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घायल को मृत दिखाने के मामले की जांच पूरी
Updated Sun, 14 Oct 2018 02:10 AM IST
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हल्द्वानी। डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल में जिंदा व्यक्ति को मृत दिखाने के मामले में अस्पताल प्रबंधन ने जांच पूरी कर ली है। दावा किया जा रहा है कि मानवीय भूल के चलते ऐसा हुआ था।
15 सितंबर को रुद्रपुर के आदर्श कालोनी घासमंडी निवासी तीन युवक हल्द्वानी से रुद्रपुर जाते वक्त हादसे का शिकार हो गए थे जिनमें से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक युवक घायल हो गया था। अस्पताल प्रबंधन ने मृतकों की सूची में ही घायल युवक का नाम भी शामिल कर दिया। मृतकों की सूची में घायल का नाम दर्ज होने की जानकारी होने पर घायल के परिजनों ने अस्पताल में खासा हंगामा किया था। मामला संज्ञान में आने के बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके जोशी ने चार सदस्यीय जांच टीम गठित की। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि इस मामले की जांच पूरी होने के बाद जांच रिपोर्ट उन्हें मिल गई है। हादसे की स्थिति में रजिस्टर में अस्पताल लाए जाने वाले घायलों को ब्राड बाई (बीबी) और मृतकों को ब्राड डैड (बीडी) के रूप में दर्ज किया जाता है। उन्होंने बताया कि जांच में यह साफ हुआ है कि रजिस्टर में मानवीय भूल के चलते घायल युवक के नाम के आगे बीबी के स्थान पर बीडी दर्ज हो गया था। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की मानवीय भूल न हो इसके लिए दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
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15 सितंबर को रुद्रपुर के आदर्श कालोनी घासमंडी निवासी तीन युवक हल्द्वानी से रुद्रपुर जाते वक्त हादसे का शिकार हो गए थे जिनमें से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक युवक घायल हो गया था। अस्पताल प्रबंधन ने मृतकों की सूची में ही घायल युवक का नाम भी शामिल कर दिया। मृतकों की सूची में घायल का नाम दर्ज होने की जानकारी होने पर घायल के परिजनों ने अस्पताल में खासा हंगामा किया था। मामला संज्ञान में आने के बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके जोशी ने चार सदस्यीय जांच टीम गठित की। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि इस मामले की जांच पूरी होने के बाद जांच रिपोर्ट उन्हें मिल गई है। हादसे की स्थिति में रजिस्टर में अस्पताल लाए जाने वाले घायलों को ब्राड बाई (बीबी) और मृतकों को ब्राड डैड (बीडी) के रूप में दर्ज किया जाता है। उन्होंने बताया कि जांच में यह साफ हुआ है कि रजिस्टर में मानवीय भूल के चलते घायल युवक के नाम के आगे बीबी के स्थान पर बीडी दर्ज हो गया था। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की मानवीय भूल न हो इसके लिए दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
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