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रेलवे तत्काल टिकट कालाबाजारी में अन्य एजेंट भी रडार पर
Updated Thu, 04 Jan 2018 02:21 AM IST
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लालकुआं (नैनीताल)। रेलवे तत्काल टिकटों की कालाबाजारी में पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के बाद अन्य एजेंट भी आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के रडार पर हैं। टास्क फोर्स की टीम ने कारोबारियों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है।
आरपीएफ स्पेशल टास्क फोर्स का नेतृत्व कर रहे टीम इंचार्ज मयंक चौधरी ने बताया कि दबोचे गए पिता पुत्र से मिली जानकारी के मुताबिक नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में दर्जन भर से अधिक ट्रैवल एजेंट तत्काल टिकट की कालाबाजारी से जुडे़ हुए हैं। उन्हें पकड़ने के लिए एसटीएफ जाल बुन रही है। कारोबार से जुडे़ ट्रैवल एजेंटों के पास आईआरसीटीसी का लाइसेंस है। प्रभारी मयंक चौधरी ने बताया कि एक बार आरोप सिद्ध होने के बाद एजेंट को दूसरी बार आईआरसीटीसी का लाइसेंस नहीं दिया जाता है।
2016 में पांच एजेंट पकड़े थे
आरपीएफ एसटीएफ की टीम ने वर्ष 2016 में नैनीताल व रुद्रपुर से तत्काल टिकट की कालाबाजारी करने वाले पांच ट्रैवल एजेंटों को दबोचने में कामयाबी हासिल की थी। लेकिन वर्ष 2017 में आरपीएफ किसी को नहीं पकड़ पाई थी। वर्ष 2016 में नैनीताल से बिरेंद्र सिंह, हल्द्वानी से पुष्पेंद्र कुमार, काठगोदाम रेलवे स्टेशन पीआरएस में तैनात अखिलेश कुमार, उसके साथी राजेश देवाल, पंतनगर से अजीत कुमार और अंशुल छाबड़ा को गिरफ्तार किया था।
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पिता-पुत्र की जमानत अर्जी खारिज
बुधवार को तत्काल टिकटों की कालाबाजारी के आरोप में आरपीएफ एसटीएफ द्वारा दबोचे गए पिता पुत्र की जमानत अर्जी को हल्द्वानी में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संगीता आर्या की अदालत ने खारिज कर दिया है। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
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आरपीएफ स्पेशल टास्क फोर्स का नेतृत्व कर रहे टीम इंचार्ज मयंक चौधरी ने बताया कि दबोचे गए पिता पुत्र से मिली जानकारी के मुताबिक नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में दर्जन भर से अधिक ट्रैवल एजेंट तत्काल टिकट की कालाबाजारी से जुडे़ हुए हैं। उन्हें पकड़ने के लिए एसटीएफ जाल बुन रही है। कारोबार से जुडे़ ट्रैवल एजेंटों के पास आईआरसीटीसी का लाइसेंस है। प्रभारी मयंक चौधरी ने बताया कि एक बार आरोप सिद्ध होने के बाद एजेंट को दूसरी बार आईआरसीटीसी का लाइसेंस नहीं दिया जाता है।
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2016 में पांच एजेंट पकड़े थे
आरपीएफ एसटीएफ की टीम ने वर्ष 2016 में नैनीताल व रुद्रपुर से तत्काल टिकट की कालाबाजारी करने वाले पांच ट्रैवल एजेंटों को दबोचने में कामयाबी हासिल की थी। लेकिन वर्ष 2017 में आरपीएफ किसी को नहीं पकड़ पाई थी। वर्ष 2016 में नैनीताल से बिरेंद्र सिंह, हल्द्वानी से पुष्पेंद्र कुमार, काठगोदाम रेलवे स्टेशन पीआरएस में तैनात अखिलेश कुमार, उसके साथी राजेश देवाल, पंतनगर से अजीत कुमार और अंशुल छाबड़ा को गिरफ्तार किया था।
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पिता-पुत्र की जमानत अर्जी खारिज
बुधवार को तत्काल टिकटों की कालाबाजारी के आरोप में आरपीएफ एसटीएफ द्वारा दबोचे गए पिता पुत्र की जमानत अर्जी को हल्द्वानी में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संगीता आर्या की अदालत ने खारिज कर दिया है। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया।