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गौला का जलस्तर घटा, गहरा सकता है पेयजल संकट
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blue water lake
- फोटो : social media
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हल्द्वानी। गर्मी शुरू होने के साथ ही गौला नदी का जलस्तर तेजी से कम होने लगा है। शनिवार को गौला का जलस्तर 130 क्यूसेक रिकार्ड किया गया, जबकि पिछले वर्ष 30 मार्च को गौला का जलस्तर 135 क्यूसेक था। अभी से गौला के जलस्तर में आ रही कमी की वजह से मई, जून में गंभीर पेयजल संकट पैदा होने की संभावना है।
शहर और ग्रामीण इलाकों की पेयजल व्यवस्था गौला नदी पर निर्भर है। इसके अलावा टेल एंड के गांवों में नलकूपों से पेयजल आपूर्ति की जाती है। जलस्तर कम होने से नलकूप भी खराब होने लगे हैं। गौला के तेजी से कम हो रहे जलस्तर की वजह से इस बार मई, जून में गंभीर पेयजल किल्लत होने की संभावना बनी है। गर्मियों में पेयजल किल्लत की संभावना को देखते हुए जलसंस्थान ने अतिरिक्त टैंकर किराए पर लेने का निर्णय लिया है।
गौला से जलसंस्थान को प्रतिदिन 30 क्यूसेक पेयजल उपलब्ध होता है। गौला का जलस्तर कम होने से पानी के प्रेशर में कमी आ गई है। जिस वजह से जलसंस्थान के ट्रीटमेंट प्लांट को भी धीमी गति से पेयजल की सप्लाई हो रही है। जलसंस्थान के पास शहर और ग्रामीण इलाकों में मिलाकर 77 हजार कनेक्शन हैं। इनके लिए जलसंस्थान को गौला, नलकूप और अन्य स्रोतों से करीब 52 एमएलडी पानी मिल रहा है लेकिन जलसंस्थान के पास इस पानी के भंडारण की कोई व्यवस्था नहीं है। इस बार जाड़ों में औसत से कहीं अधिक बारिश हुई है। इसके बावजूद जलसंस्थान ने गर्मियों में पेयजल किल्लत से निपटने के लिए 7 विभागीय टैंकरों के अलावा 22 किराए के टैंकरों से पेयजल आपूर्ति कराने का निर्णय लिया है लेकिन शहर में पेयजल वितरण की कोई दीर्घकालिका योजना अब तक नहीं बन सकी है।
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गौला का जलस्तर घटा, गहरा सकता है पेयजल संकट
जाड़ों में औसत से अधिक बारिश के बावजूद पिछले साल की तुलना में कम हुआ जलस्तर
135 क्यूसेक था जलस्तर 2018 में 30 मार्च को गौला का जलस्तर, जबकि इस बार है130 क्यूसेक
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शहर और ग्रामीण इलाकों की पेयजल व्यवस्था गौला नदी पर निर्भर है। इसके अलावा टेल एंड के गांवों में नलकूपों से पेयजल आपूर्ति की जाती है। जलस्तर कम होने से नलकूप भी खराब होने लगे हैं। गौला के तेजी से कम हो रहे जलस्तर की वजह से इस बार मई, जून में गंभीर पेयजल किल्लत होने की संभावना बनी है। गर्मियों में पेयजल किल्लत की संभावना को देखते हुए जलसंस्थान ने अतिरिक्त टैंकर किराए पर लेने का निर्णय लिया है।
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गौला से जलसंस्थान को प्रतिदिन 30 क्यूसेक पेयजल उपलब्ध होता है। गौला का जलस्तर कम होने से पानी के प्रेशर में कमी आ गई है। जिस वजह से जलसंस्थान के ट्रीटमेंट प्लांट को भी धीमी गति से पेयजल की सप्लाई हो रही है। जलसंस्थान के पास शहर और ग्रामीण इलाकों में मिलाकर 77 हजार कनेक्शन हैं। इनके लिए जलसंस्थान को गौला, नलकूप और अन्य स्रोतों से करीब 52 एमएलडी पानी मिल रहा है लेकिन जलसंस्थान के पास इस पानी के भंडारण की कोई व्यवस्था नहीं है। इस बार जाड़ों में औसत से कहीं अधिक बारिश हुई है। इसके बावजूद जलसंस्थान ने गर्मियों में पेयजल किल्लत से निपटने के लिए 7 विभागीय टैंकरों के अलावा 22 किराए के टैंकरों से पेयजल आपूर्ति कराने का निर्णय लिया है लेकिन शहर में पेयजल वितरण की कोई दीर्घकालिका योजना अब तक नहीं बन सकी है।
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गौला का जलस्तर घटा, गहरा सकता है पेयजल संकट
जाड़ों में औसत से अधिक बारिश के बावजूद पिछले साल की तुलना में कम हुआ जलस्तर
135 क्यूसेक था जलस्तर 2018 में 30 मार्च को गौला का जलस्तर, जबकि इस बार है130 क्यूसेक