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शहीद नंदा बल्लभ को लोगों ने याद किया
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:52 AM IST
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हल्द्वानी। कारगिल युद्ध के बाद 2002 में ऑपरेशन पराक्रम के दौरान शहीद हुए लांस नायक नंदा बल्लभ को जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में सोमवार को श्रद्धांजलि दी गई।
श्रद्धांजलि सभा में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर बीएस रौतेला ने कहा कि चमोली जिले के कुराड थराली निवासी लांस नायक नंदा बल्लभ आठ भाई-बहनों में दूसरे नंबर के थे। नंदा बल्लभ के पिता हरिदत्त भी सेवानिवृत्त सैनिक थे। वह परिवार सहित बिंदुखत्ता में मकान बनाकर रहने लगे। 1993 में राजकीय इंटर कॉलेज लालकुआं से 10 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वह पिता के नक्शेकदम पर 25 अप्रैल 1994 को भारतीय सेना के गढ़वाल रायफल्स में भर्ती हो गए। ट्रेनिंग के बाद उनकी तैनाती 14 गढ़वाल रायफल्स में कर दी गई। 1998 में नंदा बल्लभ की शादी दीपा के साथ हुई थी। 2002 में भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध के बादल मंडराने लगे। दोनों देशों के सैनिकों की तैनाती सीमा पर होने लगी। उस समय नंदा बल्लभ की तैनाती जम्मू कश्मीर के सांबा सेक्टर में हुई। नौ जुलाई 2002 में नंदा बल्लभ ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। उनके दो पुत्र मनीष और सुरेश पढ़ाई कर रहे हैं।
इस मौके पर शहीद नंदा बल्लभ की पत्नी दीपा और भाई के साथ अन्य लोग मौजूद रहे।
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श्रद्धांजलि सभा में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर बीएस रौतेला ने कहा कि चमोली जिले के कुराड थराली निवासी लांस नायक नंदा बल्लभ आठ भाई-बहनों में दूसरे नंबर के थे। नंदा बल्लभ के पिता हरिदत्त भी सेवानिवृत्त सैनिक थे। वह परिवार सहित बिंदुखत्ता में मकान बनाकर रहने लगे। 1993 में राजकीय इंटर कॉलेज लालकुआं से 10 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वह पिता के नक्शेकदम पर 25 अप्रैल 1994 को भारतीय सेना के गढ़वाल रायफल्स में भर्ती हो गए। ट्रेनिंग के बाद उनकी तैनाती 14 गढ़वाल रायफल्स में कर दी गई। 1998 में नंदा बल्लभ की शादी दीपा के साथ हुई थी। 2002 में भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध के बादल मंडराने लगे। दोनों देशों के सैनिकों की तैनाती सीमा पर होने लगी। उस समय नंदा बल्लभ की तैनाती जम्मू कश्मीर के सांबा सेक्टर में हुई। नौ जुलाई 2002 में नंदा बल्लभ ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। उनके दो पुत्र मनीष और सुरेश पढ़ाई कर रहे हैं।
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इस मौके पर शहीद नंदा बल्लभ की पत्नी दीपा और भाई के साथ अन्य लोग मौजूद रहे।