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नौ वर्षीय बच्चे में मिले जापानी इंसेफेलाइटिस के लक्षण
Updated Sat, 14 Oct 2017 02:10 AM IST
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हल्द्वानी। मिलक, रामपुर निवासी नौ वर्षीय बच्चे में जापानी इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) रोग के लक्षण पाए जाने पर सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मरीज के खून के सैंपल लेकर दिल्ली जांच के लिए भेजे गए हैं। जबकि डेंगू के चार नए रोगियों को भी इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चार मोहल्लों में अभियान चलाकर डेंगू के लार्वा मिलने का दावा किया है।
मिलक रामपुर निवासी नौ वर्षीय छवि को जापानी इंसेफेलाइटिस के संदेह पर एसटीएच में भर्ती कराया गया है। जिला संक्रामक रोग विश्लेषक अधिकारी नंदन कांडपाल ने बताया कि जांच के लिए छवि के खून के नमूने लिए गए हैं। मरीज में जापानी इंसेफेलाइटिस के लक्षण लग रहे हैं। जांच के लिए नमूने एनसीडीसी (नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल) दिल्ली भेजे गए हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. नीलांबर भट्ट ने बताया कि जापानी इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) एक तरह का वायरस है। एडीजी मच्छर के काटने से ये फैलता है। मच्छर का खात्मा ही इससे बचाव का उपाय है। बच्चों के लिए ये ज्यादा घातक होता है।
उधर, कांडपाल के नेतृत्व में कोहली कालोनी, विकास नगर, सद्भावना कालोनी, गरीब बस्ती में अभियान चलाया गया। दावा किया कि 14 घरों में डेंगू के लार्वा मिले हैं। जबकि 374 घरों में फागिंग कराई गई। सवाल ये उठता है कि हल्द्वानी के कई क्षेत्रों से डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम का अभियान कुछ मोहल्लों तक ही क्यों सीमित है। दूसरी ओर एसटीएच के एमएस डॉ. एके पांडे ने बताया कि पंजाबी मोहल्ला ऊधमसिंह नगर निवासी परीक्षित सिंह (23), इंदिरा नगर निवासी सारंग (58), हल्दूचौड़ निवासी मोहन सिंह (58) और आजाद नगर निवासी मोहम्मद फैजान (22) को डेंगू के कारण भर्ती किया गया है।
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मिलक रामपुर निवासी नौ वर्षीय छवि को जापानी इंसेफेलाइटिस के संदेह पर एसटीएच में भर्ती कराया गया है। जिला संक्रामक रोग विश्लेषक अधिकारी नंदन कांडपाल ने बताया कि जांच के लिए छवि के खून के नमूने लिए गए हैं। मरीज में जापानी इंसेफेलाइटिस के लक्षण लग रहे हैं। जांच के लिए नमूने एनसीडीसी (नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल) दिल्ली भेजे गए हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. नीलांबर भट्ट ने बताया कि जापानी इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) एक तरह का वायरस है। एडीजी मच्छर के काटने से ये फैलता है। मच्छर का खात्मा ही इससे बचाव का उपाय है। बच्चों के लिए ये ज्यादा घातक होता है।
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उधर, कांडपाल के नेतृत्व में कोहली कालोनी, विकास नगर, सद्भावना कालोनी, गरीब बस्ती में अभियान चलाया गया। दावा किया कि 14 घरों में डेंगू के लार्वा मिले हैं। जबकि 374 घरों में फागिंग कराई गई। सवाल ये उठता है कि हल्द्वानी के कई क्षेत्रों से डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम का अभियान कुछ मोहल्लों तक ही क्यों सीमित है। दूसरी ओर एसटीएच के एमएस डॉ. एके पांडे ने बताया कि पंजाबी मोहल्ला ऊधमसिंह नगर निवासी परीक्षित सिंह (23), इंदिरा नगर निवासी सारंग (58), हल्दूचौड़ निवासी मोहन सिंह (58) और आजाद नगर निवासी मोहम्मद फैजान (22) को डेंगू के कारण भर्ती किया गया है।
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