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दीक्षांत समारोह: कुलाधिपति ने कहा- भारत को विश्व गुरु बनाने का लक्ष्य पूरा कर रही देश की युवा पीढ़ी

Tue, 17 Dec 2024 11:56 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 17 Dec 2024 11:56 AM IST
सार

19th convocation of Kumaon University: मुख्य अतिथि रहे कुलाधिपति व राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा युवा पीढ़ी भारत को विकसित राष्ट्र, नए आयामों और भारत को विश्व गुरु बनाने के लक्ष्य को लेकर आगे चल रहा है जो हमारे लिए गर्व की बात है। 

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19th convocation of Kumaon University
19th convocation of Kumaon University - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कुमाऊं विश्वविद्यालय के 19वें दीक्षांत समारोह का डीएसबी परिसर के एएन सिंह सभागार में कुलाधिपति एवं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि), उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत व कुलसचिव डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। इस दौरान मेधावी विद्यार्थियों को पदक वितरित किए गए, जिसमें 73 फीसदी छात्राएं शामिल रहीं। सिने अभिनेता ललित मोहन तिवारी को डी-लिट की मानद उपाधि दी गई। जबकि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के चांसलर और यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. डीपी सिंह को उनकी अनुपस्थिति में डीएससी की मानद उपाधि दी गई।

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सोमवार के मुख्य अतिथि रहे कुलाधिपति व राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा युवा पीढ़ी भारत को विकसित राष्ट्र, नए आयामों और भारत को विश्व गुरु बनाने के लक्ष्य को लेकर आगे चल रहा है जो हमारे लिए गर्व की बात है। जबकि विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने कहा राज्य की लोक संस्कृति व लोक विरासत को संजोए रखने तथा बेहतर भविष्य के लिए प्राइमरी स्कूलों में कुमाऊंनी-गढ़वाली, जौनसारी आदि बोलियों से संबंधित पाठ्य सामग्री लागू की गई है। इससे हम अपनी बोल व भाषा का संरक्षण कर सकेंगे।

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इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत में कुलपति दीवान सिंह रावत ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि बीते पांच दशक से कुमाऊं विवि ज्ञान और नवाचार का एक स्तंभ बनकर खड़ा है, जिसने उच्च शिक्षा में नए मानक स्थापित किए हैं। पूर्व छात्र विश्वभर में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, इस संस्थान से मिले मूल्यों और शिक्षा के जीवंत प्रतीक हैं। कुलपति प्रो. रावत ने कहा कुमाऊं विवि देश का पहला ऐसा संस्थान बना है जिसने परीक्षा सामग्री की गोपनीय छपाई के लिए एक पारदर्शी और वित्तीय रूप से मितव्ययी ओपन टेंडर प्रक्रिया को लागू किया। कहा विवि ने डायरेक्टोरेट ऑफ विजिटिंग प्रोफेसर्स की स्थापना की है। इसके तहत ख्याति प्राप्त विद्वानों, उद्योग जगत के अग्रणियों, और सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों को हमारी शैक्षणिक समुदाय में शामिल किया गया है। इस पहल से विद्यार्थियों को उन व्यक्तित्वों के अनुभवों से सीखने का अवसर मिला है।

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इधर स्नातक एवं स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी कर चुके 19 हजार 570 विद्यार्थियों की डिग्री का अनुमोदन किया गया। जबकि 201 को शोध उपाधि तथा 90 मेधावियों को मेडल प्रदान किए गए। इससे पूर्व कार्यक्रम में मंत्रोच्चारण के बीच शोभायात्रा का कार्यक्रम स्थल डीएसबी परिसर के एएन सिंह हॉल में स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. दिव्या जोशी उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर विधायक सरिता आर्या, डीएम वंदना सिंह, एसएसपी पीएन मीणा, अल्मोड़ा विवि के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. ओपी सिंह, दर्जा राज्य मंत्री पेयजल अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष दिनेश आर्य, मंडी परिषद सलाहकार मनोज जोशी, अरविंद पडियार पूर्व सांसद महेंद्र पाल, डीएम वंदना सिंह, एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा, डॉ. जगदीश चन्द्र, सीओ प्रमोद साह, परिसर निदेशक प्रो. नीता बोरा शर्मा सहित विवि के सभी डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और कर्मचारी मौजूद रहे।

समारोह उपाधियों का वितरण नहीं, भविष्य का नया पड़ाव : कुलाधिपति
यहां दीक्षांत समारोह में पहुंचे कुलाधिपति व राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा जो विद्यार्थी उपाधि प्राप्त कर रहे हैं उनकी सफलता में योगदान देने वाले परिजन और गुरुजनों का परिश्रम है। समारोह केवल डिग्रियों का वितरण नहीं बल्कि यह शिक्षा के प्रति और भविष्य के नया पड़ाव हैं। कहा कुमाऊं विवि नवाचारों, अनुसंधान और समाजोपयोगी पहलों के कारण भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में अपनी पहचान बना चुका है। साथ ही सरकार की ओर से भी शिक्षकों और छात्रों को अनुसंधान के लिए आंतरिक शोध वित्त पोषण के तहत योग्य शिक्षकों को शोध कार्य के लिए आर्थिक सहायता, छात्रों में शिक्षकों को उनके नवाचारों को पेटेंट कराने में सहायता प्रदान करने के लिए पेटेंट सेल की स्थापना, सेमिनार वित्त पोषण के तहत राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय सेमिनार में भाग लेने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

मेधावियों को भारत दर्शन कराएगी सरकार: शिक्षा मंत्री
समारोह में पहुंचे उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मेधावी स्वर्ण पदक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को भारत दर्शन कराने की योजना है। इस भ्रमण का खर्च प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से उठाया जाएगा। इसके साथ ही शोध पत्र के लिए बजट का अब अभाव नहीं होगा। सरकार शोधार्थियों को एक लाख से लेकर 15 लाख तक की मदद करेगी। उन्होंने कहा इसके अलावा उच्च शिक्षा उन्नयन गुणवत्ता योजना के तहत शिक्षक शिक्षा के कार्य के लिए विदेश आसानी से जा सकेगें। सरकार की ओर से इसके लिए बजट दिया जाएगा।

युवा भविष्य के कर्णधार: सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल के माध्यम से विश्वविद्यालय के समारोह में जुड़े। इस दौरान उन्होंने उपाधि धारकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा भविष्य के कर्णधार हैं। उन्होंने कहा देश की प्रबुद्ध जनता एवं कुशल नेतृत्व के कारण ही देश में राजनैतिक स्थिरता का वातावरण बना है। आज उत्तराखंड हर क्षेत्र में उन्नति कर रहा है। उत्तराखंड यूसीसी (कॉमन सिविल कोड) लागू करने वाला पहला राज्य है। कई कानून जैसे दंगा विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून, धर्मानान्तरण विरोधी कानून के लागू होने से राज्य विकास, उन्नति एवं समभाव के पथ पर अग्रसर है। जमरानी बांध, सौंग बांध के निर्माण से उत्तराखंड में पानी की समस्या का समाधान होगा।

आज कुविवि और डीएसबी परिसर में रहेगा अवकाश
कुलसचिव डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल ने समारोह की सफलता के लिए सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि समारोह की तैयारियों के लिए शनिवार को विवि का प्रशासनिक भवन में छुट्टी के बावजूद कार्य किया गया। जबकि रविवार को डीएसबी परिसर में समारोह की तैयारियां की गई। इसे देखते हुए सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है।

10 हजार परिजनों ने देखा सीधा प्रसारण
दीक्षांत समारोह का कुविवि के फेसबुक और यू-ट्यूब पेज में सीधा प्रसारण किया गया था। इस दौरान करीब 10 हजार परिजनों ने अपने बच्चों को उपाधी लेते हुए देखा। इसके साथ ही यह पहला मौका था जब विवि की ओर से समारोह के लिए प्रशासनिक भवन और डीएसबी परिसर को बिजली की मालाओं से सजाया गया था।

19वें दीक्षांत समारोह में 19000 डिग्री
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि 19वें दीक्षांत समारोह में 19000 से ज्यादा विद्यार्थियों को डिग्री मिलना एक सुखद संयोग है। उन्होंने कहा कि पीएचडी और स्वर्ण पदकों में बेटियों की ज्यादा तादाद होना प्रधानमंत्री के बेटियों को प्रोत्साहित करने के सपने को पूरा करने जैसा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेटियों की हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां पूरे देश के लिए प्रेरक हैं।

 

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