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Nainital News: कक्षा एक में उम्र सीमा संबंधी नियम के कारण आरटीई की 1842 सीटें रह गईं खाली

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 26 Sep 2024 06:44 AM IST
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1842 seats of RTE remained vacant due to age limit rule in class one
प्रतीकात्मक।
हल्द्वानी। शिक्षा विभाग के नए नियमों के चलते शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत इस शैक्षिक सत्र में सबसे कम बच्चों को प्रवेश मिल पाया है। दो चरणों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी 1098 बच्चों को ही प्रवेश मिल पाया जबकि 1515 बच्चों ने आवेदन किया था।
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नैनीताल जिले के निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 2940 सीटें निर्धारित की गई हैं। आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के निजी स्कूल में प्रवेश दिया जाता है। पूर्व में किसी भी बच्चे के पांच साल की उम्र पार करने पर कक्षा एक में आरटीई के तहत प्रवेश मिलता था। नए नियम के तहत आयुसीमा छह वर्ष कर दी गई। आयुसीमा संबंधी नियम लागू होने के बाद इस शिक्षण सत्र में केवल सिर्फ 1515 बच्चों के आवेदन शिक्षा विभाग को मिले। जांच के दौरान कमियां मिलने के कारण 331 आवेदन निरस्त हो गए। दो चरणों में प्रवेश के बाद भी मात्र 1098 प्रवेश हो पाए। इस कारण निर्धन वर्ग के बच्चों को मुफ्त शिक्षा का लाभ नहीं मिल पाया। सीटों के आरक्षित होने के बाद भी 1842 छात्र-छात्राओं के अभिभावक आवेदन नहीं कर पाए।
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आरटीई के तहत प्री-प्राइमरी और कक्षा एक में स्वीकृत सीटों के सापेक्ष 1098 प्रवेश ही हो पाए हैं। सीटें भर जाए, इसलिए दो चरणों में प्रवेश प्रक्रिया कराई गई थी। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन को डिमांड भेज दी है।
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एबी चंद, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक नैनीताल




अब सामान्य वर्ग के आर्थिक कमजोर बच्चों को भी मिलेगी छात्रवृत्ति



हल्द्वानी। पीएम यशस्वी योजना के तहत अनुसूचित जाति-जनजाति के बच्चों के साथ सामान्य वर्ग के गरीब परिवार के बच्चों को भी छात्रवृत्ति मिलेगी। पूर्व में केवल ओबीसी वर्ग के बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ मिलता था। समाज कल्याण विभाग की ओर से केंद्र सरकार की पीएम यशस्वी योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति दी जाती है। पहले पूर्वदशम छात्रवृत्ति का लाभ लेने में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थी ही पात्र थे। इस वर्ष से राज्य में पहली बार पूर्वदशम कक्षा 9 से 10 के ईबीसी वर्ग के छात्रों को भी शामिल किया है। इस श्रेणी में सामान्य जाति के आर्थिक रूप से वंचित विद्यार्थी आते हैं। हालांकि योजना में केवल सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र ही लाभ ले सकते हैं। साथ ही विद्यार्थी के अभिभावकों की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये तक ही होनी चहिए। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शिक्षा जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति के रूप में चार हजार रुपये की धनराशि मिलती है। समाज कल्याण विभाग की सहायक निदेशक हेमलता पांडे का कहना है कि पीएम यशस्वी योजना के तहत इस वर्ष से पूर्वदशम छात्रवृत्ति के लिए ओबीसी के साथ ईबीसी वर्ग के छात्रों को शामिल किया है।
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