फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   पारंपरिक स्रोतों का जल स्तर गिरने से रानीखेत क्षेत्र में बढ़ी किल्लत

पारंपरिक स्रोतों का जल स्तर गिरने से रानीखेत क्षेत्र में बढ़ी किल्लत

Tue, 22 May 2018 12:17 AM IST
Updated Tue, 22 May 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
पारंपरिक स्रोतों का जल स्तर गिरने से रानीखेत क्षेत्र में बढ़ी किल्लत
रानीखेत (अल्मोड़ा)। पहाड़ में गर्मियों की दस्तक के साथ ही पेयजल किल्लत भी शुरू हो गई है। समस्या के दौरान क्षेत्रवासियों का सहारा बनने वाले पारंपरिक पेयजल स्रोतों का जल स्तर भी गिरने लगा है, जिससे विकट समस्या खड़ी हो गई है। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में हर तीसरे दिन पानी खुलता है, लेकिन पर्याप्त पानी न मिलने के कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन

रानीखेत क्षेत्र में गगास-ताड़ीखेत पेयजल योजना से आपूर्ति होती है लेकिन इस योजना का लंबे समय से पुनर्गठन नहीं हुआ है। इसके चलते आए दिन पानी की लाइनें क्षतिग्रस्त हो जाती है। इस योजना से ताड़ीखेत ब्लॉक की 38 ग्राम सभाएं जुड़ी हैं। इन दिनों कई इलाकों में पानी की समस्या गहरा गई है। रही सही कसर पारंपरिक पेयजल स्रोतों ने पूरी कर दी है। गर्मियों में पारंपरिक पेयजल स्रोत ही लोगों का सहारा बनते थे, लेकिन चिलियानौला सहित तमाम इलाकों में पारंपरिक पेयजल स्रोतों का जल स्तर घटने से समस्या खड़ी हो गई है। दूसरी तरफ चिलियानौला ग्राम समूह पेयजल योजना भी पूरी नहीं बन सकी है। लोगों का कहना है कि योजना के वितरण टैंक बन चुके हैं, टैंकों में पर्याप्त मात्रा में पानी भी है। उनका कहना है कि वितरण लाइन बिछाने तक वैकल्पिक तौर पर पानी लोगों को बांट दिया जाए, इससे किल्लत कुछ हद तक दूर हो जाएगी। इधर, जल संस्थान ने पूर्व में पारंपरिक जलस्रोतों के रखरखाव का आश्वासन दिया था, लेकिन वह भी पूरा नहीं हो सका है।
विज्ञापन


पर्याप्त पानी न मिलने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोग परेशान
चिलियानौला ग्राम समूह योजना का पानी वैकल्पिक तौर पर देने की मांग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed