{"_id":"5cc36fd4bdec22073d79835e","slug":"21556312020-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीओ ने रिश्वत प्रकरण जांच से हाथ खींचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसडीओ ने रिश्वत प्रकरण जांच से हाथ खींचे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर में वन दरोगा के रिश्वत प्रकरण में विभागीय जांच के नियुक्त किए गए एसडीओ ने जांच से हाथ खींच लिए। जांच अधिकारी ने तकनीकी कारणों से जांच करने से मना कर दिया। उन्होंने वन संरक्षक को पत्र लिखकर इस मामले की जानकारी दे दी है।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के गुलजारपुर बीट में वन दरोगा शैलेंद्र कुमार चौहान को विजिलेंस टीम ने एक लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त डॉ. पराग मधुकर धकाते ने आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया था, जबकि रेंजर आरके वर्मा को डीएफओ कार्यालय से अटैच कर दिया था। वन संरक्षक ने तराई केंद्रीय वन प्रभाग के एसडीओ उमेश चंद्र तिवारी को इस मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए थे। एसडीओ ने नियमों का हवाला देते हुए दरोगा की जांच करने से मना कर दिया। एसडीओ ने वन संरक्षक को पत्र लिखकर बताया कि इस मामले में आरोपी जेल में है और उसके खिलाफ विभागीय चार्जशीट अभी नहीं बनी है। आरोपी के जेल में होने के कारण आरोपी दरोगा से पूछताछ करना संभव नहीं हैं। उसके जमानत पर बाहर आने पर ही जांच हो सकती है। एसडीओ ने वन संरक्षक से इस मामले की नये सिरे से जांच का आदेश जारी करने का अनुरोध किया था।
एसडीओ ने रिश्वत प्रकरण जांच से हाथ खींचे
तराई पश्चिमी वन प्रभाग में दरोगा के रिश्वत लेने का मामला
तकनीकी कारणों का दिया हवाला
एसडीओ ने जांच में तकनीकी कारणों का हवाला दिया था। कुछ असमंजस के कारण यह परेशानी हुई। अब दिक्कत दूर हो गई है। एसडीओ को दरोगा की नहीं, डीएफओ कार्यालय से अटैच रेंजर की विभागीय जांच सौंपी गई है। -डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक, पश्चिमी वृत्त
विज्ञापन
विज्ञापन
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के गुलजारपुर बीट में वन दरोगा शैलेंद्र कुमार चौहान को विजिलेंस टीम ने एक लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त डॉ. पराग मधुकर धकाते ने आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया था, जबकि रेंजर आरके वर्मा को डीएफओ कार्यालय से अटैच कर दिया था। वन संरक्षक ने तराई केंद्रीय वन प्रभाग के एसडीओ उमेश चंद्र तिवारी को इस मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए थे। एसडीओ ने नियमों का हवाला देते हुए दरोगा की जांच करने से मना कर दिया। एसडीओ ने वन संरक्षक को पत्र लिखकर बताया कि इस मामले में आरोपी जेल में है और उसके खिलाफ विभागीय चार्जशीट अभी नहीं बनी है। आरोपी के जेल में होने के कारण आरोपी दरोगा से पूछताछ करना संभव नहीं हैं। उसके जमानत पर बाहर आने पर ही जांच हो सकती है। एसडीओ ने वन संरक्षक से इस मामले की नये सिरे से जांच का आदेश जारी करने का अनुरोध किया था।
विज्ञापन
एसडीओ ने रिश्वत प्रकरण जांच से हाथ खींचे
तराई पश्चिमी वन प्रभाग में दरोगा के रिश्वत लेने का मामला
तकनीकी कारणों का दिया हवाला
एसडीओ ने जांच में तकनीकी कारणों का हवाला दिया था। कुछ असमंजस के कारण यह परेशानी हुई। अब दिक्कत दूर हो गई है। एसडीओ को दरोगा की नहीं, डीएफओ कार्यालय से अटैच रेंजर की विभागीय जांच सौंपी गई है। -डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक, पश्चिमी वृत्त
विज्ञापन