{"_id":"59ef9c084f1c1b65548b9074","slug":"31508875272-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी आर 3 बी का जुर्माना माफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी आर 3 बी का जुर्माना माफ
Updated Wed, 25 Oct 2017 01:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। जीएसटी आर 3 बी भरने से रह गए हजारों कारोबारियों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने जीएसटी पोर्टल में आ रही तकनीकी कमियों को ध्यान में लेते हुए अगस्त और सितंबर का रिटर्न भरने से छूटे कारोबारियों पर 200 रुपये रोजाना की दर से लगा जुर्माना माफ करने का फैसला लिया है।
राज्य कर विभाग के मुताबिक हल्द्वानी संभाग में 20,000 से ज्यादा कारोबारी पंजीकृत हैं। इनमें तकरीबन एक चौथाई ही अगस्त-सितंबर महीने का रिटर्न भर सके हैं, जबकि रिटर्न जमा करने की अंतिम तिथि 20 अक्तूबर थी। अनुमानित आंकड़ा माने तो 14-15 हजार कारोबारियों ने अभी भी रिटर्न 3 बी जमा नहीं किया है। अगर इन पर 200 रुपये रोजाना के हिसाब से जुर्माना लगता तो करोड़ों में पहुंच जाता। वहीं कारोबारियों और रिटर्न जमा करने वाले पेशेवरों सीए, अधिवक्ता, सीएस वगैरह ने राज्य कर अधिकारियों से जीएसटी पोर्टल में आ रही तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायत की थी। इसमें रिटर्न जमा करने के बाद भी नहीं दर्शाने, कभी नाम पते में अंतर आदि गड़बड़ी थी। इस पर अधिकारियों ने मामला उच्च स्तर का बताकर हाथ खड़े कर दिए थे। इधर केंद्र सरकार ने जीएसटी पोर्टल में आ रही देशव्यापी दिक्कतों को देखते हुए अगस्त और सितंबर का रिटर्न भरने में देरी करने वाले कारोबारियों का जुर्माना माफ कर दिया है। इससे कारोबारियों ने राहत महसूस की है।
ऐसे कारोबारी जो अगस्त सितंबर का जीएसटी आर 3 बी जमा नहीं कर सके हैं अब उन पर देरी से रिटर्न जमा करने का जुर्माना माफ कर दिया गया है। - विनय प्रकाश ओझा, सहायक आयुक्त राज्य कर
विज्ञापन
टैक्स बार ने उप आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
टैक्स बार एसोसिएशन ने राज्य कर के उप आयुक्त राहुल वर्मा को ज्ञापन सौंप कर जीएसटी रिटर्न जमा करने में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। ज्ञापन में कहा गया है कि जीएसटी परिषद समय-समय पर संशोधन करती है जिससे रिटर्न जमा करने में दिक्कत हो रही है, जीएसटी पोर्टल में तकनीकी कमियां है इसलिए देरी से रिटर्न भरने में जुर्माना हटाया जाए, जीएसटी आर 1 जो हर माह की 10 तारीख का जमा करना है जुलाई माह के लिए इसकी तिथि 10 अक्टूबर थी लेकिन जो नहीं भर पाए है अब नवंबर में भरेंगे इससे उन पर 42 हजार जुर्माना होगा इसे तत्काल पुनर्विचार किया जाए, जीएसटी आर 2 में खरीद को सूचियों से मिलान करने में कठिनाई हो रही है इसे सरल किया जाए, जीएसटी आर 3 को जिसमें खरीद, बिक्री पूर्ण विवरण देना है लेकिन अभी तक पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है इससे दिक्कत हो रही है। साथ ही ट्रांस 1, 2 में आ रही समस्याओं के हल करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सुमित गुप्ता, संजय जोशी, ईश्वर पांगती, जेपी शर्मा, संजय पांडे, हृदयेश गुप्ता, अजय डुंगराकोटी, सतीश बल्यूटिया, अर्जुन रौतेला, कमल, रमेश दुम्का आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
राज्य कर विभाग के मुताबिक हल्द्वानी संभाग में 20,000 से ज्यादा कारोबारी पंजीकृत हैं। इनमें तकरीबन एक चौथाई ही अगस्त-सितंबर महीने का रिटर्न भर सके हैं, जबकि रिटर्न जमा करने की अंतिम तिथि 20 अक्तूबर थी। अनुमानित आंकड़ा माने तो 14-15 हजार कारोबारियों ने अभी भी रिटर्न 3 बी जमा नहीं किया है। अगर इन पर 200 रुपये रोजाना के हिसाब से जुर्माना लगता तो करोड़ों में पहुंच जाता। वहीं कारोबारियों और रिटर्न जमा करने वाले पेशेवरों सीए, अधिवक्ता, सीएस वगैरह ने राज्य कर अधिकारियों से जीएसटी पोर्टल में आ रही तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायत की थी। इसमें रिटर्न जमा करने के बाद भी नहीं दर्शाने, कभी नाम पते में अंतर आदि गड़बड़ी थी। इस पर अधिकारियों ने मामला उच्च स्तर का बताकर हाथ खड़े कर दिए थे। इधर केंद्र सरकार ने जीएसटी पोर्टल में आ रही देशव्यापी दिक्कतों को देखते हुए अगस्त और सितंबर का रिटर्न भरने में देरी करने वाले कारोबारियों का जुर्माना माफ कर दिया है। इससे कारोबारियों ने राहत महसूस की है।
विज्ञापन
ऐसे कारोबारी जो अगस्त सितंबर का जीएसटी आर 3 बी जमा नहीं कर सके हैं अब उन पर देरी से रिटर्न जमा करने का जुर्माना माफ कर दिया गया है। - विनय प्रकाश ओझा, सहायक आयुक्त राज्य कर
विज्ञापन
टैक्स बार ने उप आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
टैक्स बार एसोसिएशन ने राज्य कर के उप आयुक्त राहुल वर्मा को ज्ञापन सौंप कर जीएसटी रिटर्न जमा करने में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। ज्ञापन में कहा गया है कि जीएसटी परिषद समय-समय पर संशोधन करती है जिससे रिटर्न जमा करने में दिक्कत हो रही है, जीएसटी पोर्टल में तकनीकी कमियां है इसलिए देरी से रिटर्न भरने में जुर्माना हटाया जाए, जीएसटी आर 1 जो हर माह की 10 तारीख का जमा करना है जुलाई माह के लिए इसकी तिथि 10 अक्टूबर थी लेकिन जो नहीं भर पाए है अब नवंबर में भरेंगे इससे उन पर 42 हजार जुर्माना होगा इसे तत्काल पुनर्विचार किया जाए, जीएसटी आर 2 में खरीद को सूचियों से मिलान करने में कठिनाई हो रही है इसे सरल किया जाए, जीएसटी आर 3 को जिसमें खरीद, बिक्री पूर्ण विवरण देना है लेकिन अभी तक पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है इससे दिक्कत हो रही है। साथ ही ट्रांस 1, 2 में आ रही समस्याओं के हल करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सुमित गुप्ता, संजय जोशी, ईश्वर पांगती, जेपी शर्मा, संजय पांडे, हृदयेश गुप्ता, अजय डुंगराकोटी, सतीश बल्यूटिया, अर्जुन रौतेला, कमल, रमेश दुम्का आदि मौजूद थे।