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शहीद राजेंद्र को किया गया याद
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:28 AM IST
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हल्द्वानी। असोम में बारूदी सुरंग फटने से शहीद राजेंद्र सिंह को जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पूर्व सैनिकों ने शहीद के बहादुरी के बारे में लोगों को जानकारी दी।
बागेश्वर जिले के कांडा मलसूना के मूल निवासी कुमाऊं रेजीमेंट के शहीद सैनिक राजेंद्र सिंह का परिवार यहां ग्राम बिठौरिया में रहता है। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर बीएस रौतेला ने बताया कि राजेंद्र ने 10वीं की परीक्षा अपने गांव कमेड़ी देवी इंटर कॉलेज से पास की। इसके बाद कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हो गए। विभाग में अच्छे कार्यों के साथ ही वह बास्केटबाल के भी अच्छे खिलाड़ी थे। उन्होंने काफी समय तक कोच की भूमिका निभाई। अवकाश पर गांव लौटने पर वह क्रिकेट मैच कराते थे। बच्चों को नशा उन्मूलन, स्वच्छता के लिए प्रेरित करते थे। वर्ष 1997 में ऑपरेशन राइनो के लिए छह कुमाऊं रेजीमेंट असोम में तैनात थी। ऑपरेशन के लिए जवान जा रहे थे। इस बीच उग्रवादियों ने बारूदी सुरंग का धमाका कर दिया। विस्फोट मेें सैनिक राजेंद्र शहीद हो गए। शहीद सैनिक के पिता कुशल सिंह, मां तुलसी देवी हैं। उनकी वीरांगना पार्वती देवी ने बताया कि शहीद का पुत्र पंकज बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत है। पुत्री की शादी हो गई है। वीरांगना को अपने पति के कार्यों पर गर्व है। उन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी है।
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बागेश्वर जिले के कांडा मलसूना के मूल निवासी कुमाऊं रेजीमेंट के शहीद सैनिक राजेंद्र सिंह का परिवार यहां ग्राम बिठौरिया में रहता है। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर बीएस रौतेला ने बताया कि राजेंद्र ने 10वीं की परीक्षा अपने गांव कमेड़ी देवी इंटर कॉलेज से पास की। इसके बाद कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हो गए। विभाग में अच्छे कार्यों के साथ ही वह बास्केटबाल के भी अच्छे खिलाड़ी थे। उन्होंने काफी समय तक कोच की भूमिका निभाई। अवकाश पर गांव लौटने पर वह क्रिकेट मैच कराते थे। बच्चों को नशा उन्मूलन, स्वच्छता के लिए प्रेरित करते थे। वर्ष 1997 में ऑपरेशन राइनो के लिए छह कुमाऊं रेजीमेंट असोम में तैनात थी। ऑपरेशन के लिए जवान जा रहे थे। इस बीच उग्रवादियों ने बारूदी सुरंग का धमाका कर दिया। विस्फोट मेें सैनिक राजेंद्र शहीद हो गए। शहीद सैनिक के पिता कुशल सिंह, मां तुलसी देवी हैं। उनकी वीरांगना पार्वती देवी ने बताया कि शहीद का पुत्र पंकज बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत है। पुत्री की शादी हो गई है। वीरांगना को अपने पति के कार्यों पर गर्व है। उन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी है।
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