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नलकूप फुंकने से गहराया पेयजल संकट
Updated Mon, 06 Nov 2017 02:10 AM IST
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हल्द्वानी। शहर से गांव तक रविवार को भी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था चरमराई रही। सिंचाई व जल संस्थान के दो-दो नलकूप फुंकने से करीब 5000 की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जल संस्थान पानी के टैंकर तो भेज रहा है, लेकिन जहां टैंकर नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहां दिक्कतें बढ़ रही हैं।
जल संस्थान के दमुवाढूंगा और देवेंद्रपुरी में दो-दो नलकूप हैं। इन नलकूपों से करीब 1200 की आबादी को पेयजल आपूर्ति की जाती है। दोनों नलकूप पिछले तीन-चार दिनों से फुंके पड़े हैं, क्षेत्रवासी दूसरे मोहल्ले से पानी भरकर दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहे हैं। वहीं जल संस्थान टैंकर तो भेज रहा है, लेकिन इससे हजारों की आबादी के लिए पूर्ति नहीं हो पा रही है। उधर, सिंचाई महकमे के मल्ली बमौरी व जयदेवपुर में भी नलकूप फुंक गया है। दोनों नलकूप फुंकने से करीब 3200-4000 की आबादी के सामने पेयजल संकट गहरा गया है। वहीं गांव में जल संस्थान का टैंकर नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीण 700-800 रुपये चुका कर टैंकर खरीदने को मजबूर हैं। इधर, दोनों ही महकमे के अधिकारियों का कहना है कि नलकूपों की मरम्मत की जा रही है। जल्द ही आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
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जल संस्थान के दमुवाढूंगा और देवेंद्रपुरी में दो-दो नलकूप हैं। इन नलकूपों से करीब 1200 की आबादी को पेयजल आपूर्ति की जाती है। दोनों नलकूप पिछले तीन-चार दिनों से फुंके पड़े हैं, क्षेत्रवासी दूसरे मोहल्ले से पानी भरकर दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहे हैं। वहीं जल संस्थान टैंकर तो भेज रहा है, लेकिन इससे हजारों की आबादी के लिए पूर्ति नहीं हो पा रही है। उधर, सिंचाई महकमे के मल्ली बमौरी व जयदेवपुर में भी नलकूप फुंक गया है। दोनों नलकूप फुंकने से करीब 3200-4000 की आबादी के सामने पेयजल संकट गहरा गया है। वहीं गांव में जल संस्थान का टैंकर नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीण 700-800 रुपये चुका कर टैंकर खरीदने को मजबूर हैं। इधर, दोनों ही महकमे के अधिकारियों का कहना है कि नलकूपों की मरम्मत की जा रही है। जल्द ही आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
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