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तीन माह बाद एनएच पर बसें चालू
Updated Sat, 23 Dec 2017 01:38 AM IST
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ज्योलीकोट (नैनीताल)। ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग एनएच पर नवनिर्मित बैली पुल से आखिरकार तीन माह बाद यात्री बसों का आवागमन शुरू हो गया। शुक्रवार को बड़ी संख्या में केमू, रोडवेज की बसों की आवाजाही से कुमाऊं की जीवनरेखा में फिर से रौनक लौट आई। मालवाहक ट्रकों के लिए आवागमन खोला जाना रिपोर्ट के इंतजार में रोका गया है। यात्री वाहनों का आवागमन शुरू होने से एनएच पर रौनक लौटी है। बैली पुल में सुरक्षित आवागमन के लिए भी इंतजाम किए गए हैं।
इस पुल पर 25 सितंबर को गैस वाहन हादसा हुआ था। इसके बाद कुमाऊं की जीवनरेखा में पिछले तीन महीनों से वाहनों की आवाजाही ठप थी। 26 अक्तूबर को ब्रिटिशकालीन पुल के वीरगति को प्राप्त होने के बाद एनएच द्वारा यहां पर बैली पुल का निर्माण किया गया, जिसे दो दिसंबर को यातायात के लिए खोला गया, लेकिन दूसरे दिन ही पुल के पैनल टेढ़े हो गए। इस कारण इसमें यात्री बसों, भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। निर्माण में भारी रकम खर्च होने के बाद भी खामियों, ज्यादा वक्त लगने से विभाग की प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल असर पड़ा। इस बीच अगरतला त्रिपुरा से आए विशेषज्ञों की देखरेख पुल की पुन: जांच, भार क्षमता का परीक्षण किया गया। शुक्रवार को केमू, रोडवेज की बसों के लिए आवागमन खोल दिया गया। इससे शुक्रवार को इस रूट पर रौनक लौट आई है। पिछले तीन माह से बंद अधिकतर दुकानों में भी कारोबार शुरू हो गया। एनएच के ईई पीसी जोशी ने बताया कि भार परीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार है। उसके बाद इसमें तय मानकों के तहत भारी वाहनों का आवागमन शुरू कराया जाएगा। मानकों के अनुरूप नियंत्रित आवागमन के लिए पुल के दोनों ओर स्पीड ब्रेकर, बैरियर, पुलिस चेकपोस्ट बनाई गई है, जिसमें 24 घंटे पुलिस, एनएच के कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।
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इस पुल पर 25 सितंबर को गैस वाहन हादसा हुआ था। इसके बाद कुमाऊं की जीवनरेखा में पिछले तीन महीनों से वाहनों की आवाजाही ठप थी। 26 अक्तूबर को ब्रिटिशकालीन पुल के वीरगति को प्राप्त होने के बाद एनएच द्वारा यहां पर बैली पुल का निर्माण किया गया, जिसे दो दिसंबर को यातायात के लिए खोला गया, लेकिन दूसरे दिन ही पुल के पैनल टेढ़े हो गए। इस कारण इसमें यात्री बसों, भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। निर्माण में भारी रकम खर्च होने के बाद भी खामियों, ज्यादा वक्त लगने से विभाग की प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल असर पड़ा। इस बीच अगरतला त्रिपुरा से आए विशेषज्ञों की देखरेख पुल की पुन: जांच, भार क्षमता का परीक्षण किया गया। शुक्रवार को केमू, रोडवेज की बसों के लिए आवागमन खोल दिया गया। इससे शुक्रवार को इस रूट पर रौनक लौट आई है। पिछले तीन माह से बंद अधिकतर दुकानों में भी कारोबार शुरू हो गया। एनएच के ईई पीसी जोशी ने बताया कि भार परीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार है। उसके बाद इसमें तय मानकों के तहत भारी वाहनों का आवागमन शुरू कराया जाएगा। मानकों के अनुरूप नियंत्रित आवागमन के लिए पुल के दोनों ओर स्पीड ब्रेकर, बैरियर, पुलिस चेकपोस्ट बनाई गई है, जिसमें 24 घंटे पुलिस, एनएच के कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।
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