फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   हिमालय स्टोन क्रशर एंड हिमालय को हटाने के निर्देश

हिमालय स्टोन क्रशर एंड हिमालय को हटाने के निर्देश

Wed, 04 Apr 2018 02:24 AM IST
Updated Wed, 04 Apr 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
हिमालय स्टोन क्रशर एंड हिमालय को हटाने के निर्देश
हल्द्वानी। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने हिमालय स्टोन क्रशर और हिमालय ग्रिटस को 30 नवंबर तक आबादी से हटाने की मोहलत दी है। दोनों के स्वामियों को एक सप्ताह में क्रशर हटाने का शपथ पत्र भी देना होगा। इस अवधि तक उद्योग नहीं हटाया जाता है तो प्रशासन जबरन हटा देगा।
विज्ञापन

उमराव सिंह भंडारी और तजिंदर सिंह जौली निवासी फत्ता बंगर मोती नगर ने 11 फरवरी 2017 को एनजीटी में याचिका दायर कर कहा था कि गांव में हिमालय स्टोन क्रशर और हिमालय ग्रिटस होने से प्रदूषण बढ़ रहा है। प्रदूषण से ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है।
विज्ञापन

एनजीटी के आदेश पर सितंबर 2017 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने स्टोन क्रशर में प्रदूषण नियंत्रण के इंतजाम, आसपास इलाके में प्रदूषण की जांच की थी। यहां मानकों से अधिक प्रदूषण निकला था। बाद में एनजीटी के आदेश पर ही टीम ने जनवरी 2018 में लालकुआं हल्द्वानी के सभी 27 स्टोन क्रशरों के आसपास प्रदूषण की जांच की थी। इसके बाद टीम ने फरवरी में रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें हल्द्वानी से लालकुआं तक मानकों से अधिक प्रदूषण होने की पुष्टि हुई थी। बीते चार मार्च को एनजीटी में याचिका पर सुनवाई हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इधर तीन अप्रैल को एनजीटी ने याचिका पर सुनवाई के बाद हिमालय स्टोन क्रशर, हिमालय ग्रिटस को 30 नवंबर तक उद्योग शिफ्ट करने की मोहलत दी है। साथ ही एक हफ्ते में उद्योग शिफ्ट करने के शपथ पत्र देने के आदेश दिए हैं। आदेश में यह भी कहा कि यदि क्रशर, ग्रिटस नहीं हटाया तो प्रशासन पुलिस की मदद से जबरन हटा ले।

हवा, मिट्टी, पानी, ध्वनि प्रदूषण के नमूने फेल
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी को सौंपी जांच रिपोर्ट में कहा कि क्रशर के आसपास हवा, पानी, ध्वनि, मिट्टी में मानकों से अधिक प्रदूषण था। रिपोर्ट में यह भी लिखा था कि रेड वर्ग का उद्योग आबादी के बीच में है।


एनजीटी ने हिमालय स्टोन क्रशर और हिमालय ग्रिटस को हटाने के लिए 30 नवंबर तक मोहलत दी है। एक हफ्ते में इनके स्वामियों को हटाने का शपथ पत्र देना होगा। यदि फिर भी नहीं हटाया तो प्रशासन जबरन हटा सकता है।
- दुष्यंत मैनाली, अधिवक्ता

क्या कहते हैं क्रशर स्वामी
एनजीटी के आदेशों का पालन किया जाएगा। राज्य की नीति के अनुसार ही क्रशर का संचालन किया जाएगा।
- भूमेश अग्रवाल, स्वामी हिमालय स्टोन क्रशर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed