{"_id":"5a4556934f1c1bc5668b7cc9","slug":"161514493587-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाई फाई हाॅट स्पाॅट पर आधारित होगा वायरलैस ब्राडबैंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाई फाई हाॅट स्पाॅट पर आधारित होगा वायरलैस ब्राडबैंड
Updated Fri, 29 Dec 2017 02:28 AM IST
विज्ञापन
बीएसएनएल 5जी
हल्द्वानी। बीएसएनएल द्वारा निकट भविष्य में शुरू होने वाली वायरलेस ब्राडबैंड सुविधा वाई फाई हाट स्पाट पर आधारित होगी। इससे उपभोक्ताओं को हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा मिल सकेगी। देहरादून और हरिद्वार में वायरलेस ब्राडबैंड के सफल प्रयोग के बाद बीएसएनएल अब इस सेवा को ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले में शुरू करेगा। इसके लिए वर्तमान में सर्वे का कार्य किया जा रहा है।
कुमाऊं में अभी तक ब्राडबैंड सुविधा लेने के लिए लैंडलाइन फोन लेना अनिवार्य है। जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में ब्राडबैंड केबिल न बिछे होने के कारण पहाड़ के कई गांव आज भी ब्राडबैंड सुविधा से वंचित हैं। बीएसएनएल के महाप्रबंधक राणा एके सिंह ने बताया कि वायरलेस ब्राडबैंड सेवा हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर समेत नैनीताल और भीमताल में शुरू करने का विचार है। यह सेवा कहां-कहां शुरू की जा सकती है इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वायरलेस ब्राडबैंड सेवा पूरी तरह से वाई फाई हाट स्पाट पर आधारित है। मोबाइल में डीपीएस की क्षमता निर्धारित होती है जबकि ब्राडबैंड वायरलेस में डीपीएस क्षमता का कोई निर्धारण नहीं है। महाप्रबंधक के मुताबिक लैंडलाइन ब्राडबैंड और वायरलेस ब्राडबैंड दोनों के किराए में कोई अंतर नहीं है, लेकिन इस सुविधा में मोबाइल से अधिक तेजी से इंटरनेट का लाभ मिलेगा। वायरलेस ब्राडबैंड के एक उपकरण से कई लोगों को इंटरनेट कनेक्शन दिया जा सकता है।
विज्ञापन
कुमाऊं में अभी तक ब्राडबैंड सुविधा लेने के लिए लैंडलाइन फोन लेना अनिवार्य है। जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में ब्राडबैंड केबिल न बिछे होने के कारण पहाड़ के कई गांव आज भी ब्राडबैंड सुविधा से वंचित हैं। बीएसएनएल के महाप्रबंधक राणा एके सिंह ने बताया कि वायरलेस ब्राडबैंड सेवा हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर समेत नैनीताल और भीमताल में शुरू करने का विचार है। यह सेवा कहां-कहां शुरू की जा सकती है इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वायरलेस ब्राडबैंड सेवा पूरी तरह से वाई फाई हाट स्पाट पर आधारित है। मोबाइल में डीपीएस की क्षमता निर्धारित होती है जबकि ब्राडबैंड वायरलेस में डीपीएस क्षमता का कोई निर्धारण नहीं है। महाप्रबंधक के मुताबिक लैंडलाइन ब्राडबैंड और वायरलेस ब्राडबैंड दोनों के किराए में कोई अंतर नहीं है, लेकिन इस सुविधा में मोबाइल से अधिक तेजी से इंटरनेट का लाभ मिलेगा। वायरलेस ब्राडबैंड के एक उपकरण से कई लोगों को इंटरनेट कनेक्शन दिया जा सकता है।
विज्ञापन