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सरकार की नजर में कम महत्वपूर्ण है मंडी
Updated Tue, 30 Jan 2018 02:29 AM IST
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हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष और हल्द्वानी विधायक इंदिरा हृदयेश ने अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए तीन पानी में देखी गई जमीन के मुद्दे पर सरकार पर हमला बोला है। उनका कहना है कि यह जमीन मंडी के लिए चयनित थी लेकिन सरकार की नजर में मंडी का महत्व नहीं है जबकि 272 लाइसेंस धारक किसानों को दुकान दी जानी है।
इंदिरा हृदयेश के मुताबिक आईएसबीटी के लिए तलाशी जा रही जमीन पर मंडी बने। पूर्व सरकार ने मंडी के लिए जमीन चयनित की थी। भारत सरकार के एक सर्वे में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि किसानों की आय दिहाड़ी मजदूर से भी कम है। इंदिरा का कहना है कि कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए तीनपानी के पास आईएसबीटी के लिए जमीन तलाशी जा रही है।
तीनपानी के पास आईएसबीटी बनाने के लिए फोरलेन बनाने में लगभग 180 से 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भूमि अधिग्रहण पर भी सरकार को सौ से डेढ़ सौ करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। आईएसबीटी के लिए जमीन के एवज में सरकार को पहाड़ पर पौधरोपण के लिए दोगुनी जमीन देनी होगी। जमीन के एवज में एनपीवी (नेट प्रेजेंट वैल्यू) जमा करना होगा। सरकार युद्धस्तर पर भी काम करेगी तो भी प्रक्रिया पूरी करने में छह माह का समय लग जाएगा। केंद्र सरकार से एनओसी लेने में भी काफी समय लगेगा।
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इंदिरा हृदयेश के मुताबिक आईएसबीटी के लिए तलाशी जा रही जमीन पर मंडी बने। पूर्व सरकार ने मंडी के लिए जमीन चयनित की थी। भारत सरकार के एक सर्वे में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि किसानों की आय दिहाड़ी मजदूर से भी कम है। इंदिरा का कहना है कि कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए तीनपानी के पास आईएसबीटी के लिए जमीन तलाशी जा रही है।
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तीनपानी के पास आईएसबीटी बनाने के लिए फोरलेन बनाने में लगभग 180 से 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भूमि अधिग्रहण पर भी सरकार को सौ से डेढ़ सौ करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। आईएसबीटी के लिए जमीन के एवज में सरकार को पहाड़ पर पौधरोपण के लिए दोगुनी जमीन देनी होगी। जमीन के एवज में एनपीवी (नेट प्रेजेंट वैल्यू) जमा करना होगा। सरकार युद्धस्तर पर भी काम करेगी तो भी प्रक्रिया पूरी करने में छह माह का समय लग जाएगा। केंद्र सरकार से एनओसी लेने में भी काफी समय लगेगा।
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