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अब कैंसर मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा एसटीएच
Updated Fri, 23 Mar 2018 02:03 AM IST
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हल्द्वानी। कैंसर मरीजों को अब डॉक्टरों से परामर्श और रक्त जांच के नमूने देने के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट में बृहस्पतिवार को प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने प्रशामक/उपशामक इलाज (पेलिएटिव केयर) का शुभारंभ किया।
जनवरी में चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, एसटीएच और स्वामी राम कैसर इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में इंस्टीट्यॅट में आने वाले कैंसर रोगियों को रक्त और अन्य जांचों के साथ ही डॉक्टरों से परामर्श लेने के लिए एसटीएच जाने की बात सामने आई थी। कैंसर रोगियों की परेशानी कम करने के लिए नाक, कान, गला, डेंटल, जनरल सर्जरी, महिला एवं प्रसूति विभागों की ओपीडी कक्ष इंस्टीट्यूट में बनाने के निर्देश दिए थे। ईएनटी, महिला एवं प्रसूति, जनरल सर्जरी और डेंटल की ओपीडी के साथ ब्लड कलेक्शन सेंटर का संचालन शुरू हो गया था।
बृहस्पतिवार को एनेस्थिसिया और क्रिटिकल केयर विभाग की प्रशामक/उपशामक इलाज (पेलिएटिव केयर) ओपीडी भी शुरू हो गई। इसका उद्देश्य लाइलाज बीमारी से जूझ रहे मरीज जैसे कैंसर, एड्स, फालिस, डेमेन्शिया (याददाश्त कमजोर होना) बदहवासी, पारकिन्संस और महत्वपूर्ण अंगों जैसे हृदय, गुर्दे, लीवर, फेफड़ों का फेल होना संबंधी को सर्वश्रेष्ठ जीवन शैली प्रदान करना है। एनस्थीसिया विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. गीता भंडारी ने बताया कि पेलिएटिव केयर ओपीडी में बीमारियों से ग्रस्त रोगियों के लिए एक विशेष टीम गठित होती है। इस दौरान एमएस डॉ. अरुण जोशी, डॉ. केसी पांडे, डॉ. निर्दोष पंत, डॉ. कर्नल ज्ञानचंद, डॉ. कौशल, डॉ. शिखा, डॉ. वृतिका, डॉ. पल्लवी चौहान, आलोक उप्रेती आदि थे।
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जनवरी में चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, एसटीएच और स्वामी राम कैसर इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में इंस्टीट्यॅट में आने वाले कैंसर रोगियों को रक्त और अन्य जांचों के साथ ही डॉक्टरों से परामर्श लेने के लिए एसटीएच जाने की बात सामने आई थी। कैंसर रोगियों की परेशानी कम करने के लिए नाक, कान, गला, डेंटल, जनरल सर्जरी, महिला एवं प्रसूति विभागों की ओपीडी कक्ष इंस्टीट्यूट में बनाने के निर्देश दिए थे। ईएनटी, महिला एवं प्रसूति, जनरल सर्जरी और डेंटल की ओपीडी के साथ ब्लड कलेक्शन सेंटर का संचालन शुरू हो गया था।
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बृहस्पतिवार को एनेस्थिसिया और क्रिटिकल केयर विभाग की प्रशामक/उपशामक इलाज (पेलिएटिव केयर) ओपीडी भी शुरू हो गई। इसका उद्देश्य लाइलाज बीमारी से जूझ रहे मरीज जैसे कैंसर, एड्स, फालिस, डेमेन्शिया (याददाश्त कमजोर होना) बदहवासी, पारकिन्संस और महत्वपूर्ण अंगों जैसे हृदय, गुर्दे, लीवर, फेफड़ों का फेल होना संबंधी को सर्वश्रेष्ठ जीवन शैली प्रदान करना है। एनस्थीसिया विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. गीता भंडारी ने बताया कि पेलिएटिव केयर ओपीडी में बीमारियों से ग्रस्त रोगियों के लिए एक विशेष टीम गठित होती है। इस दौरान एमएस डॉ. अरुण जोशी, डॉ. केसी पांडे, डॉ. निर्दोष पंत, डॉ. कर्नल ज्ञानचंद, डॉ. कौशल, डॉ. शिखा, डॉ. वृतिका, डॉ. पल्लवी चौहान, आलोक उप्रेती आदि थे।
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