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एनसीईआरटी की किताबों का मामला उच्च न्यायालय पहुंचा
Updated Sat, 24 Mar 2018 02:43 AM IST
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नैनीताल। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद की किताबों का मामला अब उच्च न्यायालय पहुंच गया है। विशेष याचिका पर सुनवाई में न्यायालय ने सरकार और प्रतिपक्ष को 26 मार्च तक शपथ पत्र देने और एकल पीठ को जल्द मामला निस्तारित करने का निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। उच्च न्यायालय में दायर विशेष याचिका में कहा गया था कि सरकार ने 23 अगस्त 2017 को शासनादेश जारी कर उत्तराखंड में आईसीएससी विद्यालयों को छोड़कर समस्त सरकारी, सहायता प्राप्त ,मान्यता प्राप्त अशासकीय और निजी विद्यालयाें में एनसीआरटीई की ही किताबों से पढ़ाने को कहा था और निजी प्रकाशकों की किताबों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया था। कहा गया कि निजी विद्यालयों में निजी प्रकाशक की ही किताबें महंगे दामों पर बेची जा रही हैं और अभिभावकों पर अतिरिक्त व्यय भार पड़ता है।
सरकार और प्रतिपक्ष से 26 मार्च तक मांगा शपथपत्र
मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने दिये मामले के जल्द निस्तारण के आदेश
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मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। उच्च न्यायालय में दायर विशेष याचिका में कहा गया था कि सरकार ने 23 अगस्त 2017 को शासनादेश जारी कर उत्तराखंड में आईसीएससी विद्यालयों को छोड़कर समस्त सरकारी, सहायता प्राप्त ,मान्यता प्राप्त अशासकीय और निजी विद्यालयाें में एनसीआरटीई की ही किताबों से पढ़ाने को कहा था और निजी प्रकाशकों की किताबों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया था। कहा गया कि निजी विद्यालयों में निजी प्रकाशक की ही किताबें महंगे दामों पर बेची जा रही हैं और अभिभावकों पर अतिरिक्त व्यय भार पड़ता है।
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सरकार और प्रतिपक्ष से 26 मार्च तक मांगा शपथपत्र
मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने दिये मामले के जल्द निस्तारण के आदेश