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पोल के करंट से किशोरी की मौत
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कालाढूंगी (नैनीताल)। पोल रोकने के लिए लगाए गए स्टे पर फैले करंट की चपेट में आकर किशोरी मौत हो गई। घटना से परिजनों में ऊर्जा निगम के खिलाफ गुस्सा है।
थाने के एसआई सीएस कन्याल ने बताया कि रामनगर के ग्राम पाटकोट निवासी नंदन सिंह जलाल की 14 वर्षीय पुत्री कंचन शुक्रवार को मां हेमा देवी और अन्य ग्रामीणों के साथ गांव के पास स्थित तिगड़िया मंदिर में पूजा करने गई थी। वहां से लौटते समय वह जंगल में बिजली के पोल को रोकने के लिए लगाए गए स्टे में फैले करंट की चपेट में आ गई, जिससे झुलसकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा भर शव पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया।
ऊर्जा निगम के एसडीओ सतीश जोशी का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कंचन के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। कंचन जीआईसी पाटकोट में कक्षा नौ की छात्रा थी। ग्रामीणों ने ऐसी घटनाएं रोकने के लिए बिजली की सभी लाइनों की मरम्मत की मांग की है।
पोल पर फैले करंट से किशोरी की मौत
तिगड़िया मंदिर से पाटकोट लौटते समय हुआ हादसा
पहली घटना का संज्ञान लिया जाता तो बच जाती कंचन
कालाढूंगी (नैनीताल)। ग्रामीणों ने बताया कि तार और पोल के बीच लगी चीनी मिट्टी से बनी डिस्क पंक्चर होने से करंट जमीन तक पहुंचा था। कुछ दिन पहले इसी जगह रामपुर तोक निवासी ग्रामीण का कुत्ता भी करंट लगने से मर गया था। अगर उस घटना का संज्ञान लेकर हाइटेंशन लाइन दुरुस्त कर दी जाती तो कंचन की जान बच सकती थी।
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थाने के एसआई सीएस कन्याल ने बताया कि रामनगर के ग्राम पाटकोट निवासी नंदन सिंह जलाल की 14 वर्षीय पुत्री कंचन शुक्रवार को मां हेमा देवी और अन्य ग्रामीणों के साथ गांव के पास स्थित तिगड़िया मंदिर में पूजा करने गई थी। वहां से लौटते समय वह जंगल में बिजली के पोल को रोकने के लिए लगाए गए स्टे में फैले करंट की चपेट में आ गई, जिससे झुलसकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा भर शव पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया।
ऊर्जा निगम के एसडीओ सतीश जोशी का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कंचन के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। कंचन जीआईसी पाटकोट में कक्षा नौ की छात्रा थी। ग्रामीणों ने ऐसी घटनाएं रोकने के लिए बिजली की सभी लाइनों की मरम्मत की मांग की है।
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पोल पर फैले करंट से किशोरी की मौत
तिगड़िया मंदिर से पाटकोट लौटते समय हुआ हादसा
पहली घटना का संज्ञान लिया जाता तो बच जाती कंचन
कालाढूंगी (नैनीताल)। ग्रामीणों ने बताया कि तार और पोल के बीच लगी चीनी मिट्टी से बनी डिस्क पंक्चर होने से करंट जमीन तक पहुंचा था। कुछ दिन पहले इसी जगह रामपुर तोक निवासी ग्रामीण का कुत्ता भी करंट लगने से मर गया था। अगर उस घटना का संज्ञान लेकर हाइटेंशन लाइन दुरुस्त कर दी जाती तो कंचन की जान बच सकती थी।
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