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कम होगा ईको सेंसटिव जोन का दायरा
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कॉर्बेट नेशनल पार्क बारिश के दिनों में बंद कर दिया जाता है।
- फोटो : अमरउजाला
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रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) की सीमा से दो किमी के क्षेत्र को इको सेंसिटिव जोन (ईएसजेड) घोषित किया गया था। जिसमें बहुत से गांव प्रभावित हो रहे थे। जनता की परेशानी कम करने को अब सरकार ईएसजेड का दायरा आधा करने का मन बना रही है। इसकी कवायद भी सीटीआर प्रशासन ने शुरू कर दी है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देश पर सीटीआर की सीमा के चारों ओर एक किमी तक पांच गांवों को इस दायरे में रखा गया है। इनमें ढेला, ढेला बंदोबस्ती, सांवल्दे पूर्व, सांवल्दे पश्चिमी, ढिकुली गांव शामिल हैं। इन गांवों में रहने वाले ग्रामीणों का पक्ष सुनने के लिए सीटीआर की ओर से नगर पालिका के सभागार में 20 जून को जनसुनवाई रखी है। जनसुनवाई में ग्रामीण सीटीआर प्रशासन को सुझाव, आपत्ति भी लिखित, मौखिक रूप से दे सकते हैं। अब इसके अंतर्गत मात्र एक किमी का क्षेत्र ईएसजेड में लिया जाएगा, जिससे तमाम ग्रामीणों को फायदा होगा। सीटीआर के आसपास 143 प्रक्रिया पर लगी रोक हट सकेगी, जिससे ग्रामीण अपने मकानों के नक्शे पास करा होम लोन भी ले पाएंगे। सीटीआर के निदेशक संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि एक किमी के दायरे में आने वाले गांवों की समस्या को सुनने के लिए जनसुनवाई रखी गई है। जनसुनवाई के दौरान आने वाले सुझावों पर भी विचार किया जाएगा।
कम होगा इको सेंसिटिव जोन का दायरा
पांच गांवों की समस्या सुलझाने को होगी जनसुनवाई
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पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देश पर सीटीआर की सीमा के चारों ओर एक किमी तक पांच गांवों को इस दायरे में रखा गया है। इनमें ढेला, ढेला बंदोबस्ती, सांवल्दे पूर्व, सांवल्दे पश्चिमी, ढिकुली गांव शामिल हैं। इन गांवों में रहने वाले ग्रामीणों का पक्ष सुनने के लिए सीटीआर की ओर से नगर पालिका के सभागार में 20 जून को जनसुनवाई रखी है। जनसुनवाई में ग्रामीण सीटीआर प्रशासन को सुझाव, आपत्ति भी लिखित, मौखिक रूप से दे सकते हैं। अब इसके अंतर्गत मात्र एक किमी का क्षेत्र ईएसजेड में लिया जाएगा, जिससे तमाम ग्रामीणों को फायदा होगा। सीटीआर के आसपास 143 प्रक्रिया पर लगी रोक हट सकेगी, जिससे ग्रामीण अपने मकानों के नक्शे पास करा होम लोन भी ले पाएंगे। सीटीआर के निदेशक संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि एक किमी के दायरे में आने वाले गांवों की समस्या को सुनने के लिए जनसुनवाई रखी गई है। जनसुनवाई के दौरान आने वाले सुझावों पर भी विचार किया जाएगा।
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कम होगा इको सेंसिटिव जोन का दायरा
पांच गांवों की समस्या सुलझाने को होगी जनसुनवाई