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हफ्ते भर में ग्रामीण क्षेत्रों के 26 भवन मान चित्र स्वीकृत
Updated Sun, 08 Jul 2018 02:08 AM IST
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हल्द्वानी। नगर निगम में शामिल हुए 36 गांवों के लिए उपविभाजन शुल्क तय करने संबंधी डीएम की पहल ग्रामीणों के लिए फायदेमंद साबित हुई है। शुल्क तय होने के हफ्तेभर के भीतर ही जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) के क्षेत्रीय दफ्तर ने 65 भवन मानचित्र स्वीकृत कर दिए, जबकि 332 नक्शों को स्वीकृति संबंधी प्रक्रिया चल रही है। आपत्तियों के चलते 26 मानचित्र स्वीकृत नहीं हुए हैं।
डीडीए के क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त सचिव/सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय ने पत्रकार वार्ता में बताया कि शहरी क्षेत्र में भवन मानचित्र स्वीकृत करने के एवज में एक फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में पांच फीसदी उप विभाजन शुल्क लिया जाता था। पिछले दिनों शासन ने हल्द्वानी ब्लॉक के 36 गांवों को नगर निगम में शामिल करने संबंधी शासनादेश जारी किया था। बताया कि डीएम, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विनोद कुमार सुमन ने इस संबंध में शासन स्तर पर वार्ता कर नगर निगम में शामिल गांवों के लिए उप विभाजन शुल्क शहरी क्षेत्र के बराबर एक फीसदी तय कराया, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों के नक्शे स्वीकृत होने लगे। उन्होंने बताया कि पहली जुलाई से सात जुलाई तक कुल 65 नक्शे स्वीकृत किए गए। करीब 50 मानचित्रों का शुल्क जमा होना है, जिसके बाद उन्हें स्वीकृति मिलेगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद 26 नक्शे भी शीघ्र स्वीकृत कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के कुल 1923 नक्शे स्वीकृति को मिले थे, जिनमें से 1143 नक्शे स्वीकृत किए जा चुके हैं।
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डीडीए के क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त सचिव/सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय ने पत्रकार वार्ता में बताया कि शहरी क्षेत्र में भवन मानचित्र स्वीकृत करने के एवज में एक फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में पांच फीसदी उप विभाजन शुल्क लिया जाता था। पिछले दिनों शासन ने हल्द्वानी ब्लॉक के 36 गांवों को नगर निगम में शामिल करने संबंधी शासनादेश जारी किया था। बताया कि डीएम, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विनोद कुमार सुमन ने इस संबंध में शासन स्तर पर वार्ता कर नगर निगम में शामिल गांवों के लिए उप विभाजन शुल्क शहरी क्षेत्र के बराबर एक फीसदी तय कराया, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों के नक्शे स्वीकृत होने लगे। उन्होंने बताया कि पहली जुलाई से सात जुलाई तक कुल 65 नक्शे स्वीकृत किए गए। करीब 50 मानचित्रों का शुल्क जमा होना है, जिसके बाद उन्हें स्वीकृति मिलेगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद 26 नक्शे भी शीघ्र स्वीकृत कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के कुल 1923 नक्शे स्वीकृति को मिले थे, जिनमें से 1143 नक्शे स्वीकृत किए जा चुके हैं।
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