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अमित जोशी को स्वास् थ्य विभाग से किया संबद्घ
Updated Sat, 24 Feb 2018 02:32 AM IST
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हल्द्वानी। जांच कमेटी ने तहबाजारी रसीद में नामांतरण शुल्क काटने की जांच तेज कर दी है। उधर कमेटी ने मार्केटिंग विभाग में तैनात कर समाहर्ता अमित जोशी को स्वास्थ्य विभाग से संबद्ध कर दिया है।
तहबाजारी रसीद में नामांतरण शुल्क के नाम व्यापारियों से लाखों रुपये की वसूली कर निगम के खाते में 25-25 रुपये जमा करने का मामला प्रकाश में आया था। इसमें निगम के पास तीन रसीदें सामने आई थीं। इसमें से एक रसीद में 63 हजार रुपये काटकर निगम के खाते में 25 रुपये जमा करने, दूसरी रसीद में दो लाख रुपये काटकर 25 रुपये निगम के खाते में जमा करने और तीसरी रसीद में भी लाखों रुपये काटकर 25 रुपये जमा करने का मामला अमर उजाला ने उजागर किया था। इस मामले में मेयर के पीए गणेश और कर समाहर्ता विनोद जोशी का नाम सामने आया था।
मामला प्रकाश में आने के बाद नगर आयुक्त ने मेयर के पीए गणेश और कर समाहर्ता विनोद जोशी को अधिष्ठान से अटैच कर दिया था। साथ ही इसकी जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम भी गठित की थी। टीम ने जांच तेज करते हुए कर समाहर्ता अमित जोशी को भी मार्केटिंग विभाग से हटाते हुए स्वास्थ्य विभाग से संबद्ध कर दिया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो अमित जोशी आरोपी विनोद जोशी का रिश्तेदार है। जांच में आरोप न लगे इसलिए कर्मचारी संबद्ध किया गया है। नगर आयुक्त चंद्र सिंह मर्तोलिया ने बताया कि अमित जोशी को स्वास्थ्य विभाग में संबद्ध किया गया है। यह रूटीन प्रक्रिया है।
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तहबाजारी रसीद में नामांतरण शुल्क के नाम व्यापारियों से लाखों रुपये की वसूली कर निगम के खाते में 25-25 रुपये जमा करने का मामला प्रकाश में आया था। इसमें निगम के पास तीन रसीदें सामने आई थीं। इसमें से एक रसीद में 63 हजार रुपये काटकर निगम के खाते में 25 रुपये जमा करने, दूसरी रसीद में दो लाख रुपये काटकर 25 रुपये निगम के खाते में जमा करने और तीसरी रसीद में भी लाखों रुपये काटकर 25 रुपये जमा करने का मामला अमर उजाला ने उजागर किया था। इस मामले में मेयर के पीए गणेश और कर समाहर्ता विनोद जोशी का नाम सामने आया था।
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मामला प्रकाश में आने के बाद नगर आयुक्त ने मेयर के पीए गणेश और कर समाहर्ता विनोद जोशी को अधिष्ठान से अटैच कर दिया था। साथ ही इसकी जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम भी गठित की थी। टीम ने जांच तेज करते हुए कर समाहर्ता अमित जोशी को भी मार्केटिंग विभाग से हटाते हुए स्वास्थ्य विभाग से संबद्ध कर दिया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो अमित जोशी आरोपी विनोद जोशी का रिश्तेदार है। जांच में आरोप न लगे इसलिए कर्मचारी संबद्ध किया गया है। नगर आयुक्त चंद्र सिंह मर्तोलिया ने बताया कि अमित जोशी को स्वास्थ्य विभाग में संबद्ध किया गया है। यह रूटीन प्रक्रिया है।
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