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गुमराह करने वालों को हाइकोर्ट ने जेल भेजा
Updated Tue, 27 Mar 2018 02:41 AM IST
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कोर्ट
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नैनीताल। हाइकोर्ट ने अदालत को गुमराह कर याचिकाकर्ता युवती को सुरक्षा मुहैया कराने की कोशिश करने वाले अधिवक्ता और उसके चालक को जेल भेजने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता को नारी निकेतन भेजने को कहा है।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार लालकुआं के हिम्मतपुर चौमुवाल निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बेटी का राजस्थान के जयपुर निवासी सोमपाल के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती की मां इसका विरोध कर रही थी। मंगलवार को सोमपाल का अधिवक्ता सुरेंद्र मील निवासी जयपुर युवती को लेकर हाइकोर्ट पहुंचा। युवती ने अदालत को बताया कि वह पढ़ना चाहती है मगर उसकी मां जबरन किसी और से उसकी शादी करना चाहती है। इसलिए उसे पुलिस सुरक्षा दी जाए। उसके जवाब में विरोधाभास होने पर खंडपीठ ने एसएसपी नैनीताल को दो बजे उसकी मां को कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए। पुलिस याचिकाकर्ता लड़की की मां को लेकर नैनीताल पहुंची। मां ने कोर्ट को बताया कि उसके पति का देहांत हो चुका है। इसके बावजूद उसने बेटी को इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाया मगर उसका जयपुर में एनजीओ संचालक सोमपाल से प्रेम प्रसंग चलने लगा। सोमपाल पहले से ही शादीशुदा है और उसकी चार साल की बेटी है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने याचिका में कहा कि उसकी मां उसकी शादी कहीं अन्यत्र करना चाह रही है। विरोधाभाषी बयान और अदालत को गुमराह करने पर खंडपीठ ने लड़की को नारी निकेतन और अधिवक्ता व उसके चालक को जेल भेजने के निर्देश दिए। कोर्ट के फैसले के बाद मल्लीताल कोतवाली के एसएसआई बीसी मासीवाल कोर्ट पहुंचे और अधिवक्ता व उसके चालक को पकड़कर कोतवाली ले आए।
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वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार लालकुआं के हिम्मतपुर चौमुवाल निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बेटी का राजस्थान के जयपुर निवासी सोमपाल के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती की मां इसका विरोध कर रही थी। मंगलवार को सोमपाल का अधिवक्ता सुरेंद्र मील निवासी जयपुर युवती को लेकर हाइकोर्ट पहुंचा। युवती ने अदालत को बताया कि वह पढ़ना चाहती है मगर उसकी मां जबरन किसी और से उसकी शादी करना चाहती है। इसलिए उसे पुलिस सुरक्षा दी जाए। उसके जवाब में विरोधाभास होने पर खंडपीठ ने एसएसपी नैनीताल को दो बजे उसकी मां को कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए। पुलिस याचिकाकर्ता लड़की की मां को लेकर नैनीताल पहुंची। मां ने कोर्ट को बताया कि उसके पति का देहांत हो चुका है। इसके बावजूद उसने बेटी को इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाया मगर उसका जयपुर में एनजीओ संचालक सोमपाल से प्रेम प्रसंग चलने लगा। सोमपाल पहले से ही शादीशुदा है और उसकी चार साल की बेटी है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने याचिका में कहा कि उसकी मां उसकी शादी कहीं अन्यत्र करना चाह रही है। विरोधाभाषी बयान और अदालत को गुमराह करने पर खंडपीठ ने लड़की को नारी निकेतन और अधिवक्ता व उसके चालक को जेल भेजने के निर्देश दिए। कोर्ट के फैसले के बाद मल्लीताल कोतवाली के एसएसआई बीसी मासीवाल कोर्ट पहुंचे और अधिवक्ता व उसके चालक को पकड़कर कोतवाली ले आए।
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