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काले बैग में न रखें जैव चिकित्सा अपशिष्ट
Updated Wed, 29 Nov 2017 02:14 AM IST
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हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज में चल रही कार्यशाला के दूसरे दिन मंगलवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डीके जोशी ने कहा कि जैव चिकित्सीय कचरे का उचित प्रबंधन जरूरी है। यह अस्पतालों को ही सुनिश्चित करना है कि कचरे को निर्धारित रंग के बैग में ही रखें।
उन्होंने जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन और हथालन अधिनियम 2016 के बारे में बताया। कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे लोगों को बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन और हथालन के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया। कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सालय में कार्यरत सभी कर्मचारियों, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन, आदि को जैव चिकित्सीय कचरे के प्रबंधन के लिए बुनियादी जानकारी देना है। इस दौरान डॉ. साधना अवस्थी, डॉ. मेहर बानो, डॉ. रेनू खान चंदानी, डॉ. हेमा, डॉ. अमनदीप कौर, डॉ. राजेश कुमार सिंह, अमित दुम्का, आलोक उप्रेती आदि थे।
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उन्होंने जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन और हथालन अधिनियम 2016 के बारे में बताया। कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे लोगों को बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन और हथालन के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया। कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सालय में कार्यरत सभी कर्मचारियों, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन, आदि को जैव चिकित्सीय कचरे के प्रबंधन के लिए बुनियादी जानकारी देना है। इस दौरान डॉ. साधना अवस्थी, डॉ. मेहर बानो, डॉ. रेनू खान चंदानी, डॉ. हेमा, डॉ. अमनदीप कौर, डॉ. राजेश कुमार सिंह, अमित दुम्का, आलोक उप्रेती आदि थे।
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