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गड्ढों ने ली सेवानिवृत सूबेदार की जान

Wed, 06 Dec 2017 02:22 AM IST
Updated Wed, 06 Dec 2017 02:22 AM IST
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गड्ढों ने ली सेवानिवृत सूबेदार की जान
लालकुआं (नैनीताल)। बाजार से घरेलू सामान लेकर घर जा रहे स्कूटी सवार सेवानिवृत्त सूबेदार हाइवे के गड्ढों में अनियंत्रित होकर जैसे ही गिरे, पीछे से आ रहे डंपर ने उन्हें कुचल दिया। इससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेजा है। वाहन को भी कब्जे में ले लिया गया है। इधर मृतक सूबेदार के परिवार में कोहराम मच गया।
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मंगलवार को बिंदुखत्ता गांधीनगर निवासी (55) वर्षीय सेवानिवृत्त सूबेदार राजेंद्र सिंह पिमोली अपने घर में निर्माण कार्य के चलते बैंक व अन्य कार्य निपटाने बाजार आए थे। काम निपटा कर वह अपनी स्कूटी संख्या यूके 04 वाई 2622 से घर लौट रहे थे। ट्रांसपोर्ट नगर से कुछ आगे बढ़ते ही सड़क के गड्ढों में पड़ी बजरी पर ब्रेक लगाने के चलते उनकी स्कूटी फिसल गई और वह सड़क पर गिर पड़े। इस दौरान तेज गति से आ रहे डंपर संख्या यूपी 11 टी 5291 का टायर उनके सिर पर चढ़ गया। इससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने डंपर को पकड़ लिया।
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डिग्गी में रखा रह गया हेलमेट

राजेंद्र सिंह पिमोली बंगाल इंजीनियरिंग से सूबेदार पद से 10 साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। वह अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं। बेटी का विवाह हो चुका है। जबकि दोनों बेटे उनके इंजीनियर हैं। एक बेटा पंतनगर सिडकुल और दूसरा बीएचयू बनारस में तैनात है। साथ ही उनकी बहू रुद्रपुर कलेक्ट्रेट में जिला निर्वाचन कार्यालय में तैनात हैं। पुलिस के अनुसार पिमोली हादसे के वक्त हेलमेट नहीं पहने थे। जब शिनाख्त के लिए स्कूटी की डिग्गी खोली गई तो उसमें हेलमेट सुरक्षित रखा था। पुलिस ने बताया कि पूर्व सूबेदार की मौत सिर कुचलने की वजह से हुई है। अगर उन्होंने हेलमेट पहना होता तो उनकी जान बच सकती थी।
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कब तक खून से लाल होती रहेंगी लालकुआं की सड़कें

तीन पानी से लेकर लालकुआं तक हाइवे पर गड्ढों और बेतरतीब दौड़ रहे डंपरों के कारण लोग हादसों में जान गंवा रहे हैं। दुर्घटनाओं के दौरान कुछ समय तक टूटी सड़कों का रोना रोया जाता है, इसके बाद स्थिति जस की तस हो जाती है। लालकुआं से लेकर तीनपानी तक बदहाल सड़क का हाल यह है कि तीन दिसंबर की रात्रि उत्तराखंड के अपर सचिव को मोटाहल्दू में लगभग चार घंटे तक रुकना पड़ा। इसके बाद भी जिम्मेदार लोग हाथ पर हाथ धरे हादसों को देख रहे हैं।


विधायक और अधिकारियों का भी यही रूट

इसी सड़क से लालकुआं विधायक नवीन दुम्का और अधिकारी हर रोज गुजरते हैं और धक्के खाते हैं। लोगों के न जाने कितने ज्ञापन उन्होंने ले लिए हैं। इसके बाद भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। लालकुआं से लेकर तीन पानी तक राष्ट्रीय राजमार्ग के हाल सबसे अधिक खराब हैं।
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