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एसटीएच में फिर जवाब दे गया सर्वर
Updated Tue, 12 Sep 2017 02:31 AM IST
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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल का अस्पताल सूचना तंत्र (एचआईएस) बदहाल हो चुका है। दो दिनों के अवकाश के बाद सोमवार को अस्पताल खुला तो सर्वर फिर जवाब दे गया। मरीज घंटों लाइन में लगे रहे।
सुशीला तिवारी अस्पताल में कुमाऊं के अलावा उत्तर प्रदेश के आसपास के जिलों से भी मरीज बड़ी संख्या में आते हैं। सोमवार को ओपीडी में लगभग 15 सौ मरीज थे। मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ा। सर्वर न चलने पर सुबह मरीजों ने हंगामा किया।
सुबह साढ़े सात बजे से लाइन में अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे मरीजों के जब पर्चे बने तो ओपीडी तक पहुंचते-पहुंचते दोपहर हो गई। कई मरीजों तो डॉक्टर को बिना दिखाए ही लौट गए। अस्पताल में भर्ती कुछ मरीजों की सुबह छुट्टी होनी थी जबकि कुछ को अन्यत्र भेजा जाना था। सर्वर न चलने के कारण कोई काम नहीं हो सके।
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शाम को सर्वर फिर ठप हो गया और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भर्ती और डिस्चार्ज कराने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। मरीजों की जांचें भी प्रभावित हुई। जांचों के लिए शुल्क भी नहीं जमा हो पा रहा था। इस संबंध में एसटीएच के एमएस डॉ. एके पांडे ने बताया कि एचआईएस सिस्टम बेकार हो चुका है। ओवरलोड होने के कारण सर्वर काम नहीं करता है। किसी तरह काम किया जाता है।
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सुशीला तिवारी अस्पताल में कुमाऊं के अलावा उत्तर प्रदेश के आसपास के जिलों से भी मरीज बड़ी संख्या में आते हैं। सोमवार को ओपीडी में लगभग 15 सौ मरीज थे। मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ा। सर्वर न चलने पर सुबह मरीजों ने हंगामा किया।
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सुबह साढ़े सात बजे से लाइन में अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे मरीजों के जब पर्चे बने तो ओपीडी तक पहुंचते-पहुंचते दोपहर हो गई। कई मरीजों तो डॉक्टर को बिना दिखाए ही लौट गए। अस्पताल में भर्ती कुछ मरीजों की सुबह छुट्टी होनी थी जबकि कुछ को अन्यत्र भेजा जाना था। सर्वर न चलने के कारण कोई काम नहीं हो सके।
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शाम को सर्वर फिर ठप हो गया और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भर्ती और डिस्चार्ज कराने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। मरीजों की जांचें भी प्रभावित हुई। जांचों के लिए शुल्क भी नहीं जमा हो पा रहा था। इस संबंध में एसटीएच के एमएस डॉ. एके पांडे ने बताया कि एचआईएस सिस्टम बेकार हो चुका है। ओवरलोड होने के कारण सर्वर काम नहीं करता है। किसी तरह काम किया जाता है।