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ग्रामीण क्षेत्रों में सिलिंडर नहीं पहुंच रहे, कैसे साकार होगी उज्जवला योजना
Updated Fri, 25 May 2018 11:48 PM IST
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। तहसील के कैड़ारौ घाटी क्षेत्र में तीन माह से रसोई गैस के सिलिंडर नहीं पहुंच सके हैं। इससे लोगों में गुस्सा है। क्षेत्र की दुकानों में कई जगह खाली सिलिंडरों के ढेर लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खाली सिलिंडरों को रखने से अब दुकानदार भी मना करने लगे हैं। कई बार गैस एजेंसी को सूचना दी गई, लेकिन सार्थक कार्रवाई नहीं हो पा रही है। एक तरफ उज्ज्वला योजना लाकर प्रदूषण मुक्त समाज की बात की जा रही है, दूसरी तरफ सिलिंडरों की सप्लाई नहीं हो पा रही, जिसके चलते ग्रामीण फिर से चूल्हे जलाने को मजबूर हो रहे हैं।
कैड़ारौ घाटी के अंतर्गत बिंता, सिमल्टी, पारकोट, सुलेख, धमकोट आदि इलाकों में पिछले तीन माह से रसोई गैस सिलिंडरों की सप्लाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सिलिंडर का वाहन यहां तक नहीं पहुंचता, जिसके चलते लोग परेशान हो रहे हैं। एक तरफ सरकार उज्ज्वला योजना के माध्यम से ग्रामीणों को प्रदूषण से बचने के लिए गैस सिलिंडर बांट रही है, दूसरी तरफ सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हो पा रही। दूरदराज के ग्रामीण खाली सिलिंडरों को मुख्य मोटर मार्ग स्थित चिर परिचितों की दुकानों में रख जाते हैं, लेकिन अब दुकानों में भी खाली सिलिंडरों के ढेर लग चुके हैं। देवभूमि जनसेवा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि लंबे समय से पारकोट, देवलधार, दयाफेर, नायल, जाख, बुड़ाईजार, भतौरा, बरखोला आदि के ग्रामीण रोज सिलिंडर के वाहनों के बारे में पूछते थक चुके हैं। लगातार द्वाराहाट स्थित गैस एजेंसी को दूरभाष पर सूचना भी दी जा रही है, उन्होंने बताया कि 10 से 15 दिनों के भीतर वाहन नौलाकोट, बाड़ी, धमोली, रवाड़ी, बग्वालीपोखर की ओर जाता है, लेकिन बिंता की ओर नहीं आ रहा। यदि आपूर्ति नहीं हुई तो ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।
कैड़ारौ घाटी में तीन माह से गैस वाहन नहीं पहुंचा, ग्रामीण परेशान
ग्रामीण क्षेत्रों में सिलिंडर नहीं पहुंच रहे, सार्थक नहीं हो सकी उज्जवला योजना
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कैड़ारौ घाटी के अंतर्गत बिंता, सिमल्टी, पारकोट, सुलेख, धमकोट आदि इलाकों में पिछले तीन माह से रसोई गैस सिलिंडरों की सप्लाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सिलिंडर का वाहन यहां तक नहीं पहुंचता, जिसके चलते लोग परेशान हो रहे हैं। एक तरफ सरकार उज्ज्वला योजना के माध्यम से ग्रामीणों को प्रदूषण से बचने के लिए गैस सिलिंडर बांट रही है, दूसरी तरफ सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हो पा रही। दूरदराज के ग्रामीण खाली सिलिंडरों को मुख्य मोटर मार्ग स्थित चिर परिचितों की दुकानों में रख जाते हैं, लेकिन अब दुकानों में भी खाली सिलिंडरों के ढेर लग चुके हैं। देवभूमि जनसेवा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि लंबे समय से पारकोट, देवलधार, दयाफेर, नायल, जाख, बुड़ाईजार, भतौरा, बरखोला आदि के ग्रामीण रोज सिलिंडर के वाहनों के बारे में पूछते थक चुके हैं। लगातार द्वाराहाट स्थित गैस एजेंसी को दूरभाष पर सूचना भी दी जा रही है, उन्होंने बताया कि 10 से 15 दिनों के भीतर वाहन नौलाकोट, बाड़ी, धमोली, रवाड़ी, बग्वालीपोखर की ओर जाता है, लेकिन बिंता की ओर नहीं आ रहा। यदि आपूर्ति नहीं हुई तो ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।
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कैड़ारौ घाटी में तीन माह से गैस वाहन नहीं पहुंचा, ग्रामीण परेशान
ग्रामीण क्षेत्रों में सिलिंडर नहीं पहुंच रहे, सार्थक नहीं हो सकी उज्जवला योजना