फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   55 महीनों में जो काम हुए, वह 55 साल में नहीं हुए: त्रिवेंद्र

55 महीनों में जो काम हुए, वह 55 साल में नहीं हुए: त्रिवेंद्र

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Mar 2019 02:00 AM IST
विज्ञापन
55 महीनों में जो काम हुए, वह 55 साल में नहीं हुए: त्रिवेंद्र
बेतालघाट/पतलोट (नैनीताल)। कुमाऊं की नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट से भाजपा के चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने विकास के मुद्दे को जनता के सामने रखा। मोदी सरकार के साढ़े चार के कार्यकाल की तुलना कांग्रेस के 55 साल के राज से की।
विज्ञापन

नैनीताल विधानसभा क्षेत्र के बेतालघाट और भीमताल क्षेत्र के खनस्यू में प्रत्याशी अजय भट्ट के समर्थन में आयोजित जनसभाओं में मुख्यमंत्री ने कहा वर्ष 2022 में आजादी के 75 वर्ष होने पर डायमंड जुबली होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि डायमंड जुबली के हम तब हकदार होंगे जब हर गरीब के पास अपनी छत होगी। 55 महीनों में केंद्र ने एक करोड़ 30 लाख लोगों को मकान दिए। 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत लाकर उनकी चिंता दूर की। 13 करोड़ से अधिक गरीब महिलाओं को उज्ज्वला कनेक्शन बांटे। रावत ने कहा देश में प्रदेश अटल आयुष्मान योजना और एयर एंबुलेंस योजना में प्रथम स्थान पर है। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट से प्रत्याशी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि मोदी ने पुलवामा हमले के बाद सेना को खुली छूट दी तो सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंक का सफाया किया। यह भी कहा कि उन्होंने अपनी जनसभा की शुरुआत ओखलकांडा के दुर्गम गांव से की ताकि वह उनकी पीड़ा को सुनकर उसे हल कर सके। अजय भट्ट के अनुसार मोदी की विकास नीतियों को देख कांग्रेस अब तक प्रत्याशी चयन नहीं कर पाई है।
विज्ञापन



जो 55 साल में नहीं हुआ वह 55 महीने में कर दिखाया : सीएम
बेतालघाट और खनस्यू की जनसभा में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गिनाई केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकताएं

सेनापति कभी हताहत हो जाता है
बेतलाघाट। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के नेतृत्व में भाजपा ने राज्य में 57 सीटें जीतीं। कुछ लोगों ने कहा कि खुद अध्यक्ष अपनी सीट से चुनाव हार गए। सीएम के अनुसार सेनापति कभी-कभी अपनी सेना को बचाने के लिए हताहत हो जाता है। अजय भट्ट के साथ भी यही हुआ। उन्होंने 57 सीटें दिलाईं, लिहाजा उन्हें कम से कम पांच लाख वोटों से जिताकर लोकसभा में भेजना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed