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एमबीपीजी कालेज के 25 छात्रों की परीक्षा निरस्त होगी
Updated Sat, 24 Feb 2018 02:32 AM IST
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हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज के प्रवेश निरस्त वाले स्नातक प्रथम सेमेस्टर के 25 छात्रों की परीक्षा कराने का मामला उजागर होने पर कुमाऊं विश्वविद्यालय में खलबली मची है। विश्वविद्यालय ने एमबी कॉलेज से इन सभी 25 छात्रों का रिकार्ड तलब किया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन छात्रों की परीक्षा निरस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय इसकी भी जांच पड़ताल कर रहा है कि कॉलेज प्रशासन की ओर से सूचना आने के बाद भी इन छात्रों के नाम परीक्षार्थियों की रोललिस्ट में कैसे शामिल हो गए।
एमबी कॉलेज ने पिछले वर्ष 2017-18 में बीए, बीएससी, बीकॉम प्रथम सेमेस्टर में शपथपत्र के आधार पर दाखिला लेने विद्यार्थियों की जांच करवाई थी। जिसमें 25 विद्यार्थी ऐसे पाए गए थे, जिन्होंने वर्ष 2016-17 में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में भी दाखिला लिया था तथा वर्ष 2017-18 सत्र में फिर से बीए और बीकॉम प्रथम सेमेस्टर में शपथपत्र लगाकर दाखिला लिया गया है। इसका खुलासा होने पर तत्कालीन प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद ने सभी 25 छात्रोें का प्रवेश निरस्त दिया था तथा इसकी सूचना कुमाऊं विश्वविद्यालय को भी भेज गई। इसके बावजूद कुमाऊं विश्वविद्यालय ने कालेज से प्रवेश निरस्त वाले सभी 25 छात्रों की स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा करवा दी। इधर, जिन छात्रों का प्रवेश एमबी कालेज पहले ही निरस्त कर चुका है उनकी सेमेस्टर परीक्षा कैसे हुई, इस बारे में शुक्रवार को समाचार प्रकाशित होने पर कुमाऊं विश्वविद्यालय में खलबली मच गई। कुलपति ने अधीनस्थों की बैठक बुलाकर इस त्रुटि की जांच करने के निर्देश दिए। शुक्रवार को इस मामले में जांच पड़ताल चलती रही। विश्वविद्यालय के प्रभारी परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय पंत ने बताया कि एमबीपीजी कालेज से दाखिला निरस्त विद्यार्थियों की सूची मांगी गई है तथा इन छात्रों की परीक्षा निरस्त की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में किस स्तर पर लापरवाही बरती गई, इसकी भी जांच हो रही है।
कुमाऊं विश्वविद्यालय ने छात्रों का रिकार्ड मांगा
25 छात्रों का प्रवेश निरस्त होने के बाद भी सेमेस्टर परीक्षा कराने का मामला
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एमबी कॉलेज ने पिछले वर्ष 2017-18 में बीए, बीएससी, बीकॉम प्रथम सेमेस्टर में शपथपत्र के आधार पर दाखिला लेने विद्यार्थियों की जांच करवाई थी। जिसमें 25 विद्यार्थी ऐसे पाए गए थे, जिन्होंने वर्ष 2016-17 में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में भी दाखिला लिया था तथा वर्ष 2017-18 सत्र में फिर से बीए और बीकॉम प्रथम सेमेस्टर में शपथपत्र लगाकर दाखिला लिया गया है। इसका खुलासा होने पर तत्कालीन प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद ने सभी 25 छात्रोें का प्रवेश निरस्त दिया था तथा इसकी सूचना कुमाऊं विश्वविद्यालय को भी भेज गई। इसके बावजूद कुमाऊं विश्वविद्यालय ने कालेज से प्रवेश निरस्त वाले सभी 25 छात्रों की स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा करवा दी। इधर, जिन छात्रों का प्रवेश एमबी कालेज पहले ही निरस्त कर चुका है उनकी सेमेस्टर परीक्षा कैसे हुई, इस बारे में शुक्रवार को समाचार प्रकाशित होने पर कुमाऊं विश्वविद्यालय में खलबली मच गई। कुलपति ने अधीनस्थों की बैठक बुलाकर इस त्रुटि की जांच करने के निर्देश दिए। शुक्रवार को इस मामले में जांच पड़ताल चलती रही। विश्वविद्यालय के प्रभारी परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय पंत ने बताया कि एमबीपीजी कालेज से दाखिला निरस्त विद्यार्थियों की सूची मांगी गई है तथा इन छात्रों की परीक्षा निरस्त की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में किस स्तर पर लापरवाही बरती गई, इसकी भी जांच हो रही है।
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कुमाऊं विश्वविद्यालय ने छात्रों का रिकार्ड मांगा
25 छात्रों का प्रवेश निरस्त होने के बाद भी सेमेस्टर परीक्षा कराने का मामला