{"_id":"5ae0e7674f1c1ba0098b67cf","slug":"201524688743-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आलू, टमाटर के भाव के साथ कानून को जानने का जुनून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आलू, टमाटर के भाव के साथ कानून को जानने का जुनून
Updated Thu, 26 Apr 2018 02:18 AM IST
विज्ञापन
law
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। पढ़ने की न तो कोई उम्र होती और न ही कोई वक्त। अगर कुछ होता है तो वो बस लगन और प्रबल इच्छाशक्ति। ऐसा ही जज्बा सब्जी का ठेला लगाने वाले 30 वर्षीय धर्मेंद्र साहू में है। धर्मेंद्र साहू सब्जी बेचने के साथ ही एलएलबी की पढ़ाई कर बड़ा वकील बनने का सपना संजोए हुए हैं। धर्मेंद्र अभी तक एलएलबी के नौ सेमेस्टर पास कर चुके हैं और संभवत: मई में उन्हें बीए एलएलबी की डिग्री मिल जाएगी।
मूल रूप से जिला फतेहपुर उत्तरप्रदेश के गांव उमरपुर के रहने वाले धर्मेंद्र कुमार साहू (30) करीब बीस सालों से इंदिरा नगर में रहकर सब्जी का ठेला लगा रहे हैं। उन्होंनेे बताया कि वे 1999 में अपने भाई के साथ रोजगार की तलाश में हल्द्वानी आए थे। सब्जी बेचकर से आजीविका तो चलने लगी पर मन में पढ़कर लिखकर आगे बढ़ने की इच्छा थी। उन्होंने 2004 में हाईस्कूल की परीक्षा जीआईसी बनभूलपुरा से प्रथम श्रेणी में पास की, 2006 में इंटर की परीक्षा द्वितीय श्रेणी में पास की, उसके बाद कुछ पारिवारिक दिक्कतों के चलते वे आगे नहीं पढ़ पाए। धर्मेंद्र बताते हैं कि 2012 में दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में फंसने के बाद कचहरी के चक्कर काटने के दौरान उन्हें कई कटु अनुभवों से गुजरना पड़ा। उसके बाद वे काफी समय तक डिप्रेेशन में चले गए। डिप्रेशन से उबरने के बाद धर्मेंद्र ने विचार किया कि वे भी वकील बनेंगे और लोगों को सुगम तरीके से न्याय दिलाने में मदद करेंगे। इसको लेकर उन्होंने 2013 में यूनिटी लॉ कॉलेज रुद्रपुर में दाखिले के लिए आवेदन किया। इंटर में अच्छे नंबरों के कारण उन्हें आसानी से दाखिला मिल गया। अभी तक धर्मेंद्र 9 सेमेस्टर सफलतापूर्वक पास कर चुके हैं। मई के अंत तक उन्हें बीए एलएलबी की डिग्री भी मिल जाएगी। वकालत की पढ़ाई करने के साथ सब्जी का ठेला लगाने के सवाल पर वे कहते हैं मेहनत करने में शर्म कैसी।
विज्ञापन
मूल रूप से जिला फतेहपुर उत्तरप्रदेश के गांव उमरपुर के रहने वाले धर्मेंद्र कुमार साहू (30) करीब बीस सालों से इंदिरा नगर में रहकर सब्जी का ठेला लगा रहे हैं। उन्होंनेे बताया कि वे 1999 में अपने भाई के साथ रोजगार की तलाश में हल्द्वानी आए थे। सब्जी बेचकर से आजीविका तो चलने लगी पर मन में पढ़कर लिखकर आगे बढ़ने की इच्छा थी। उन्होंने 2004 में हाईस्कूल की परीक्षा जीआईसी बनभूलपुरा से प्रथम श्रेणी में पास की, 2006 में इंटर की परीक्षा द्वितीय श्रेणी में पास की, उसके बाद कुछ पारिवारिक दिक्कतों के चलते वे आगे नहीं पढ़ पाए। धर्मेंद्र बताते हैं कि 2012 में दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में फंसने के बाद कचहरी के चक्कर काटने के दौरान उन्हें कई कटु अनुभवों से गुजरना पड़ा। उसके बाद वे काफी समय तक डिप्रेेशन में चले गए। डिप्रेशन से उबरने के बाद धर्मेंद्र ने विचार किया कि वे भी वकील बनेंगे और लोगों को सुगम तरीके से न्याय दिलाने में मदद करेंगे। इसको लेकर उन्होंने 2013 में यूनिटी लॉ कॉलेज रुद्रपुर में दाखिले के लिए आवेदन किया। इंटर में अच्छे नंबरों के कारण उन्हें आसानी से दाखिला मिल गया। अभी तक धर्मेंद्र 9 सेमेस्टर सफलतापूर्वक पास कर चुके हैं। मई के अंत तक उन्हें बीए एलएलबी की डिग्री भी मिल जाएगी। वकालत की पढ़ाई करने के साथ सब्जी का ठेला लगाने के सवाल पर वे कहते हैं मेहनत करने में शर्म कैसी।
विज्ञापन