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सिंचाई के अभाव में सूख रहा गन्ना और चारा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 29 May 2019 02:01 AM IST
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सिंचाई के अभाव में सूख रहा गन्ना और चारा
कत्यूर घाटी में बारिश से धान की फसल को पहुंची क्षति - फोटो : अमर उजाला
गौला के जलस्तर में आई भारी कमी के चलते किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है। सिंचाई विभाग के लिए नहरों में पानी चलाना मुश्किल हो गया है। रोस्टर से भी पानी नहीं मिल रहा है। किसानों का गन्ना और चारा सूख रहा है। कई नहरें पानी नहीं चलने से सूखी हुई हैं। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता एनसी पांडे ने बताया कि विभाग का सिंचित क्षेत्रफल 15 हजार हेक्टेयर है। इसकी समान रूप से सिंचाई के लिए रोजाना करीब 550 क्यूसेक पानी की जरूरत है। पानी की कमी के कारण रोस्टर से हर चौथे दिन एक नहर में पानी छोड़ा जाता है। इधर, सिंचाई विभाग के गौला बैराज प्रभारी अवर अभियंता कैलाश सिंह बिष्ट ने बताया कि मंगलवार को गौला का जलस्तर 70 क्यूसेक दर्ज किया गया जो दो मई को 100 क्यूसेक था।
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अन्नदाता की पुकार, बिन पानी ठप है कारोबार
सिंचाई के अभाव में सूख रहा गन्ना और चारा, 550 क्यूसेक पानी चाहिए, उपलब्ध है सिर्फ 46 क्यूसेक


15-20 दिन में एक बार किसानों को मिल रहा है पानी
26 दिन में 30 क्यूसेक गिरा गौला का जलस्तर
02 मई को था 100 क्यूसेक, मंगलवार रहा 70 क्यूसेक



पानी नहीं मिलने से क्षेत्र की सिंचाई नहरें सूख गई हैं। इन दिनों गन्ना और चारा बो रखा है लेकिन पानी नहीं मिलने से यह फसल भी सूख रही है। - तारा सिंह प्रधान किशनपुर रैक्वाल गौलापार
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नहरों में 10-15 दिन बाद पानी आ रहा है। उसमें भी सभी किसानों को पानी नहीं मिल रहा है। फसल सूखने से किसान परेशान हैं। - मन्नू सनवाल, रामपुर लामाचौड़
नहरें सूखने से चारा और गन्ने के अलावा जानवरों के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है। नहर के आखिरी छोर के किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। - कमल बिष्ट, लामाचौड़
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धान की पौध के लिए बुआई का समय शुरू होने जा रहा है। समय पर सिंचाई के लिए पानी नहीं मिला तो धान की बुआई भी नहीं हो पाएगी। - हरगोविंद सिंह, गौलापार
चारा, गन्ना सूख रहा है। अभी बोया गया चारा लंबे समय तक काम आता है। जल्द पानी नहीं मिला तो चारे की व्यवस्था करना मुश्किल हो जाएगा। - मुकेश बेलवाल, किशनपुर रैक्वाल

सिंचाई की व्यवस्था
-सिंचाई विभाग के जिलेदार मनीष जोशी ने बताया कि भाबर क्षेत्र की सिंचाई गौला नदी से निकलने वाली दो प्रमुख नहरों के जरिए होती है। इन नहरों से इलाके की 14 ब्रांच नहरों के जरिए किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जाता है। पानी कम होने से टेड एंड के काश्तकारों को पानी नहीं मिल रहा है।
- गौलापार पोषक नहर से पश्चिमी खेड़ा और पूर्वी खेड़ा की दो नहरों में सिंचाई को पानी दिया जाता है। इन नहरों से सेला भाबर, मदनपुर, झूठ पुर, सुंदरपुर, ज्वाला पोखरी।
- गौलावार पोषक नहर से कठघरिया, देवलचौड़, लालकुआं नहरों में पानी छोड़ा जाता है।
कठघरिया से बच्ची नगर, कमलुवागांजा, लोहरियासाल, कुसुमखेड़ा, ईसाई नगर, फतेहपुर, लामाचौड़ नहरों के जरिए सिंचाई होती है।
- देवलचौड़ नहर से आनंदपुर, फुटकुआं, करायल, छड़ायल नहरें चलती हैं।
- लालकुआं नहर से जयपुर, हल्दूचौड़, देवरामपुर, धनपुर, इंद्रपुर क्षेत्र की सिंचाई होती है।

तापमान बढ़ने से गेहूं का उत्पादन 10 प्रतिशत गिरा
भीमताल (नैनीताल)। जिले में फरवरी के अंत और मार्च में तापमान बढ़ने से गेहूं उत्पादन में 10 प्रतिशत की कमी हुई है। जिला कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि जिले में वर्ष 2019-20 में गेहूं के उत्पादन में 10 प्रतिशत की कमी होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि फरवरी के अंत और मार्च में तापमान में अचानक वृद्धि होने से जिले में 23 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में 12 हजार हेक्टेयर और पहाड़ के 11 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई है, जबकि 4500 किसानों ने फसल बीमा कराया है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने बीमा कराया गया है, उन किसानों के वहां जितने प्रतिशत उत्पादन में गिरावट होगी, उन्हें उसी अनुपात में बीमे का क्लेम निर्धारित किया जाएगा।


इधर, गौला बैराज से रोजाना बर्बाद हो रहा 10 क्यूसेक पानी
हल्द्वानी। पेयजल और सिंचाई का एकमात्र स्रोत गौला बैराज के छह में से दो गेट क्षतिग्रस्त हैं। गौला के गेटों के क्षतिग्रस्त होने से रोजाना 10 क्यूसेक पानी बर्बाद हो रहा है। मंगलवार को गौला का जलस्तर 70 क्यूसेक रह गया है। इसमें भी 10 क्यूसेक पानी रिस रहा है। शेष बचे 40 क्यूसेक पानी से पेयजल और सिंचाई की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
गौला बैराज के गेटों की मरम्मत के लिए सिंचाई विभाग के 4.63 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को लोकसभा चुनाव आचार संहिता से पहले मंजूरी मिल चुकी है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता एनसी पांडे ने बताया कि बैराज के गेटों के टूटने से रोजाना करीब 10 क्यूसेक पानी बर्बाद होता है। लेकिन इन दिनों पानी की बर्बादी की रोकथाम के लिए अस्थायी उपाय किए गए हैं। मंगलवार को गौला का जलस्तर 70 क्यूसेक रिकार्ड किया गया। 30 क्यूसेक जलसंस्थान के ट्रीटमेंट को दिया जा रहा है। अब 40 क्यूसेक पानी ही सिंचाई के लिए बचा है। इसमें से 10 क्यूसेक बर्बाद होने से नहरों में पानी की काफी कमी हो गई है।


गौला बैराज के गेटों की मरम्मत के प्रस्ताव को शासन स्तर पर मंजूरी मिल चुकी है। विभागाध्यक्ष के स्तर पर तकनीकी एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इसे मंजूरी मिल गई है। चुनाव आचार संहिता की वजह से धनराशि नहीं मिली है। अब जल्द धनराशि मिलने की उम्मीद है। धनराशि मिलते ही गेटों की मरम्मत करा दी जाएगी।
- मोहन चंद्र पांडे, मुख्य अभियंता सिंचाई विभाग।


पानी के लिए खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन
हल्द्वानी। पेयजल किल्लत से परेशान जगदंबा नगर जय दुर्गा कालोनी और नई बस्ती गोपाल मंदिर में क्षेत्रवासियों ने खाली बर्तन हाथ में लेकर प्रदर्शन किया। नई बस्ती गोपाल मंदिर, जगदंबा नगर जय दुर्गा कालोनी, कुल्यालपुरा, तल्ली हल्द्वानी, जगदंबिका विहार, भगवानपुर तल्ला, आरके टेंट रोड, दमुवाढूंगा, तल्ली बमौरी बंदोबस्ती में पेयजल का गंभीर संकट बना है। गौलापार में कालीचौड़ के पास स्रोत की लाइन टूटने से खेड़ा, सुलतान नगरी और कालीचौड़ इलाके में भी पेयजल किल्लत बनी है। छड़ायल, करायल चतुर सिंह, आरटीओ रोड, कठघरिया, डिग्री कालेज के पास, डीएम कैंप कार्यालय के पास पेयजल लाइनों के लीक होने से लोगों को गंभीर पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। जलसंस्थान के सहायक अभियंता चंदन देवड़ी ने बताया कि जगदंबा नगर में नलकूप सुबह खराब हुई है। उसकी मरम्मत शुरू कराई गई है। अधिशासी अभियंता विशाल कुमार सक्सेना के अनुसार लीकेज ठीक कराने पर फोकस है। खराब नलकूप को भी जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाएगा।

बमोरी नलकूप हुआ ठीक
हल्द्वानी। तल्ली बमोरी खाम का नलकूप दुरुस्त कर दिया गया है। जलसंस्थान के ईई विशाल सक्सेना ने बताया कि यह नलकूप पांच दिन पूर्व खराब हो गया था। आज नलकूप ठीक कर क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी गई है।

नई बस्ती गोपाल मंदिर में प्रदर्शन करने वालों में वार्ड 27 के पार्षद रोहित कुमार, जीशान खान, आयशा बी, मेहरुन्निशा, संजीदी बेगम, गुड्डू, अलीना अंसारी, शबनम अंसारी, उज्ज्वल चौहान, लवली मैसी, कुनाल आदि थे। इधर वार्ड आठ के पार्षद रवि वाल्मीकि के नेतृत्व में लोगों ने शीघ्र पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की।
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