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कारावास
Updated Wed, 28 Mar 2018 11:48 PM IST
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पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास
सास को दो साल की कैद
जिला सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
अल्मोड़ा। जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने पत्नी की हत्या के मामले में पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है जबकि सास को दो साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार मृतका आशा देवी पुत्री लीलाधर निवासी रतखेल, बसई स्याल्दे का विवाह दीपक रिखाड़ी पुत्र शिव दत्त रिखाड़ी निवासी गोलना, कुमालेश्वर तहसील स्याल्दे के साथ 15 मई 2015 को हुआ था। आरोप है कि पति दीपक रिखाड़ी और सास सरस्वती देवी आशा देवी को दहेज के लिए परेशान किया करते थे। 25 जुलाई 2017 को विवाहिता की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। मृतका की माता देवकी देवी ने घटना की रिपोर्ट पटवारी क्षेत्र कुमालेश्वर में दर्ज कराई। रिपोर्ट में कहा गया है कि आशा के ससुराल वालों ने पांच घोड़े खरीदे थे और घोड़ों का कर्जा चुकाने के लिए पीड़िता के मायके से पैसा मांगा करते थे। इसे लेकर आशा का भी उत्पीड़न किया जाता था। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया था कि इसी के चलते आशा की हत्या कर दी गई। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304बी, 302, 315 और 498ए के तहत मामला दर्ज किया गया। मामला सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा की अदालत में चला। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नैल्वाल एवं विशेष लोक अभियोजक सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी भूपेंद्र कुमार जोशी ने पैरवी की। सत्र न्यायाधीश ने आरोपी दीपक रिखाड़ी को धारा 302, 315 और 498 ए में दोषी पाया। उसे धारा 302 में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड और धारा 315 में पांच साल की सजा और 498 ए में तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि सरस्वती देवी को धारा 498ए के तहत दो साल की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
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सास को दो साल की कैद
जिला सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
अल्मोड़ा। जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने पत्नी की हत्या के मामले में पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है जबकि सास को दो साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार मृतका आशा देवी पुत्री लीलाधर निवासी रतखेल, बसई स्याल्दे का विवाह दीपक रिखाड़ी पुत्र शिव दत्त रिखाड़ी निवासी गोलना, कुमालेश्वर तहसील स्याल्दे के साथ 15 मई 2015 को हुआ था। आरोप है कि पति दीपक रिखाड़ी और सास सरस्वती देवी आशा देवी को दहेज के लिए परेशान किया करते थे। 25 जुलाई 2017 को विवाहिता की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। मृतका की माता देवकी देवी ने घटना की रिपोर्ट पटवारी क्षेत्र कुमालेश्वर में दर्ज कराई। रिपोर्ट में कहा गया है कि आशा के ससुराल वालों ने पांच घोड़े खरीदे थे और घोड़ों का कर्जा चुकाने के लिए पीड़िता के मायके से पैसा मांगा करते थे। इसे लेकर आशा का भी उत्पीड़न किया जाता था। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया था कि इसी के चलते आशा की हत्या कर दी गई। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304बी, 302, 315 और 498ए के तहत मामला दर्ज किया गया। मामला सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा की अदालत में चला। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नैल्वाल एवं विशेष लोक अभियोजक सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी भूपेंद्र कुमार जोशी ने पैरवी की। सत्र न्यायाधीश ने आरोपी दीपक रिखाड़ी को धारा 302, 315 और 498 ए में दोषी पाया। उसे धारा 302 में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड और धारा 315 में पांच साल की सजा और 498 ए में तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि सरस्वती देवी को धारा 498ए के तहत दो साल की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
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