फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Agitators will come on a platform for non-violence

गैरसैंण के लिए एक मंच पर आएंगे आंदोलनकारी

Sun, 08 Apr 2018 01:55 AM IST
Updated Sun, 08 Apr 2018 01:55 AM IST
विज्ञापन
Agitators will come on a platform for non-violence
demo pic
हल्द्वानी। गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए अब आंदोलनकारी और संघर्षशील संगठनों ने एकजुट होकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन का फैसला लिया है। उनका कहना है कि जल, जंगल, जमीन और 17 साल की कथित लूट खिलाफ आंदोलन के लिए गैरसैंण का स्थायी राजधानी होना जरूरी है।
विज्ञापन

गैरसैंण राजधानी संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेश भर के आंदोलनकारी और संघर्षशील संगठनों की शनिवार को हल्द्वानी में बैठक हुई। वक्ताओं ने राजधानी आंदोलन को धार देने के लिए समन्वय समिति के गठन का ऐलान किया। पंचेश्वर बांध समेत तमाम मुद्दों को लेकर धरना, प्रदर्शन, रैलियों, पदयात्राओं, गोष्ठियों के लिए पौड़ी, पिथौरागढ़, टिहरी, उत्तरकाशी में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में उक्रांद, उपपा, भाकपा (माले), महिला मंच, एक्टिव उत्तराखंड, नैनीताल समाचार समेत तमाम आंदोलनकारी और संघर्षशील संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। संयोजक चारू तिवारी, राजीव लोचन साह और स्थानीय आयोजक सरोज जोशी आनंद, दयाल पांडे और हरीश रावत थे।
विज्ञापन


किसने क्या कहा
विधानसभा भवन की नींव डालने के लिए विजय बहुगुणा और हरीश रावत को श्रेय देना गलत है। राज्य गठन के समय ही केंद्र सरकार ने राजधानी चयन और आधारभूत सुविधाओं के लिए 200 करोड़ रुपये दिए थे। गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किए बगैर ही राजभवन की नींव गैरसैंण में डालने का नाटक कर कांग्रेस और भाजपा ने जनता को बरगलाने का काम किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुष्पेश त्रिपाठी, उक्रांद नेता पूर्व विधायक

गैरसैंण राजधानी पूरी तरह से राजनीतिक मुद्दा है। इसमें सभी को हिस्सेदारी निभानी पड़ेगी। इसका हिस्सा बने बगैर कोई फायदा नहीं होगा।
- पीसी तिवारी, केंद्रीय अध्यक्ष, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी

गैरसैंण राजधानी की लड़ाई गांव से लड़नी होगी। सभी को संगठित करने की जरूरत है।
- राजीव लोचन साह, संरक्षक गैरसैंण राजधानी संघर्ष समिति

स्थायी राजधानी के चारों ओर जो सवाल हैं उन पर भी बात की जानी चाहिए।
- उमेश तिवारी, आंदोलनकारी

गैरसैंण राजधानी आंदोलन को मजबूत राजनीतिक ताकत बनाने की जरूरत है।
- जगमोहन रौतेला आंदोलनकारी

गैरसैंण राजधानी आंदोलन के साथ ही विधानसभा सीटों को बरकरार रखने के लिए आंदोलन की जरूरत है। उत्तराखंड में विधानसभाओं का परिसीमन जनसंख्या की बजाए भौगोलिक आधार पर किया जाना चाहिए।

-भूपेन सिंह, आंदोलनकारी
...................
ये भी रहे शामिल
जगदीश बुधानी, भाकपा माले के इंद्रेश मैखुरी, कैलाश पांडे, पुरुषोत्तम शर्मा, महिला मंच की उमा भट्ट, कलावती तिवारी, सरोज साह, रुद्रप्रयाग से मोहित तिवारी, चमोली से प्रदीप सती, उत्तरकाशी से जयदीप सकलानी, देहरादून से पत्रकार योगेश भट्ट, सुशील, उक्रांद से भुवन जोशी, उमेश तिवारी, संतोष कबड़वाल, भूपेन सिंह, दिवाकर भट्ट, चंद्रशेखर करगेती, ओपी पांडे, चंद्रशेखर जोशी, गुरविंदर चड्ढा, मोहित डिमरी, दिल्ली से मुकुल सती, भरत राव, हिमांशु पुरोहित, रमेश कांडपाल, नरेश देवरानी, प्रकाश भारद्वाज, त्रिभुवन बिष्ट आदि।

प्रदेश भर के राजनीतिक और गैर राजनीतिक संगठनों ने चरणबद्ध ढंग से आंदोलन करने का फैसला लिया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed