100.90
चमोली 05 29.93
बाजपुर 02 21.46
देहरादून 20 568.50
कुसुमखेड़ा 25 36.38
हल्द्वानी 21 294.45
कुल 133 1137.11
बैंक ऑफ बड़ौदा को वसूलने हैं 182 करोड़
हल्द्वानी। बैंक आफ बड़ौदा (बॉब) का एनपीए बैंक अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। हालांकि एनपीए वसूल करने को लेकर बैंक अधिकारी कार्ययोजना के साथ काम कर रहे हैं। बॉब का कुमाऊं में 182 करोड़ रुपये का एनपीए है।
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लाखों करोड़ों लेकर देश छोड़कर भागे बड़े उद्योगपतियों के बाद बैंक भी सजग हो गए हैं। बैंकों ने एनपीए वसूल करने को लेकर फोकस करना शुरू कर दिया है। एनपीए की सूची में शामिल ऐसे ग्राहकों से संवाद किया जा रहा है। बैंक आफ बड़ौदा का कुमाऊं के छह जिले में एक अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक 182 करोड़ रुपये का एनपीए है। इसके सबसे अधिक एनपीए ऊधमसिंह नगर जिले के दो शहरों पर 150 करोड़ रुपये का एनपीए है। इसमें भी एक कंपनी पर सबसे अधिक 62 करोड़ रुपये का एनपीए है। जबकि हल्द्वानी में भी एक होटल भी एनपीए की श्रेणी में है। अन्य चार जिलों में एनपीए की श्रेणी में छोटे-छोटे ग्राहक शामिल हैं।
इस संबंध में बैंक ऑफ बड़ौदा के जोनल मैनेजर एसके अरोड़ा ने बताया कि किसानों से ऋण अदायगी के लिए संवाद किया जा रहा है और बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। बैंक ऋण चुकाने का प्रयास करने वालों के साथ हर तरह से सहयोग करने को तैयार है। कहा कि बकाएदारों से संपर्क कर ऋण अदायगी के लिए कहा जा रहा है। अरोड़ा ने कहा कि अगर कोई ग्राहक जानबूझकर ऋण अदा नहीं करता है तो फिर रिकवरी के तहत बैंक कार्रवाई करेगा।