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राज्य के क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता जल्द
Updated Mon, 23 Apr 2018 02:00 AM IST
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भवाली/हल्द्वानी। प्रदेश क्रिकेट को बीसीसीआई की मान्यता को लेकर एसोसिएशन के बीच चल रही खींचतान के बीच बोर्ड की क्रिकेट प्रशासक समिति (सीओए) के अध्यक्ष के बयान ने क्रिकेट खिलाड़ियों की उम्मीदें जगा दी हैं। अमर उजाला संवाददाता से हुई बातचीत में सीओए अध्यक्ष ने कहा 25 अप्रैल को एक बैठक के बाद एडहॉक कमेटी पर फैसला हो जाएगा, जो उत्तराखंड में क्रिकेट का संचालन करेगी। इसमें प्रदेश में कार्यरत क्रिकेट एसोसिएशन के कुछ लोगों को भी शामिल किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद से दूसरे प्रदेशों के रहमोकरम पर खेल रहे उत्तराखंड के खिलाड़ियों के लिए 17 साल बाद ही सही, कुछ अच्छा होता नजर आ रहा है। हालांकि पहले भी कई बार इस दिशा में प्रयास हुए लेकिन अंजाम तक पहुंचने से पहले ही वह दम तोड़ गए। लेकिन इस पर ऐसा नहीं होगा, क्योंकि क्रिकेट प्रशासक समिति के अध्यक्ष ने खुद कहा है कि प्रदेश के बच्चों का नुकसान नहीं होने देंगे। रविवार को पत्नी के साथ व्यक्तिगत दौरे पर भवाली आए विनोद राय ने अमर उजाला को बताया कि 25 अप्रैल को इस संबंध में एक बैठक होनी है, जिसके बाद एडहॉक कमेटी बना दी जाएगी। मालूम हो कि दिसंबर में अमर उजाला ने बताया था कि 2018 के क्रिकेट कैलेंडर में उत्तराखंड की टीमें शामिल होेंगी। यह बात पहले सुप्रीम कोर्ट के मामले को संज्ञान में लेने और सीओए की ओर से प्रदेश के क्रिकेट को लेकर एक रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद लगने भी लगा था। इस बीच सरकार ने भी अपनी ओर से कुछ प्रयास किए, लेकिन इस प्रयास पर दो एसोसिएशन को छोड़कर अन्य दो एसोसिएशनों ने भरोसा नहीं जताया। इसके पीछे दोनों ही एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अलग-अलग वजह बताई। इस बीच क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड और युनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन का विलय भी हो गया। सीओए ने एक मेल भेजकर जब एसोसिएशनों से जवाब मांगे तो तीन एसोसिएशन ने अपने जवाब भेज दिए। इनमें क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड, उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन और उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन शामिल हैं। विनोद राय ने बताया कि केवल एक एसोसिएशन का जवाब मिलना बाकी है। यह जवाब मिलते ही सुप्रीम कोर्ट में चारों एसोसिएशन के जवाब दाखिल करने के साथ बीसीसीआई अपने सुझाव भी दाखिल कर देगी। सुझाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में भेजी गई एफिलेशन कमेटी ने एडहॉक कमेटी का जो सुझाव दिया था उसे ही आधार बनाकर बोर्ड एडहॉक कमेटी गठित करेगा। इसके बाद राज्य की क्रिकेट प्रतिभाओं को दूसरे राज्यों से नहीं खेलना पड़ेगा उन्हें राज्य में ही बड़ा प्लेटफार्म मिलेगा।
अमर उजाला से हुई बातचीत में क्रिकेट प्रशासक समिति के अध्यक्ष ने कही बात
चारों क्रिकेट एसोसिएशनों के कुछ लोग भी इस कमेटी का बनाए जाएंगे हिस्सा
बोर्ड की एडहॉक कमेटी की देखरेख में संचालित होगा उत्तराखंड में क्रिकेट
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उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद से दूसरे प्रदेशों के रहमोकरम पर खेल रहे उत्तराखंड के खिलाड़ियों के लिए 17 साल बाद ही सही, कुछ अच्छा होता नजर आ रहा है। हालांकि पहले भी कई बार इस दिशा में प्रयास हुए लेकिन अंजाम तक पहुंचने से पहले ही वह दम तोड़ गए। लेकिन इस पर ऐसा नहीं होगा, क्योंकि क्रिकेट प्रशासक समिति के अध्यक्ष ने खुद कहा है कि प्रदेश के बच्चों का नुकसान नहीं होने देंगे। रविवार को पत्नी के साथ व्यक्तिगत दौरे पर भवाली आए विनोद राय ने अमर उजाला को बताया कि 25 अप्रैल को इस संबंध में एक बैठक होनी है, जिसके बाद एडहॉक कमेटी बना दी जाएगी। मालूम हो कि दिसंबर में अमर उजाला ने बताया था कि 2018 के क्रिकेट कैलेंडर में उत्तराखंड की टीमें शामिल होेंगी। यह बात पहले सुप्रीम कोर्ट के मामले को संज्ञान में लेने और सीओए की ओर से प्रदेश के क्रिकेट को लेकर एक रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद लगने भी लगा था। इस बीच सरकार ने भी अपनी ओर से कुछ प्रयास किए, लेकिन इस प्रयास पर दो एसोसिएशन को छोड़कर अन्य दो एसोसिएशनों ने भरोसा नहीं जताया। इसके पीछे दोनों ही एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अलग-अलग वजह बताई। इस बीच क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड और युनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन का विलय भी हो गया। सीओए ने एक मेल भेजकर जब एसोसिएशनों से जवाब मांगे तो तीन एसोसिएशन ने अपने जवाब भेज दिए। इनमें क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड, उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन और उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन शामिल हैं। विनोद राय ने बताया कि केवल एक एसोसिएशन का जवाब मिलना बाकी है। यह जवाब मिलते ही सुप्रीम कोर्ट में चारों एसोसिएशन के जवाब दाखिल करने के साथ बीसीसीआई अपने सुझाव भी दाखिल कर देगी। सुझाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में भेजी गई एफिलेशन कमेटी ने एडहॉक कमेटी का जो सुझाव दिया था उसे ही आधार बनाकर बोर्ड एडहॉक कमेटी गठित करेगा। इसके बाद राज्य की क्रिकेट प्रतिभाओं को दूसरे राज्यों से नहीं खेलना पड़ेगा उन्हें राज्य में ही बड़ा प्लेटफार्म मिलेगा।
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अमर उजाला से हुई बातचीत में क्रिकेट प्रशासक समिति के अध्यक्ष ने कही बात
चारों क्रिकेट एसोसिएशनों के कुछ लोग भी इस कमेटी का बनाए जाएंगे हिस्सा
बोर्ड की एडहॉक कमेटी की देखरेख में संचालित होगा उत्तराखंड में क्रिकेट