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आठ हजार मजदूरो के सामने रोजी-रोटी का संकट
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खनन
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। सरकार और स्टोन क्रशरों के बीच चल रही खींचतान से नदी से जुड़े आठ हजार परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। स्टोन क्रशरों के ई-रवन्ना बंद करने से करीब चार हजार से अधिक वाहन खड़े रहे। स्टोन क्रशरों की खरीद-बिक्री बंद होने से करीब 80 लाख प्रतिदिन का नुकसान भी हो रहा है।
शासन ने नैनीताल, ऊधमसिंह नगर जिले के स्टोन क्रशरों के ई-रवन्ने में रोक लगा दी है। रोक का कारण स्टोन क्रशरों में लगाई गई पेनाल्टी जमा न करना बताया गया है। स्टोन क्रशर मालिक इसे नियम विरुद्ध कार्रवाई बता रहे हैं। स्टोन क्रशर, शासन के बीच चल रही खींचतान का खामियाजा वाहन स्वामियों, मजदूरों को उठाना पड़ रहा है। ई-रवन्ना न कटने के कारण गौला, नंधौर सहित अन्य नदियों में उपखनिज निकासी के लिए चलने वाले चार हजार वाहन खड़े हो गए हैं। बाहरी प्रदेशों से स्टोन क्रशरों से उपखनिज लेने आने वाले वाहन भी उपखनिज न मिलने के कारण खड़े हैं। इससे जहां राजस्व की हानि हो रही है। गौला-नंधौर से जुड़े आठ हजार परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट हो गया है।
गौला-नंधौर के आठ हजार परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
ई-रवना बंद होने से चार हजार वाहन खड़े
प्रतिदिन 80 लाख का हो रहा है नुकसान
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शासन ने नैनीताल, ऊधमसिंह नगर जिले के स्टोन क्रशरों के ई-रवन्ने में रोक लगा दी है। रोक का कारण स्टोन क्रशरों में लगाई गई पेनाल्टी जमा न करना बताया गया है। स्टोन क्रशर मालिक इसे नियम विरुद्ध कार्रवाई बता रहे हैं। स्टोन क्रशर, शासन के बीच चल रही खींचतान का खामियाजा वाहन स्वामियों, मजदूरों को उठाना पड़ रहा है। ई-रवन्ना न कटने के कारण गौला, नंधौर सहित अन्य नदियों में उपखनिज निकासी के लिए चलने वाले चार हजार वाहन खड़े हो गए हैं। बाहरी प्रदेशों से स्टोन क्रशरों से उपखनिज लेने आने वाले वाहन भी उपखनिज न मिलने के कारण खड़े हैं। इससे जहां राजस्व की हानि हो रही है। गौला-नंधौर से जुड़े आठ हजार परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट हो गया है।
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गौला-नंधौर के आठ हजार परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
ई-रवना बंद होने से चार हजार वाहन खड़े
प्रतिदिन 80 लाख का हो रहा है नुकसान