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और कम हो जाएगा भवाली डिपो का बस बेड़ा
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भवाली (नैनीताल)। जनवरी से कुछ बस सेवाएं बंद हो सकती हैं। पहले से ही बसों की कमी से जूझ रहे भवाली डिपो के बसों का बेड़ा जनवरी में कुल 23 बसों का रह जाएगा। बसों के टोटे के अलावा यहां मौजूद कार्यशाला भी संसाधनों की कमी से जूझ रही है।
2016 में भवाली डिपो के पास 52 बसों का बेड़ा हुआ करता था। बाद में यह संख्या घटकर केवल 31 रह गई। अब जनवरी में आठ बसों को हटाने की संभावना है। इसके बाद बसों की संख्या केवल 23 रह जाएगी। भवाली डिपो की पुरानी सेवाओं में भराड़ी-दिल्ली सेवा बहुत पहले बंद हो चुकी है। यह बस सेवा कभी भवाली डिपो की पहचान हुआ करती थी। इसके अलावा सहारनपुर, तला रामगढ़, पिथौरागढ़, कानपुर, पौड़ी, कोटद्वार नई टिहरी, लैंसडाउन, बबियाड़, ज्योलीकोट शटल सेवा, गनाई-दिल्ली सेवाएं पहले से ही बंद चल रही हैं। मई में यात्रियों की सुविधा के लिए भवाली डिपो ने दिल्ली के लिए एसी बस सेवा चलाई थी। यात्रियों के अभाव में यह बस सेवा बंद कर दी गई। इस वक्त भी सभी बसों को चलाने के लिए भवाली डिपो में स्टॉफ पर्याप्त है। कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष एलडी पालीवाल का कहना है कि कार्यशाला में सामान न होने की वजह से कर्मचारियों को दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है।
प्रभारी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अंबेडकर का कहना है कि बसों की संख्या पर्याप्त करने के लिए शासन को लिखा गया है। जहां तक कार्यशाला की बात है, वहां संसाधनों को पूरा करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
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और कम हो जाएगा भवाली डिपो का बस बेड़ा
कई बस सेवाएं पहले से ही प्रभावित, पर्याप्त स्टाफ लेकिन बसें नहीं
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2016 में भवाली डिपो के पास 52 बसों का बेड़ा हुआ करता था। बाद में यह संख्या घटकर केवल 31 रह गई। अब जनवरी में आठ बसों को हटाने की संभावना है। इसके बाद बसों की संख्या केवल 23 रह जाएगी। भवाली डिपो की पुरानी सेवाओं में भराड़ी-दिल्ली सेवा बहुत पहले बंद हो चुकी है। यह बस सेवा कभी भवाली डिपो की पहचान हुआ करती थी। इसके अलावा सहारनपुर, तला रामगढ़, पिथौरागढ़, कानपुर, पौड़ी, कोटद्वार नई टिहरी, लैंसडाउन, बबियाड़, ज्योलीकोट शटल सेवा, गनाई-दिल्ली सेवाएं पहले से ही बंद चल रही हैं। मई में यात्रियों की सुविधा के लिए भवाली डिपो ने दिल्ली के लिए एसी बस सेवा चलाई थी। यात्रियों के अभाव में यह बस सेवा बंद कर दी गई। इस वक्त भी सभी बसों को चलाने के लिए भवाली डिपो में स्टॉफ पर्याप्त है। कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष एलडी पालीवाल का कहना है कि कार्यशाला में सामान न होने की वजह से कर्मचारियों को दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है।
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प्रभारी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अंबेडकर का कहना है कि बसों की संख्या पर्याप्त करने के लिए शासन को लिखा गया है। जहां तक कार्यशाला की बात है, वहां संसाधनों को पूरा करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
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और कम हो जाएगा भवाली डिपो का बस बेड़ा
कई बस सेवाएं पहले से ही प्रभावित, पर्याप्त स्टाफ लेकिन बसें नहीं