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महंगा नहीं है आन लाइन मैपिंग सिस्टम का साफ्टवेयर
Updated Sat, 06 Oct 2018 02:06 AM IST
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हल्द्वानी। उत्तराखंड आर्किटेक्ट एंड इंजीनियर्स एसोसिएशन का दावा है कि ऑनलाइन मैपिंग सिस्टम का सॉफ्टवेयर न केवल सस्ता है बल्कि आसानी से सुलभ भी है। इसके माध्यम से आर्किटेक्ट, भवन मानचित्रकार आसानी से ऑनलाइन भवन मानचित्र बनाकर प्राधिकरण की वेबसाइट पर जमा करा सकता है।
एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष आरके शर्मा उक्त सॉफ्टवेयर के दो लाख रुपये कीमत होने और सालाना पचास हजार रुपये नवीनीकरण में खर्च होने की बात को खारिज करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों हुए तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों ने पंजीकृत मानचित्रकारों के लैपटाप में निशुल्क डाउनलोड भी किया है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन भवन मानचित्र प्रणाली में भवन मानचित्र ओटोकैड सॉफ्टवेयर के माध्यम से जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 29 लेयर का यह प्री डीसीआर सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके मानचित्रकारों के लैपटॉप पर निशुल्क डाउनलोड किया जा चुका है। शर्मा का कहना है कि ओटोकैड नामक सॉफ्टवेयर लगभग 12 हजार रुपये तक उपलब्ध है और इसका नवीनीकरण कराना भी कम खर्चीला है। इधर राज्य विकास प्राधिकरण के आईटी विशेषज्ञ और वर्तमान में यहां प्राधिकरण में बतौर प्रशिक्षक तैनात अरुण बिष्ट ने भी सॉफ्टवेयर का महंगा होने की बात को गलत बताया है।
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एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष आरके शर्मा उक्त सॉफ्टवेयर के दो लाख रुपये कीमत होने और सालाना पचास हजार रुपये नवीनीकरण में खर्च होने की बात को खारिज करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों हुए तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों ने पंजीकृत मानचित्रकारों के लैपटाप में निशुल्क डाउनलोड भी किया है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन भवन मानचित्र प्रणाली में भवन मानचित्र ओटोकैड सॉफ्टवेयर के माध्यम से जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 29 लेयर का यह प्री डीसीआर सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके मानचित्रकारों के लैपटॉप पर निशुल्क डाउनलोड किया जा चुका है। शर्मा का कहना है कि ओटोकैड नामक सॉफ्टवेयर लगभग 12 हजार रुपये तक उपलब्ध है और इसका नवीनीकरण कराना भी कम खर्चीला है। इधर राज्य विकास प्राधिकरण के आईटी विशेषज्ञ और वर्तमान में यहां प्राधिकरण में बतौर प्रशिक्षक तैनात अरुण बिष्ट ने भी सॉफ्टवेयर का महंगा होने की बात को गलत बताया है।
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